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Faridabad News: गर्भवती महिलाओं के पोषण की योजना अधर में, टेंडर के लिए आगे नहीं आ रहे ठेकेदार
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिला नागरिक अस्पताल में भर्ती गर्भवती महिलाओं को बेहतर पोषण उपलब्ध कराने की स्वास्थ्य विभाग की योजना फिलहाल अधर में लटकी हुई है। अस्पताल में महिलाओं को आधा लीटर दूध और अंडे उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कई बार टेंडर जारी किए गए, लेकिन हर बार किसी भी फर्म या एजेंसी ने इसमें रुचि नहीं दिखाई, जिसके चलते प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
जानकारी के अनुसार, विभाग द्वारा बार-बार टेंडर जारी किए जाने के बावजूद किसी ठेकेदार के आगे न आने के कारण नीलामी नहीं हो पा रही है। परिणामस्वरूप, यह योजना कागजों तक ही सीमित रह गई है और अस्पताल में भर्ती गर्भवती महिलाओं को प्रस्तावित पोषण सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को संतुलित और पौष्टिक आहार प्रदान करना है, ताकि मां और गर्भ में पल रहे शिशु का स्वास्थ्य बेहतर बना रहे। इसी के तहत दूध और अंडे को पोषण योजना में शामिल किया गया था। हालांकि, एजेंसियों की उदासीनता और सरकार द्वारा निर्धारित दरों व बाजार दरों में अंतर के चलते योजना लागू नहीं हो सकी।
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इस संबंध में जिला नागरिक अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकास गोयल ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को बेहतर पोषण उपलब्ध कराने के लिए पहले भी टेंडर जारी किए गए थे, लेकिन किसी कारणवश नीलामी नहीं हो पाई। उन्होंने कहा कि अस्पताल में भर्ती महिलाओं को आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल और अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं नियमित रूप से दी जा रही हैं। साथ ही विभाग का प्रयास है कि जल्द ही इस समस्या का समाधान निकालकर योजना को शुरू किया जाए, ताकि महिलाओं को इसका लाभ मिल सके।
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फरीदाबाद। जिला नागरिक अस्पताल में भर्ती गर्भवती महिलाओं को बेहतर पोषण उपलब्ध कराने की स्वास्थ्य विभाग की योजना फिलहाल अधर में लटकी हुई है। अस्पताल में महिलाओं को आधा लीटर दूध और अंडे उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कई बार टेंडर जारी किए गए, लेकिन हर बार किसी भी फर्म या एजेंसी ने इसमें रुचि नहीं दिखाई, जिसके चलते प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
जानकारी के अनुसार, विभाग द्वारा बार-बार टेंडर जारी किए जाने के बावजूद किसी ठेकेदार के आगे न आने के कारण नीलामी नहीं हो पा रही है। परिणामस्वरूप, यह योजना कागजों तक ही सीमित रह गई है और अस्पताल में भर्ती गर्भवती महिलाओं को प्रस्तावित पोषण सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को संतुलित और पौष्टिक आहार प्रदान करना है, ताकि मां और गर्भ में पल रहे शिशु का स्वास्थ्य बेहतर बना रहे। इसी के तहत दूध और अंडे को पोषण योजना में शामिल किया गया था। हालांकि, एजेंसियों की उदासीनता और सरकार द्वारा निर्धारित दरों व बाजार दरों में अंतर के चलते योजना लागू नहीं हो सकी।
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इस संबंध में जिला नागरिक अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकास गोयल ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को बेहतर पोषण उपलब्ध कराने के लिए पहले भी टेंडर जारी किए गए थे, लेकिन किसी कारणवश नीलामी नहीं हो पाई। उन्होंने कहा कि अस्पताल में भर्ती महिलाओं को आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल और अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं नियमित रूप से दी जा रही हैं। साथ ही विभाग का प्रयास है कि जल्द ही इस समस्या का समाधान निकालकर योजना को शुरू किया जाए, ताकि महिलाओं को इसका लाभ मिल सके।