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डीसीपी ने गोली मारकर की आत्महत्या
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डीसीपी विक्रम कपूर की फाइल फोटो
- फोटो : Faridabad
डीसीपी ने गोली मारकर की आत्महत्या
फरीदाबाद। डीसीपी एनआईटी विक्रम कपूर ने बुधवार सुबह सेक्टर-31 पुलिस लाइन स्थित अपने सरकारी आवास में सुरक्षाकर्मी की पिस्तौल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना के समय उनकी पत्नी और बेटा सो रहे थे। मौके से मिले एक सुसाइड नोट में डीसीपी ने भूपानी थाना प्रभारी अब्दुल शहीद द्वारा ब्लैकमेल करने की बात लिखी है। इसके अलावा सतीश मलिक नाम के एक व्यक्ति द्वारा भी उन्हें परेशान किए जाने की बात उनके बेटे ने एफआईआर में लिखवाई है। पुलिस ने आरोपी इंस्पेक्टर समेत दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। दोनों से कड़ी पूछताछ की जा रही है।
मूलरूप से करनाल निवासी डीसीपी विक्रम कपूर करीब तीन साल से फरीदाबाद में तैनात थे। वह रोज सुबह 5 बजे सैर करने जाते थे। उनके बड़े बेटे अर्जुन कपूर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि बुधवार को भी वह 5 बजे उठ गए थे। उस समय उसकी मां नीलम और वह सो रहे थे। करीब छह बजे गोली चलने की आवाज से उनकी नींद खुली। दोनों ड्राइंग रूम में पहुंचे, तो देखा कि पिता विक्रम कपूर सोफे पर मृत पड़े हैं। पिस्तौल उनके दाएं हाथ के पास सोफे पर पड़ी थी। डीसीपी की आत्महत्या की खबर सुनते ही पुलिस के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक जांच में पता चला कि डीसीपी ने अपने मुंह में पिस्तौल की नाल रखकर गोली चलाई, जोकि सिर के पीछे से निकल गई।
मौके पर पुलिस आयुक्त संजय कुमार के अलावा डीसीपी क्राइम राजेश कुमार सहित कई अन्य अधिकारी पहुंच गए। पुलिस ने मौके से एक सुसाइड नोट बरामद किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि मैं इंस्पेक्टर अब्दुल की वजह से ऐसा कर रहा हूं, अब्दुल ब्लैकमेल कर रहा था। इस मामले में डीसीपी के बेटे अर्जुन कपूर ने इंस्पेक्टर अब्दुल शहीद के साथ ही सतीश मलिक नाम के व्यक्ति के खिलाफ पिता को परेशान किए जाने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने इंस्पेक्टर अब्दुल शहीद व सतीश को हिरासत में ले लिया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है। थाना सेक्टर-31 पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया। शाम को मवई रोड स्थित स्वर्ग आश्रम में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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फरीदाबाद। डीसीपी एनआईटी विक्रम कपूर ने बुधवार सुबह सेक्टर-31 पुलिस लाइन स्थित अपने सरकारी आवास में सुरक्षाकर्मी की पिस्तौल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना के समय उनकी पत्नी और बेटा सो रहे थे। मौके से मिले एक सुसाइड नोट में डीसीपी ने भूपानी थाना प्रभारी अब्दुल शहीद द्वारा ब्लैकमेल करने की बात लिखी है। इसके अलावा सतीश मलिक नाम के एक व्यक्ति द्वारा भी उन्हें परेशान किए जाने की बात उनके बेटे ने एफआईआर में लिखवाई है। पुलिस ने आरोपी इंस्पेक्टर समेत दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। दोनों से कड़ी पूछताछ की जा रही है।
मूलरूप से करनाल निवासी डीसीपी विक्रम कपूर करीब तीन साल से फरीदाबाद में तैनात थे। वह रोज सुबह 5 बजे सैर करने जाते थे। उनके बड़े बेटे अर्जुन कपूर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि बुधवार को भी वह 5 बजे उठ गए थे। उस समय उसकी मां नीलम और वह सो रहे थे। करीब छह बजे गोली चलने की आवाज से उनकी नींद खुली। दोनों ड्राइंग रूम में पहुंचे, तो देखा कि पिता विक्रम कपूर सोफे पर मृत पड़े हैं। पिस्तौल उनके दाएं हाथ के पास सोफे पर पड़ी थी। डीसीपी की आत्महत्या की खबर सुनते ही पुलिस के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक जांच में पता चला कि डीसीपी ने अपने मुंह में पिस्तौल की नाल रखकर गोली चलाई, जोकि सिर के पीछे से निकल गई।
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मौके पर पुलिस आयुक्त संजय कुमार के अलावा डीसीपी क्राइम राजेश कुमार सहित कई अन्य अधिकारी पहुंच गए। पुलिस ने मौके से एक सुसाइड नोट बरामद किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि मैं इंस्पेक्टर अब्दुल की वजह से ऐसा कर रहा हूं, अब्दुल ब्लैकमेल कर रहा था। इस मामले में डीसीपी के बेटे अर्जुन कपूर ने इंस्पेक्टर अब्दुल शहीद के साथ ही सतीश मलिक नाम के व्यक्ति के खिलाफ पिता को परेशान किए जाने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने इंस्पेक्टर अब्दुल शहीद व सतीश को हिरासत में ले लिया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है। थाना सेक्टर-31 पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया। शाम को मवई रोड स्थित स्वर्ग आश्रम में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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