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Faridabad News: स्लम और झुग्गी बस्तियों के विकास पर खर्च किया जाएगा सीएसआर फंड

Sat, 28 Mar 2026 11:21 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 28 Mar 2026 11:21 PM IST
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CSR fund to be spent on development of slums and slums
फरीदाबाद स्थित कॉलोनी की फाइल फोटो
नगर निगम की बजट बैठक के बाद खुली विकास की राह, सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट सहित कई काम हो सकेंगे
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10-15 दिन में सदन बैठक में लंबित प्रस्तावों पर होगा मंथन
मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। नगर निगम की बजट बैठक के बाद शहर के प्रमुख इलाकों के साथ स्लम और झुग्गी बस्तियों के जमीनी विकास का रास्ता भी साफ हो गया है। बैठक में इस पर सहमति बनी कि फरीदाबाद की औद्योगिक इकाइयों के कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) फंड का इस्तेमाल अब मलिन बस्तियों में सड़क, नाली, पेयजल लाइन, स्ट्रीट लाइट, सामुदायिक शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाओं के निर्माण में किया जाएगा। यह फैसला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि शहर की कई झुग्गी और कच्ची बस्तियां ऐसी जमीन पर बसी हैं जहां नियमित कॉलोनी का दर्जा न होने से निगम सीधे विकास कार्य कराने में बाधा महसूस करता रहा है। ऐसे में सीएसआर मॉडल इन इलाकों के लिए राहत का नया रास्ता बन सकता है।

बैठक में दूसरा बड़ा मुद्दा शहर के करीब 150 साप्ताहिक बाजारों को तहबाजारी के तहत शुल्क लेकर नियमित करने का रहा। निगम की प्रारंभिक योजना थी कि इन बाजारों से निर्धारित शुल्क लेकर उन्हें वैध ढांचे में लाया जाए लेकिन नियमों की समीक्षा में सामने आया कि मौजूदा प्रावधान तहबाजारी को मुख्य रूप से त्योहारों, मेलों या विशेष अवसरों तक सीमित रखते हैं। नियमित हर सप्ताह लगने वाले बाजारों के लिए स्पष्ट कानूनी आधार नहीं होने से यह प्रस्ताव फिलहाल पेंच में फंस गया है। अब निगम इस विषय पर अलग से सरकार को प्रस्ताव भेजने की तैयारी में है ताकि बाजार शुल्क, स्थान निर्धारण और ट्रैफिक प्रबंधन का स्थायी समाधान निकल सके।
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10-15 दिन में सदन बैठक, कई लंबित मुद्दों पर फैसला

बजट बैठक के बाद निगम प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले 10 से 15 दिनों में सदन की अगली बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें तहबाजारी नीति, साप्ताहिक बाजारों की वैध व्यवस्था, छोटे प्लांटों की लाइसेंसिंग, वार्ड स्तर के विकास कार्य और लंबित कॉलोनियों से जुड़े प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यह बैठक आगामी वित्तीय वर्ष की स्थानीय कार्ययोजना तय करने के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।
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हर वार्ड में बनेगा सुविधा केंद्र, लोगों को मिलेगी बड़ी राहत

शहरवासियों की रोजमर्रा की समस्याओं के समाधान के लिए एक और महत्वपूर्ण पहल पर सहमति बनी है। अब हर वार्ड में पार्षद कार्यालय के भीतर सुविधा केंद्र स्थापित किया जाएगा, जहां नागरिक प्रॉपर्टी टैक्स, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, सफाई, स्ट्रीट लाइट, पानी-सीवर शिकायत, प्रॉपर्टी आईडी और अन्य निगम सेवाओं से जुड़े आवेदन व शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। इससे लोगों को छोटी-छोटी जरूरतों के लिए बार-बार मुख्य नगर निगम कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और वार्ड स्तर पर ही समस्याओं के समाधान की व्यवस्था मजबूत होगी।

नामित पार्षद अब अपने ही वार्ड तक सीमित

बैठक में एक अहम प्रशासनिक स्पष्टता यह भी सामने आई कि नामित पार्षद केवल अपने निवास वाले वार्ड में ही स्थानीय निर्वाचित पार्षद की सहमति से विकास कार्य करवा सकेंगे। दूसरे वार्डों में सीधे हस्तक्षेप की अनुमति नहीं होगी। निगम का मानना है कि इससे जवाबदेही तय होगी और विकास कार्यों में ओवरलैप या क्षेत्राधिकार विवाद कम होंगे। फरीदाबाद में वर्तमान में तीन नामित पार्षद हैं जो बल्लभगढ़, तिगांव और ओल्ड फरीदाबाद क्षेत्र से जुड़े हैं।



जीपीए मकानों के वैध कनेक्शन का प्रस्ताव अलग ट्रैक पर

नगर निगम ने जीपीए के आधार पर बने मकानों को वैध पानी और सीवर कनेक्शन देने के लिए सरकार को अलग से प्रस्ताव भेजा है। यह मुद्दा पहले से शहर में चर्चा का केंद्र रहा है इसलिए इसे अलग प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है। मंजूरी मिलने पर हजारों परिवारों को नियमित कनेक्शन मिलेंगे और निगम को शुल्क के रूप में स्थायी आय का नया स्रोत मिलेगा।
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