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कुकर्म कर बनाई वीडियो, उपायुक्त से शिकायत पर मामला दर्ज
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फरीदाबाद। संजय कालोनी सेक्टर-23 निवासी एक व्यक्ति ने मंगलवार को जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी। पुलिस ने आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज किया है। मृतक के परिजनों ने जिला उपायुक्त को शिकायत दी थी। परिजनों का आरोप है कि मृतक के साथ मारपीट हुई थी और अश्लील हरकत कर वीडियो भी बनाई गई थी। इसी से आहत होकर जान दे दी।
संजय कॉलोनी सेक्टर-23 निवासी सूरज (बदला हुआ नाम) ने जिला उपायुक्त को शिकायत दी थी कि उसका भाई सुरेश (बदला हुआ नाम ) किरयाना की दुकानों पर राशन सप्लाई का काम करता था। पल्ला थाना इलाका स्थित एक जनरल स्टोर पर भी उसकी सप्लाई थी। 26 जून को सुरेश हिसाब किताब करने के लिए जनरल स्टोर पर गया था। आरोप है कि वहां के मालिक ने हिसाब में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए मारपीट की। उन्होंने उसके साथ अनैतिक कार्य भी किया। इस दौरान उसकी वीडियो बनाई। मारपीट के बाद आरोपियों ने सुरेश को जाने दिया, लेकिन वीडियो वायरल कर दिया। सुरेश की बाजार में काफी बदनामी हुई।
घटना से आहत होकर सुरेश ने मंगलवार को जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी। भाई सूरज का दावा है कि सुरेश ने मरते समय बताया था कि उसने कुछ लोगों से तंग आकर अपनी जान दी है। सुरेश ने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है। जिसमें उसने इस घटना का जिक्र किया है। मुजेसर थाना पुलिस ने आत्महत्या के लिए मजबूर करने सहित अन्य धाराओं के तहत शैलेश पांडे, लोकेश पांडे व उसके परिजनों सहित शिवानी जनरल स्टोर संचालक के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।
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पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
परिजनों ने शिकायत में पल्ला थाना पुलिस पर भी गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों ने 40 हजार रुपये में उनका समझौता कराया था। इस दौरान थाने में 5 हजार रुपये नकद व एक स्कूटी रखवाई गई थी। 29 जून को उन्होंने 15 हजार रुपये शैलेश के खाते में ट्रांसफर किए। उन्हें आश्वासन दिया गया था कि वीडियो वायरल नहीं किया जाएगा। आरोप है कि उनके पिता को भी हिरासत में ले लिया। पल्ला पुलिस कर्मियों ने उनपर राजीनामा का दबाव बनाया। थाना पल्ला प्रभारी रणवीर सिंह का कहना है कि मृतक के खिलाफ किरयाना स्टोर संचालक ने शिकायत दी थी। मृतक पेटीएम में छेड़छाड़ कर पेमेंट करता था। पेमेंट के समय पैसे का स्क्रीन दिखाई देता था, लेकिन बाद में पैसे खाते में नहीं जाते थे। चालीस हजार रुपये वापस करने की बात किरयाना स्टोर संचालक को कही थी। इसकी रिपोर्ट थाने में दर्ज है। जबरन समझौते के आरोप निराधार है।
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संजय कॉलोनी सेक्टर-23 निवासी सूरज (बदला हुआ नाम) ने जिला उपायुक्त को शिकायत दी थी कि उसका भाई सुरेश (बदला हुआ नाम ) किरयाना की दुकानों पर राशन सप्लाई का काम करता था। पल्ला थाना इलाका स्थित एक जनरल स्टोर पर भी उसकी सप्लाई थी। 26 जून को सुरेश हिसाब किताब करने के लिए जनरल स्टोर पर गया था। आरोप है कि वहां के मालिक ने हिसाब में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए मारपीट की। उन्होंने उसके साथ अनैतिक कार्य भी किया। इस दौरान उसकी वीडियो बनाई। मारपीट के बाद आरोपियों ने सुरेश को जाने दिया, लेकिन वीडियो वायरल कर दिया। सुरेश की बाजार में काफी बदनामी हुई।
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घटना से आहत होकर सुरेश ने मंगलवार को जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी। भाई सूरज का दावा है कि सुरेश ने मरते समय बताया था कि उसने कुछ लोगों से तंग आकर अपनी जान दी है। सुरेश ने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है। जिसमें उसने इस घटना का जिक्र किया है। मुजेसर थाना पुलिस ने आत्महत्या के लिए मजबूर करने सहित अन्य धाराओं के तहत शैलेश पांडे, लोकेश पांडे व उसके परिजनों सहित शिवानी जनरल स्टोर संचालक के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।
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पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
परिजनों ने शिकायत में पल्ला थाना पुलिस पर भी गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों ने 40 हजार रुपये में उनका समझौता कराया था। इस दौरान थाने में 5 हजार रुपये नकद व एक स्कूटी रखवाई गई थी। 29 जून को उन्होंने 15 हजार रुपये शैलेश के खाते में ट्रांसफर किए। उन्हें आश्वासन दिया गया था कि वीडियो वायरल नहीं किया जाएगा। आरोप है कि उनके पिता को भी हिरासत में ले लिया। पल्ला पुलिस कर्मियों ने उनपर राजीनामा का दबाव बनाया। थाना पल्ला प्रभारी रणवीर सिंह का कहना है कि मृतक के खिलाफ किरयाना स्टोर संचालक ने शिकायत दी थी। मृतक पेटीएम में छेड़छाड़ कर पेमेंट करता था। पेमेंट के समय पैसे का स्क्रीन दिखाई देता था, लेकिन बाद में पैसे खाते में नहीं जाते थे। चालीस हजार रुपये वापस करने की बात किरयाना स्टोर संचालक को कही थी। इसकी रिपोर्ट थाने में दर्ज है। जबरन समझौते के आरोप निराधार है।