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पानी माफिया के सामने झुका निगम, रोकी सीलिंग की कार्रवाई

Sun, 20 Sep 2020 10:39 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 20 Sep 2020 10:39 PM IST
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Corporation bowed in front of water mafia, stopped sealing action
फरीदाबाद। शहर में पेयजल संकट खड़ा होने के बाद नगर निगम ने पानी माफिया के सामने फिर घुटने टेक दिए हैं। सीलिंग की कार्रवाई 15 दिन के लिए रोकने के साथ ही पूर्व में माफिया पर दर्ज एफआईआर पर कार्रवाई भी फिलहाल रोक दी गई है। एफआईआर पर कार्रवाई के मामले में निगम की कमेटी फैसला करेगी। इसके बाद आगे की रणनीति तैयार होगी।
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नगर निगम ने शहर में पानी माफिया और अवैध बोरिंग करने वालों के खिलाफ तीन दिन से अभियान चला रखा था। इसमें अवैध रूप से चल रहे पानी के कई प्लांट को नगर निगम ने सील कर दिया था और इनके संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। नगर निगम की इस कार्रवाई के बाद टैंकर के चालकों ने काम बंद कर दिया था। ऐसे में शहर में पेजयल की किल्लत हो गई।
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शहर में एनआईटी जोन, ओल्ड फरीदाबाद जोन और बल्लभगढ़ जोन में एक हजार से अधिक आरओ प्लांट और ट्यूबवेल विभिन्न कॉलोनियों और सेक्टरों की गलियों में चल रहे हैं। इनमें सबसे अधिक आरओ प्लांट कॉलोनियों में हैं। घरों के अंदर बड़ी-बड़ी टंकियां रखकर उनमें पानी भरा जाता है और फिर 20-20 लीटर की बोतलों में भरकर बेचा जाता है। इसके अलावा माफिया कंपनियों में भी पानी सप्लाई करता है।
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सीलिंग में लगाई गई थीं पांच टीमें
अवैध आरओ प्लांट और ट्यूबवेलों पर कार्रवाई के लिए नगर निगम ने पांच टीमें गठित की थीं। टीम ने पुलिस के साथ मिलकर सीलिंग शुरू की थी। इसके तहत शहर में एक दर्जन से अधिक आरओ प्लांट और ट्यूबवेल सील किया जा चुका है। निगम प्रशासन ने जब एनआईटी और बड़खल क्षेत्र में अभियान शुरू किया तो पानी माफिया ने एकजुट होकर हड़ताल शुरू कर दी। इससे कई कॉलोनियों में पानी संकट पेैदा हो गया। माफिया के समर्थन में कई निगम पार्षद भी उतर आए। उनका तर्क था कि जब निगम लोगों को पानी नहीं दे पा रहा तो शहरवासी कहां जाएं। ऐसे में कार्रवाई बेमानी है और इसे रोक देना चाहिए।

वर्जन
शहरवासियों की समस्या को देखते हुए सीलिंग की कार्रवाई 15 से 20 दिन के लिए रोक दी गई है। हमारे पास पर्याप्त पानी नहीं है, जिसे सभी को उपलब्ध करा पाएं। इसलिए निगम पहले सभी लोगों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था कर रहा है, इसके बाद आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी। सीलिंग के दौरान टैंकर माफिया पर दर्ज कराई गई एफआईआर के मामले में एक कमेटी बनाई जाएगी। वही इस पर फैसला लेगी। - बीरेंद्र कर्दम, अधीक्षण अभियंता, नगर निगम।
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