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Faridabad News: मैदान की धूल में जर्सी के ख्वाब बुनतीं बेटियां
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जिले की महिला क्रिकेटरों पर विश्व कप चढ़ा खुमार
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। महिला टी-20 विश्व कप का खुमार इन दिनों जिले की महिला क्रिकेटरों के सिर चढ़कर बोल रहा है। टीवी पर भारतीय टीम को खेलते देख मैदान पर अभ्यास कर रही बेटियों का हौसला दोगुना हो रहा है। भारतीय टीम की नीली जर्सी पहनने का सपना आंखों में संजोए ये खिलाड़ी मैदान पर जमकर पसीना बहा रही हैं। तपती धूप, सीमित संसाधन और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद बेटियों का जज्बा कम नहीं हो रहा है। उनका सपना देश की जर्सी में खेलना है।
सबसे खास बात यह है कि ये बेटियां खेल के साथ-साथ अपनी पढ़ाई से भी कोई समझौता नहीं कर रही हैं। कड़े अनुशासन के साथ वे दिन में 7 से 8 घंटे मैदान पर कड़ा अभ्यास करती हैं। कोई मिताली राज की तरह क्लासिक क्रिकेट खेलना सीख रही है, तो कोई रिचा घोष की तरह मैदान पर चौके-छक्कों की बरसात करना चाहती हैं।
खिलाड़ियों से बातचीत
मेरा सपना देश के लिए खेलना है। मैं मिताली राज को अपना आदर्श मानती हूं।- रियाना
मुझे रिचा घोष की आक्रामक बल्लेबाजी बहुत पसंद है। मैं उनकी तरह ही टीम के लिए मैच फिनिश करना चाहती हूं।-मुस्कान
पढ़ाई और 7 घंटे की सख्त ट्रेनिंग को संभालना मुश्किल जरूर है। जब लक्ष्य भारतीय टीम की जर्सी पहनना हो, तो थकान महसूस नहीं होती।- खुशबू
विश्व कप का हर मैच देखकर मैं नई तकनीक सीख रही हूं। सीनियर खिलाड़ियों को देखकर अपनी कमियों को सुधार रही हूं।- शिवी शर्मा
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। महिला टी-20 विश्व कप का खुमार इन दिनों जिले की महिला क्रिकेटरों के सिर चढ़कर बोल रहा है। टीवी पर भारतीय टीम को खेलते देख मैदान पर अभ्यास कर रही बेटियों का हौसला दोगुना हो रहा है। भारतीय टीम की नीली जर्सी पहनने का सपना आंखों में संजोए ये खिलाड़ी मैदान पर जमकर पसीना बहा रही हैं। तपती धूप, सीमित संसाधन और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद बेटियों का जज्बा कम नहीं हो रहा है। उनका सपना देश की जर्सी में खेलना है।
सबसे खास बात यह है कि ये बेटियां खेल के साथ-साथ अपनी पढ़ाई से भी कोई समझौता नहीं कर रही हैं। कड़े अनुशासन के साथ वे दिन में 7 से 8 घंटे मैदान पर कड़ा अभ्यास करती हैं। कोई मिताली राज की तरह क्लासिक क्रिकेट खेलना सीख रही है, तो कोई रिचा घोष की तरह मैदान पर चौके-छक्कों की बरसात करना चाहती हैं।
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खिलाड़ियों से बातचीत
मेरा सपना देश के लिए खेलना है। मैं मिताली राज को अपना आदर्श मानती हूं।- रियाना
मुझे रिचा घोष की आक्रामक बल्लेबाजी बहुत पसंद है। मैं उनकी तरह ही टीम के लिए मैच फिनिश करना चाहती हूं।-मुस्कान
पढ़ाई और 7 घंटे की सख्त ट्रेनिंग को संभालना मुश्किल जरूर है। जब लक्ष्य भारतीय टीम की जर्सी पहनना हो, तो थकान महसूस नहीं होती।- खुशबू
विश्व कप का हर मैच देखकर मैं नई तकनीक सीख रही हूं। सीनियर खिलाड़ियों को देखकर अपनी कमियों को सुधार रही हूं।- शिवी शर्मा