{"_id":"5adf3ba84f1c1b56098b62a8","slug":"111524579240-faridabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मानव तस्करी गिरोह का एक और आरोपी गिरफ्तार, 10 लड़कियां बरामद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मानव तस्करी गिरोह का एक और आरोपी गिरफ्तार, 10 लड़कियां बरामद
Updated Tue, 24 Apr 2018 07:44 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
मानव तस्करी गिरोह का एक और आरोपी गिरफ्तार, 10 लड़कियां बरामद
फरीदाबाद। झारखंड से नाबालिग लड़कियों को लाकर दिल्ली-एनसीआर में बेचने वाले मानव तस्करी गिरोह के एक और आरोपी मणि मिश्रा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसे नौ दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। पुलिस को इसकी पत्नी अनीमा मिश्रा की भी तलाश है।
गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने 10 लड़कियों को एनसीआर से बरामद कर लिया है। इन लड़कियों को मंगलवार को उनके परिजनों के हवाले कर दिया गया। इससे पहले इसी मामले में पांच लड़कियां बरामद हो चुकी हैं, उन्हें भी झारखंड भेजा जा चुका है। मंगलवार को सर्किट हाउस पहुंचे राज्य बाल संरक्षण एवं अधिकार आयोग के सदस्य बालकृष्ण गोयल ने लड़कियों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर सारी जानकारी दी। इस मौके पर उनके साथ मिसिंग सेल प्रभारी सतेंद्र रावल, महिला थाना प्रभारी सविता और बाल कल्याण समिति के चेयरमैन एचएस मलिक मौजूद थे।
बच्चियों का होता है शोषण
पुलिस ने इस साल जनवरी में इस गिरोह का खुलासा किया था, तब पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर पांच लड़कियों को छुड़ाया था। गिरफ्तार आरोपियों ने खुलासा किया था कि वे लोग लड़कियों को बहला फुसलाकर या फिर उनके परिजनों से सस्ते में खरीदकर ले आते थे और यहां उन्हें घरेलू नौकरानी के रूप में काम पर लगा देते थे। यौन शोषण के अलावा मारपीट और उनकी तनख्वाह भी ये लोग छीन लेते थे।
विज्ञापन
नाबालिगों को काम पर रखने वालों पर भी दर्ज होगा मामला
सर्किट हाउस में जांच के लिए पहुंचे बालकृष्ण गोयल ने कहा जो लोग 18 वर्ष से कम उम्र की बच्चियों को काम पर रखते हैं, उनके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इसके अलावा फर्जी प्लेसमेंट ऑफिस संचालकों को भी जेल भिजवाया जाएगा जो बच्चियों को घरों तक पहुंचाते हैं।
जनवरी में खुला था मामला
जनवरी में झारखंड की एक बच्ची को टीटू कॉलोनी धीरज नगर से चाइल्ड हेल्पलाइन की मदद से मुक्त कराया गया था। बच्ची ने महिला पुलिस को बताया था कि उसे तीन साल पहले झारखंड से खरीदकर लाया गया। उसके बाद उसे दिल्ली में बेचा गया और दिल्ली से फरीदाबाद का एक युवक खरीद लाया। इस दौरान उससे कई बार मारपीट व दुष्कर्म हुआ था। पुलिस ने तब जांच के दौरान कई और लड़कियों को मुक्त कराया था। पुलिस ने सुरेंद्र महतो नामक युवक को गिरफ्तार कर लिया था। इस गिरोह का मास्टर माइंड तब पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पाया था। क्राइम ब्रांच की टीमें उसकी तलाश कर रही हैं।
फरीदाबाद। झारखंड से नाबालिग लड़कियों को लाकर दिल्ली-एनसीआर में बेचने वाले मानव तस्करी गिरोह के एक और आरोपी मणि मिश्रा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसे नौ दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। पुलिस को इसकी पत्नी अनीमा मिश्रा की भी तलाश है।
गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने 10 लड़कियों को एनसीआर से बरामद कर लिया है। इन लड़कियों को मंगलवार को उनके परिजनों के हवाले कर दिया गया। इससे पहले इसी मामले में पांच लड़कियां बरामद हो चुकी हैं, उन्हें भी झारखंड भेजा जा चुका है। मंगलवार को सर्किट हाउस पहुंचे राज्य बाल संरक्षण एवं अधिकार आयोग के सदस्य बालकृष्ण गोयल ने लड़कियों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर सारी जानकारी दी। इस मौके पर उनके साथ मिसिंग सेल प्रभारी सतेंद्र रावल, महिला थाना प्रभारी सविता और बाल कल्याण समिति के चेयरमैन एचएस मलिक मौजूद थे।
विज्ञापन
बच्चियों का होता है शोषण
पुलिस ने इस साल जनवरी में इस गिरोह का खुलासा किया था, तब पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर पांच लड़कियों को छुड़ाया था। गिरफ्तार आरोपियों ने खुलासा किया था कि वे लोग लड़कियों को बहला फुसलाकर या फिर उनके परिजनों से सस्ते में खरीदकर ले आते थे और यहां उन्हें घरेलू नौकरानी के रूप में काम पर लगा देते थे। यौन शोषण के अलावा मारपीट और उनकी तनख्वाह भी ये लोग छीन लेते थे।
विज्ञापन
नाबालिगों को काम पर रखने वालों पर भी दर्ज होगा मामला
सर्किट हाउस में जांच के लिए पहुंचे बालकृष्ण गोयल ने कहा जो लोग 18 वर्ष से कम उम्र की बच्चियों को काम पर रखते हैं, उनके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इसके अलावा फर्जी प्लेसमेंट ऑफिस संचालकों को भी जेल भिजवाया जाएगा जो बच्चियों को घरों तक पहुंचाते हैं।
जनवरी में खुला था मामला
जनवरी में झारखंड की एक बच्ची को टीटू कॉलोनी धीरज नगर से चाइल्ड हेल्पलाइन की मदद से मुक्त कराया गया था। बच्ची ने महिला पुलिस को बताया था कि उसे तीन साल पहले झारखंड से खरीदकर लाया गया। उसके बाद उसे दिल्ली में बेचा गया और दिल्ली से फरीदाबाद का एक युवक खरीद लाया। इस दौरान उससे कई बार मारपीट व दुष्कर्म हुआ था। पुलिस ने तब जांच के दौरान कई और लड़कियों को मुक्त कराया था। पुलिस ने सुरेंद्र महतो नामक युवक को गिरफ्तार कर लिया था। इस गिरोह का मास्टर माइंड तब पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पाया था। क्राइम ब्रांच की टीमें उसकी तलाश कर रही हैं।