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राहुल हत्याकांड का आरोपी सुमित दोस्त के साथ गिरफ्तार
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राहुल हत्याकांड का आरोपी सुमित दोस्त के साथ गिरफ्तार
फरीदाबाद। सेक्टर-22 में सरेआम राहुल हत्याकांड को अंजाम देने के आरोपी सुमित और उसके दोस्त रोहित को पुलिस ने शुक्रवार देर शाम खेड़ीपुल के पास से गिरफ्तार कर लिया। वारदात के आरोपी यहां से दिल्ली भाग गए थे। वहां से मथुरा सहित उत्तर प्रदेश में कई ठिकाने बदले। पुलिस शनिवार को दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर, रिमांड पर लेगी। राहुल की पत्नी नीतू को पुलिस ने उसी दिन गिरफ्तार कर लिया था।
सेक्टर-22 में मंगलवार को सेक्टर-88 निवासी राहुल की दावनुमा हथियार से हमलाकर हत्या कर दी थी। राहुल के पिता रामकुमार ने आरोप लगाया था कि राहुल की पत्नी नीतू के सुमित के साथ अवैध संबंध थे। इसके कारण नीतू ने ही सुमित और मनीष से राहुल की हत्या करवाई है। सुमित की सेक्टर-88 में दुकान है और वहीं नीतू की सुमित के साथ नजदीकियां बढ़ी थीं। वारदात के बाद से क्राइम ब्रांच की कई टीमें सुमित और मनीष की तलाश में दबिश दे रही थीं। शुक्रवार को पुलिस ने एक सूचना के आधार पर खेड़ीपुल के पास से सुमित और उसके दोस्त रोहित को धर दबोचा। प्रारंभिक पूछताछ में सुमित ने बताया वारदात में उसके साथ रोहित शामिल था।
रोहित ने ही बैंक से लौट रहे राहुल को रुकवाया था और उसके बाद सुमित ने उस पर हमला कर दिया। इस मामले में मुजेसर थाना पुलिस राहुल की पत्नी नीतू को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। एसीपी क्राइम अनिल कुमार ने बताया कि वारदात में राहुल की पत्नी नीतू की भी संलिप्तता थी। नीतू की पिछले दो साल से सुमित के साथ जान पहचान थी। सुमित की सेक्टर-88 में किराने की दुकान थी और नीतू का वहां आना जाना था। दोनों की जान पहचान दोस्ती में बदल गई थी। इसकी जानकारी राहुल को मिली तो उन दोनों में झगड़ा होने लगा। इसी वजह से वह पिछले एक माह से नीतू अपने मायके में रह रही थी।
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वारदात के बाद बेच दिया था मोबाइल
एसीपी अनिल कुमार ने बताया कि वारदात के बाद सुमित और रोहित भाग कर यहां से गफ्फार मार्केट, दिल्ली गए थे। दोनों आरोपी शातिर दिमाग हैं और उन्होंने पुलिस से बचने के लिए अपने मोबाइल फोन बेच दिए थे। पुलिस अगले ही दिन उस दुकान तक पहुंच गई थी। इसके बाद पुलिस ने दूसरे तरीकों से उनकी तलाश में जुट गई थी।
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फरीदाबाद। सेक्टर-22 में सरेआम राहुल हत्याकांड को अंजाम देने के आरोपी सुमित और उसके दोस्त रोहित को पुलिस ने शुक्रवार देर शाम खेड़ीपुल के पास से गिरफ्तार कर लिया। वारदात के आरोपी यहां से दिल्ली भाग गए थे। वहां से मथुरा सहित उत्तर प्रदेश में कई ठिकाने बदले। पुलिस शनिवार को दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर, रिमांड पर लेगी। राहुल की पत्नी नीतू को पुलिस ने उसी दिन गिरफ्तार कर लिया था।
सेक्टर-22 में मंगलवार को सेक्टर-88 निवासी राहुल की दावनुमा हथियार से हमलाकर हत्या कर दी थी। राहुल के पिता रामकुमार ने आरोप लगाया था कि राहुल की पत्नी नीतू के सुमित के साथ अवैध संबंध थे। इसके कारण नीतू ने ही सुमित और मनीष से राहुल की हत्या करवाई है। सुमित की सेक्टर-88 में दुकान है और वहीं नीतू की सुमित के साथ नजदीकियां बढ़ी थीं। वारदात के बाद से क्राइम ब्रांच की कई टीमें सुमित और मनीष की तलाश में दबिश दे रही थीं। शुक्रवार को पुलिस ने एक सूचना के आधार पर खेड़ीपुल के पास से सुमित और उसके दोस्त रोहित को धर दबोचा। प्रारंभिक पूछताछ में सुमित ने बताया वारदात में उसके साथ रोहित शामिल था।
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रोहित ने ही बैंक से लौट रहे राहुल को रुकवाया था और उसके बाद सुमित ने उस पर हमला कर दिया। इस मामले में मुजेसर थाना पुलिस राहुल की पत्नी नीतू को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। एसीपी क्राइम अनिल कुमार ने बताया कि वारदात में राहुल की पत्नी नीतू की भी संलिप्तता थी। नीतू की पिछले दो साल से सुमित के साथ जान पहचान थी। सुमित की सेक्टर-88 में किराने की दुकान थी और नीतू का वहां आना जाना था। दोनों की जान पहचान दोस्ती में बदल गई थी। इसकी जानकारी राहुल को मिली तो उन दोनों में झगड़ा होने लगा। इसी वजह से वह पिछले एक माह से नीतू अपने मायके में रह रही थी।
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वारदात के बाद बेच दिया था मोबाइल
एसीपी अनिल कुमार ने बताया कि वारदात के बाद सुमित और रोहित भाग कर यहां से गफ्फार मार्केट, दिल्ली गए थे। दोनों आरोपी शातिर दिमाग हैं और उन्होंने पुलिस से बचने के लिए अपने मोबाइल फोन बेच दिए थे। पुलिस अगले ही दिन उस दुकान तक पहुंच गई थी। इसके बाद पुलिस ने दूसरे तरीकों से उनकी तलाश में जुट गई थी।