पत्रकार पूजा तिवारी मौत मामला : डॉक्टर दंपति भी जांच के दायरे में
- पूजा के कथित सुइसाइड नोट में डॉक्टर दंपति का है जिक्र
- पिता ने भी डॉक्टर दंपति के खिलाफ दर्ज कराया है केस
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पत्रकार पूजा तिवारी की मौत के मामले में मीडिया का ध्यान पूरी तरह से इंस्पेक्टर अमित की तरफ है, लेकिन पुलिस डॉक्टर दंपति के खिलाफ लगाए गए आरोपों की गंभीरता से जांच कर रही है। दंपति को पुलिस की ओर से क्लीन चिट नहीं मिली है।
मालूम हो कि पत्रकार पूजा तिवारी ने शहर में चल रहे अवैध गर्भपात केंद्रों का खुलासा करने के लिए 9 मार्च को ग्रीन फील्ड स्थित एक क्लीनिक का स्टिंग ऑपरेशन किया था। क्लीनिक संचालक कथित डॉक्टर ने स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अर्चना गोयल के यहां पूजा का गर्भपात करवाने का आश्वासन दिया था।
इस पर पूजा और उसके साथी पत्रकार ने डॉ. अर्चना गोयल का पक्ष जानने के लिए उन्हें फोन किया था। डॉ. अर्चना ने दोनों की मुलाकात अपने पति आईएमए फरीदाबाद के पूर्व प्रधान डॉ. अनिल गोयल से कराई।
इसके कुछ दिन बाद डॉ. अनिल गोयल ने पूजा और उसके साथी अनुज मिश्रा के खिलाफ सेंट्रल थाने में धोखाधड़ी और ब्लैकमेल करने का केस दर्ज करवाया था। केस दर्ज होने के बाद पूजा को उसकी कंपनी ने निलंबित कर दिया था। इससे वह परेशान चल रही थी।
2 मई की रात संदिग्ध हालात में सेक्टर-46 स्थित सद्भावना अपार्टमेंट की पांचवीं मंजिल स्थित फ्लैट से गिरने पर मौत हो गई थी। इस मामले में पूजा के पिता रवि तिवारी ने डॉक्टर दंपति के खिलाफ आत्महत्या को मजबूर करने का केस दर्ज कराया था।
4 मई को पूजा की मुंहबोली भाभी ऊषा भाटिया के दावे और दोस्त भरत का ऑडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने अमित को हिरासत में लिया था। अमित ने पुलिस को पूजा का एक सुइसाइड नोट दिया था।
इस नोट में पूजा ने डॉक्टर दंपति की ओर से दर्ज कराए गए केस की वजह से चिंता जाहिर की है। डीसीपी एनआईटी पूर्णचंद पवार ने बताया कि सुइसाइड नोट और परिजनों की शिकायत के आधार पर डॉक्टर दंपति के खिलाफ भी जांच जारी है, उन्हें अभी क्लीन चिट नहीं दी गई है।