नौ साल के बेटे के सामने मां की हत्या, शव कार में रखकर घूमते रहे हत्यारे
- ग्रेटर नोएडा के कुलेसरा गांव की रहने वाली थी महिला
- भांजे और उसके तीन साथियों पर है आरोप
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ग्रेटर नोएडा के कुलेसरा गांव में रहने वाली संध्या शर्मा उर्फ निशा की हत्या कर दी गई। चार आरोपी शव को ठिकाने लगाने के लिए बुधवार तड़के छांयसा थानाक्षेत्र में घूम रहे थे। कठपुला पर लगे नाके को देख आरोपी कार वापस ले जाने लगे।
शक के आधार पर नाके पर तैनात एएसआई बच्चू सिंह ने कार का पीछा किया। छांयसा गांव में रास्ता बंद होने पर आरोपी कार में महिला का शव और उसके नौ साल के बेटे को छोड़कर पैदल ही भाग निकले। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया और बच्चे की आपबीती सुन हत्यारोपियों की तलाश शुरू कर दी।
महिला के नौ साल के बेटे ने बताया कि कृष्ण उसके मामा का लड़का है। मंगलवार को कृष्ण का दोस्त ओमकार घर आया था। शाम को वह मां संध्या को अपने साथ गांव मकनपुर चलने के लिए कहने लगा। संध्या गांव जाने को तैयार हो गई और साथ में बेटे को भी ले लिया।
बच्चे के मुताबिक, रास्ते में कार के दोनों टायर फट गए, ओमकार ने नोएडा में नए टायर डलवाए। गांव मकनपुर पहुंचते पहुंचते रात हो गई। वहां खेत में कार रोकने के बाद ओमकार ने फोन कर कृष्ण, चैनसुख और कृष्ण को बुलवा लिया। बच्चे के मुताबिक, यहां चारों ने संध्या के साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी।
संध्या ने विरोध किया तो उसके सिर पर डंडे से वार कर मरणासन्न कर दिया। इसके बाद कार में डालकर सीट बेल्ट से गला घोंटकर हत्या कर दी। मां की हत्या करते देख रो रहे बच्चे को जान से मारने की धमकी दे चुप करा दिया गया।
शव को ठिकाने लगाने के लिए यमुना में बहाने की नीयत से चारों कार लेकर कठपुला की ओर आए और यहां नाका देख पुलिस की निगाह में आ गए। पुलिस ने घटना की सूचना संध्या की मां यशोदा निवासी बदायूं (यूपी) और पति जगदीश शर्मा को दी। मॉर्चरी पहुंचे जगदीश शर्मा ने बताया कि वह पत्नी से छह-सात साल से अलग रह रहा है। एएसआई बच्चू सिंह ने बताया कि हत्यारोपियों की तलाश की जा रही है।
हत्या के केस में विचाराधीन थी निशा
पति जगदीश शर्मा ने बताया कि करीब तीन साल पहले निशा के ही कमरे पर एक वकील की हत्या हो गई थी। इस मामले में निशा पर हत्या का केस दर्ज था। ओमकार की जमानत पर ही निशा जेल से बाहर आई थी। कई पेशियों में हाजिर नहीं होने की वजह से अदालत ने उसके खिलाफ वारंट जारी किया था।