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Faridabad News: कूड़ा जलाने की घटनाओं पर रोक लगाना निगम के लिए चुनौती

Sun, 27 Sep 2026 12:14 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 27 Sep 2026 12:14 AM IST
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Curbing incidents of garbage burning is a challenge for the municipal corporation.
ग्रेप की कितनी तैयारी-4
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कचरा जलाने से रोकने में सक्षम नहीं निगम का अमला
शहर में हर रोज जल रहा कचरा, धुएं से बढ़ रहा प्रदूषण, कागजी कार्रवाई तक सीमित है निगम प्रशासन
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। प्रदूषण बढ़ाने वाले प्रमुख कारकों में कूड़ा जलाना भी शामिल है, लेकिन नगर निगम प्रशासन इसे रोकने में प्रभावी साबित नहीं हो रहा है। शहर में रोजाना कूड़े के ढेरों में आग लगने से धुआं फैल रहा है। यदि कूड़ा जलाने पर रोक नहीं लगी तो आने वाले दिनों में कूड़े के ढेरों में लगने वाली आग की वजह से प्रदूषण का स्तर और बढ़ जाएगा।
हर साल प्रदूषण का स्तर बढ़ने के बाद एक अक्तूबर से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) लागू हो जाता है। इसके साथ ही कूड़ा जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए निगम प्रशासन कवायद करता है।
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नगर निगम कूड़ा जलाने की घटनाओं पर निगरानी के लिए विशेष टीमें गठित करता है। कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाती है और कूड़ा जलाने वालों पर कार्रवाई के निर्देश जारी किए जाते हैं। इसके बावजूद शहर में खुले में कूड़ा जलाने की घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं। इससे साफ है कि निगम की कार्रवाई कागजों से निकलकर जमीन पर प्रभावी रूप से नहीं पहुंच पा रही है।
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दुकानदारों से लेकर सफाई कर्मचारी तक जला रहे कचरा
शहर में कूड़ा जलाने की समस्या केवल आम लोगों तक सीमित नहीं है। लोगों का आरोप है कि कई जगह नगर निगम के सफाई कर्मचारी भी कूड़ा एकत्रित कर उसे निर्धारित स्थान तक पहुंचाने के बजाय आग के हवाले कर देते हैं। इससे कूड़े के साथ प्लास्टिक और अन्य सामग्री भी जलती है, जिससे धुआं निकलता है। पार्कों में पेड़-पौधों की कटाई और सफाई के बाद जमा होने वाले वानिकी कचरे को भी कई बार जला दिया जाता है। वहीं, कई दुकानदार सुबह दुकानों के सामने सफाई करने के बाद एकत्रित कचरे में आग लगा देते हैं। बाजारों और रिहायशी क्षेत्रों में कूड़ा जलने से आसपास रहने वाले लोगों को धुएं और दुर्गंध का सामना करना पड़ता है।
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कूड़ा उठान व्यवस्था भी बनी वजह
शहर में हर घर से कूड़ा उठाने की व्यवस्था भी पूरी तरह सुचारु नहीं हो पाई है। घरों से नियमित कूड़ा नहीं उठने और जगह-जगह कूड़े के ढेर जमा होने से समस्या और गंभीर हो रही है। कई स्थानों पर लोग इन ढेरों में ही आग लगा देते हैं। ऐसे में कूड़ा जलाने पर कार्रवाई के साथ-साथ नियमित कूड़ा उठान व्यवस्था को दुरुस्त करना भी जरूरी है। गत वर्ष नगर निगम प्रशासन ने कूड़ा जलाने की घटनाओं पर नजर रखने और रोकथाम के लिए 72 से अधिक कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई थी। इसके बावजूद शहर में कई स्थानों पर कूड़ा जलता रहा। इस बार भी ग्रेप लागू होने से पहले निगम को कूड़ा जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस व्यवस्था करनी होगी।
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शहर में प्रदूषण का स्तर बढ़ने से रोकने के लिए कूड़ा जलाने पर रोक जरूरी है। इसके लिए निगम प्रशासन को सख्ती बढ़ानी चाहिए। शहर में हर रोज कूड़ा जलाया जा रहा है। इसको रोका जाना चाहिए। - रघु, सेक्टर-दो
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कूड़ा जलाने की समस्या शहर में ही नहीं गांवों में भी है। कूड़ा उठाने की व्यवस्था न होने से लोगों को दिक्कत आ रही है। गांवों में भी कूड़ा जलाने की समस्या है। इस पर रोक लगाने की जरूरत है।-आनंद, फतेहपुर बिल्लौच
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शहर में कूड़ा जलाने के साथ कबाड़ में भी आग लगाई जा रही है। इससे प्रदूषण बढ़ रहा है। इस समस्या पर रोक लगाई जानी चाहिए। जब तक कूड़ा जलाने पर रोक नहीं लगेगी, तब तक प्रदूषण बरकरार रहेगा। - रविकांत, संजय कॉलोनी

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शहर में चाय के खोखो से लेकर दुकानों पर कूड़ा जलाया जा रहा है। वहीं कूड़ा न उठने पर भी अज्ञात लोग कूड़े के ढेरों में आग लगा रहे हैं। प्रशासन को कूड़ा जलाने पर रोक लगानी चाहिए । - अंकित त्यागी, सेक्टर-70
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