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Faridabad News: घटता विटामिन कैल्शियम बढ़ा रहा महिलाओं में गठिया रोग
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हेमलता रावत
बल्लभगढ़। इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में लोगों के पास अपने स्वास्थ्य को लेकर समय नहीं है। जिसके कारण वह गंभीर बीमारी का शिकार हो रहे हैं। अगर समय निकाल कर सुबह-शाम को व्यायाम नहीं करते है तो गठिया बीमारी से भी ग्रस्त हो सकते हैं। यह काफी गंभीर बीमारी है। यह बीमारी 45 साल की उम्र के बाद महिलाओं में ज्यादा देखने को मिल रही है। इसका मुख्य कारण कैल्शियम और विटामिन का सेवन न करना है।
बीके अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि शंकर गौड़ ने बताया कि उनकी ओपीडी में हर रोज 200 से 250 मरीज उपचार करवाने के लिए आते हैं। जिसमें से 30 प्रतिशत मरीज ऑस्टियो आर्थराइटिस के आ रहे हैं। यह बीमारी पुरुषों में भी देखी जा रही है क्योंकि पुरुष अपनी दिनचर्या में इतने ज्यादा व्यस्त हैं कि उनके पास व्यायाम करने के लिए समय नहीं है। जिसकी वजह से मोटापे और अन्य बीमारी को शिकार हो रहे हैं। मोटापा ही गठिया बीमारी को जन्म देता है। वहीं, 45 साल की उम्र के बाद महिलाओं कैल्शियम और विटामिन की काफी कमी हो जाती है। जिसके चलते वह गठिया से ग्रस्त हो जाती हैं। इसलिए 45 साल की उम्र के बाद महिलाओं को कैल्शियम और विटामिन का सेवन करना अनिवार्य होता है। संवाद
यह व्यायाम कर बचा जा सकता है बीमारी से
डॉ. रवि शंकर गौड़ ने बताया है कि अगर महिलाओं के पास व्यायाम करने का समय नहीं है तो वह घरेलू कार्य करते वक्त जांघ की हड्डी के आगे व पीछे की तरह वाली एक्साइज कर सकती हैं। इस एक्साइज से कोई भी व्यक्ति कभी भी गठिया से ग्रस्त नहीं होगा। क्योंकि यह बीमारी जांघ के जरिए पूरे पैरों और घुटनों तक जाती है।
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बदलते लाइफस्टाइल के कारण बढ़े रहे मरीज
निजी अस्पताल के डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि ठंड का मौसम शुरू होने के साथ ही अस्पताल में गठिया के मरीजों की संख्या भी बढ़नी शुरू हो जाएगी। आर्थराइटिस के सही कारणों का पता लगाना जरूरी है क्योंकि 50 से भी अधिक प्रकार के आर्थराइटिस रोग होते हैं। जिसके चलते उन्हें लंबे समय तक स्क्रीन के सामने रहना पड़ता है। ऐसे में सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस और जोड़ों में जकड़न की समस्या समय से पहले ही हो जाती है।
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बल्लभगढ़। इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में लोगों के पास अपने स्वास्थ्य को लेकर समय नहीं है। जिसके कारण वह गंभीर बीमारी का शिकार हो रहे हैं। अगर समय निकाल कर सुबह-शाम को व्यायाम नहीं करते है तो गठिया बीमारी से भी ग्रस्त हो सकते हैं। यह काफी गंभीर बीमारी है। यह बीमारी 45 साल की उम्र के बाद महिलाओं में ज्यादा देखने को मिल रही है। इसका मुख्य कारण कैल्शियम और विटामिन का सेवन न करना है।
बीके अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि शंकर गौड़ ने बताया कि उनकी ओपीडी में हर रोज 200 से 250 मरीज उपचार करवाने के लिए आते हैं। जिसमें से 30 प्रतिशत मरीज ऑस्टियो आर्थराइटिस के आ रहे हैं। यह बीमारी पुरुषों में भी देखी जा रही है क्योंकि पुरुष अपनी दिनचर्या में इतने ज्यादा व्यस्त हैं कि उनके पास व्यायाम करने के लिए समय नहीं है। जिसकी वजह से मोटापे और अन्य बीमारी को शिकार हो रहे हैं। मोटापा ही गठिया बीमारी को जन्म देता है। वहीं, 45 साल की उम्र के बाद महिलाओं कैल्शियम और विटामिन की काफी कमी हो जाती है। जिसके चलते वह गठिया से ग्रस्त हो जाती हैं। इसलिए 45 साल की उम्र के बाद महिलाओं को कैल्शियम और विटामिन का सेवन करना अनिवार्य होता है। संवाद
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यह व्यायाम कर बचा जा सकता है बीमारी से
डॉ. रवि शंकर गौड़ ने बताया है कि अगर महिलाओं के पास व्यायाम करने का समय नहीं है तो वह घरेलू कार्य करते वक्त जांघ की हड्डी के आगे व पीछे की तरह वाली एक्साइज कर सकती हैं। इस एक्साइज से कोई भी व्यक्ति कभी भी गठिया से ग्रस्त नहीं होगा। क्योंकि यह बीमारी जांघ के जरिए पूरे पैरों और घुटनों तक जाती है।
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बदलते लाइफस्टाइल के कारण बढ़े रहे मरीज
निजी अस्पताल के डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि ठंड का मौसम शुरू होने के साथ ही अस्पताल में गठिया के मरीजों की संख्या भी बढ़नी शुरू हो जाएगी। आर्थराइटिस के सही कारणों का पता लगाना जरूरी है क्योंकि 50 से भी अधिक प्रकार के आर्थराइटिस रोग होते हैं। जिसके चलते उन्हें लंबे समय तक स्क्रीन के सामने रहना पड़ता है। ऐसे में सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस और जोड़ों में जकड़न की समस्या समय से पहले ही हो जाती है।