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Faridabad News: मोहना पुल से कूदे फिजियोथेरेपिस्ट का शव 10 दिन बाद बरामद
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- यमुना का जलस्तर घटने पर खेतों में मिला शव, परिजन और ग्रामीणों ने कपड़ों से की पहचान
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। यमुना नदी में आई बाढ़ के दौरान मोहना पुल से कूदने वाले फिजियोथेरेपिस्ट इंद्रजीत का शव घटना के दस दिन बाद बरामद हुआ है। नदी का जलस्तर कम होने पर शव पुल से लगभग 15 किलोमीटर दूर खेतों में मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। मिली जानकारी के अनुसार, 38 वर्षीय इंद्रजीत, जो हुड्डा सेक्टर-2 पलवल का निवासी था, छह सितंबर को अपनी पत्नी रेखा और तीन बेटियों के साथ कार से घूमने निकला था। शाम के समय वह मोहना गांव स्थित यमुना पुल पर पहुंचा और अचानक गाड़ी रोककर खिड़की खोल दी। इससे पहले कि परिवार या आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उसने पुल से छलांग लगा दी।
घटना के बाद एनडीआरएफ की टीम और पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी रही, लेकिन शव का कोई सुराग नहीं मिला। परिजन भी दिन-रात खोज में लगे रहे। आखिरकार 16 सितंबर की शाम को पहलादपुर के किसान जब खेत देखने पहुंचे तो उन्हें पानी में बहकर आए कपड़े दिखाई दिए। पास जाकर देखा तो वह शव था। कपड़ों से पहचान होने पर मृतक के रिश्तेदारों ने इसकी सूचना परिवार और पुलिस को दी। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और जिला नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया। इसके बाद 17 सितंबर को शव परिजनों को सौंप दिया गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। यमुना नदी में आई बाढ़ के दौरान मोहना पुल से कूदने वाले फिजियोथेरेपिस्ट इंद्रजीत का शव घटना के दस दिन बाद बरामद हुआ है। नदी का जलस्तर कम होने पर शव पुल से लगभग 15 किलोमीटर दूर खेतों में मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। मिली जानकारी के अनुसार, 38 वर्षीय इंद्रजीत, जो हुड्डा सेक्टर-2 पलवल का निवासी था, छह सितंबर को अपनी पत्नी रेखा और तीन बेटियों के साथ कार से घूमने निकला था। शाम के समय वह मोहना गांव स्थित यमुना पुल पर पहुंचा और अचानक गाड़ी रोककर खिड़की खोल दी। इससे पहले कि परिवार या आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उसने पुल से छलांग लगा दी।
घटना के बाद एनडीआरएफ की टीम और पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी रही, लेकिन शव का कोई सुराग नहीं मिला। परिजन भी दिन-रात खोज में लगे रहे। आखिरकार 16 सितंबर की शाम को पहलादपुर के किसान जब खेत देखने पहुंचे तो उन्हें पानी में बहकर आए कपड़े दिखाई दिए। पास जाकर देखा तो वह शव था। कपड़ों से पहचान होने पर मृतक के रिश्तेदारों ने इसकी सूचना परिवार और पुलिस को दी। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और जिला नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया। इसके बाद 17 सितंबर को शव परिजनों को सौंप दिया गया।
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