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40 दिन के औसत पर करीब दो लाख लोगों की जांच न
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फरीदाबाद। कोरोना संक्रमण के मामले बेहद कम हो गए हैं। वहीं, मृतकों के आंकड़ों पर भी बीते दो दिन से लगाम लगी है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग इसे राहत का संदेश मानते हुए बीते लगभग 40 दिनों में की गई कोरोना जांच को भी टीम वर्क का भाग मान रहा है। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि संक्रमण रोकने के प्रयास और बढ़ती जांच के साथ दूसरी लहर को काबू करने में लगभग सफलता हाथ लग गई है।
विभागीय दावे के अनुसार, बीते करीब 40 दिन में करीब दो लाख लोगों की जांच जिले में की गई है। मई माह की शुरुआत से मंगलवार तक जिले में कुल एक लाख 95 हजार 683 लोगों की कोरोना जांच की जा चुकी है। इस दौरान औसतन एक दिन में करीब तीन हजार लोगों की जांच की गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. रणदीप सिंह पुनिया का दावा है कि समय पर जांच से अधिक से अधिक संक्रमितों की पहचान समय रहते की गई। इससे मामले तो बढ़े लेकिन संक्रमण को काबू करने में वक्त नहीं लगा।
रैपिड और आरटीपीसीआर साथ-साथ जारी
बीते 40 दिन में रैपिड व आरटीपीसीआर जांच साथ-साथ जारी रही। विभाग ने लक्षण वाले मरीजों की जांच प्राथमिक स्तर पर एंटीजन के जरिए ही की। वहीं, आरटीपीसीआर जांच भी जारी रही। बीच में कई बार संक्रमितों को समय पर जांच रिपोर्ट न मिलने की शिकायत जरूर रही, हालांकि, उसे प्रशासनिक तौर पर संभाल लिया गया। मई माह में मुख्यमंत्री ने जांच का दायरा बढ़ाने के आदेश अधिकारियों को दिए थे। इस दौरान हर दिन दस हजार लोगों की जांच के आदेश रहे। ऐसे में मई माह में करीब 15 दिन जांच का दायरा हर दिन 8 से 9 हजार के बीच रहा। स्वास्थ्य विभाग मंगलवार तक जिले में 8 लाख 71 हजार 619 सैंपल ले चुका है। इनमें से 1 लाख 70 हजार 801 सैंपल अकेले मई माह में लिए गए हैं। वहीं, जून के बीते आठ दिनों में 27 हजार लोगों की जांच की जा चुकी है।
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सिविल अस्पताल में शुरू हुई लैब तो मिली सुविधा
लोगों को आरटीपीसीआर सैंपल की जांच रिपोर्ट जल्द से जल्द मिल सके, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग बीके सिविल अस्पताल में राजकीय स्तर पर लैब स्थापित की गई है। शुरुआत में इस लैब में रोजाना 100 सैंपल की जांच हो रही थी। मौजूदा समय में लैब की जांच क्षमता चार गुना कर 400 सैंपल की जांच हर दिन की जा रही है। डॉ. रणदीप सिंह पुनिया का दावा है कि स्वास्थ्य विभाग की क्षमताएं इतनी विकसित कर ली जाएंगी कि तीसरी लहर का प्रकोप न पड़े।
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विभागीय दावे के अनुसार, बीते करीब 40 दिन में करीब दो लाख लोगों की जांच जिले में की गई है। मई माह की शुरुआत से मंगलवार तक जिले में कुल एक लाख 95 हजार 683 लोगों की कोरोना जांच की जा चुकी है। इस दौरान औसतन एक दिन में करीब तीन हजार लोगों की जांच की गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. रणदीप सिंह पुनिया का दावा है कि समय पर जांच से अधिक से अधिक संक्रमितों की पहचान समय रहते की गई। इससे मामले तो बढ़े लेकिन संक्रमण को काबू करने में वक्त नहीं लगा।
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रैपिड और आरटीपीसीआर साथ-साथ जारी
बीते 40 दिन में रैपिड व आरटीपीसीआर जांच साथ-साथ जारी रही। विभाग ने लक्षण वाले मरीजों की जांच प्राथमिक स्तर पर एंटीजन के जरिए ही की। वहीं, आरटीपीसीआर जांच भी जारी रही। बीच में कई बार संक्रमितों को समय पर जांच रिपोर्ट न मिलने की शिकायत जरूर रही, हालांकि, उसे प्रशासनिक तौर पर संभाल लिया गया। मई माह में मुख्यमंत्री ने जांच का दायरा बढ़ाने के आदेश अधिकारियों को दिए थे। इस दौरान हर दिन दस हजार लोगों की जांच के आदेश रहे। ऐसे में मई माह में करीब 15 दिन जांच का दायरा हर दिन 8 से 9 हजार के बीच रहा। स्वास्थ्य विभाग मंगलवार तक जिले में 8 लाख 71 हजार 619 सैंपल ले चुका है। इनमें से 1 लाख 70 हजार 801 सैंपल अकेले मई माह में लिए गए हैं। वहीं, जून के बीते आठ दिनों में 27 हजार लोगों की जांच की जा चुकी है।
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सिविल अस्पताल में शुरू हुई लैब तो मिली सुविधा
लोगों को आरटीपीसीआर सैंपल की जांच रिपोर्ट जल्द से जल्द मिल सके, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग बीके सिविल अस्पताल में राजकीय स्तर पर लैब स्थापित की गई है। शुरुआत में इस लैब में रोजाना 100 सैंपल की जांच हो रही थी। मौजूदा समय में लैब की जांच क्षमता चार गुना कर 400 सैंपल की जांच हर दिन की जा रही है। डॉ. रणदीप सिंह पुनिया का दावा है कि स्वास्थ्य विभाग की क्षमताएं इतनी विकसित कर ली जाएंगी कि तीसरी लहर का प्रकोप न पड़े।