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Faridabad News: 79 लाख की धोखाधड़ी के आरोप में ठेकेदार गिरफ्तार
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फर्जी दस्तावेज के जरिए बिजली निगम में टेंडर हासिल करने का आरोप, 2020 में की गई थी शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की टीम ने धोखाधड़ी के आरोप में शुक्रवार शाम एक ठेकेदार को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि फर्जी दस्तावेज के जरिए उसने टेंडर हासिल किया था। आरोपी आरटीआई एक्टिविस्ट भी है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) के कार्यकारी अभियंता की ओर से सेक्टर-आठ थाने में साल-2020 में एक शिकायत दी गई थी। शिकायत में बताया गया कि छांयसा में एक ट्यूबवेल बनाने का टेंडर लेकर ठेकेदार वरुण श्योकंद ने करीब 79 लाख रुपये की धोखाधड़ी की। आरोपी ने सभी प्रकार के गलत दस्तावेज लगाकर पैसे विभाग से ले भी लिए।
अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा कर रही थी। शुक्रवार शाम को वरुण श्योकंद को गिरफ्तार कर लिया गया। उधर साल-2020 में ही वरुण श्योकंद के खिलाफ मुजेसर थाने में 77.02 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया गया था। इसकी भी जांच आर्थिक अपराध शाखा ने ही की। बिजली निगम के अधिकारी ने आरोप लगाया था कि पाली क्षेत्र में बाजड़ी में फीडर निर्माण के दौरान साल 2011 में धोखाधड़ी की थी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की टीम ने धोखाधड़ी के आरोप में शुक्रवार शाम एक ठेकेदार को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि फर्जी दस्तावेज के जरिए उसने टेंडर हासिल किया था। आरोपी आरटीआई एक्टिविस्ट भी है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) के कार्यकारी अभियंता की ओर से सेक्टर-आठ थाने में साल-2020 में एक शिकायत दी गई थी। शिकायत में बताया गया कि छांयसा में एक ट्यूबवेल बनाने का टेंडर लेकर ठेकेदार वरुण श्योकंद ने करीब 79 लाख रुपये की धोखाधड़ी की। आरोपी ने सभी प्रकार के गलत दस्तावेज लगाकर पैसे विभाग से ले भी लिए।
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अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा कर रही थी। शुक्रवार शाम को वरुण श्योकंद को गिरफ्तार कर लिया गया। उधर साल-2020 में ही वरुण श्योकंद के खिलाफ मुजेसर थाने में 77.02 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया गया था। इसकी भी जांच आर्थिक अपराध शाखा ने ही की। बिजली निगम के अधिकारी ने आरोप लगाया था कि पाली क्षेत्र में बाजड़ी में फीडर निर्माण के दौरान साल 2011 में धोखाधड़ी की थी।
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