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Faridabad News: मंझावली यमुना पुल अंडरपास की बाढ़ से टूटी दीवारों का निर्माण कार्य शुरू
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संवाद न्यूज एजेंसी
तिगांव। मंझावली यमुना पुल के पास बने अंडरपास की बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुई दीवारों के पुनर्निर्माण का कार्य लोक निर्माण विभाग ने शुरू कर दिया है। बीते समय यमुना में आए उफान के दौरान अंडरपास की बनी सुरक्षा दीवारें ढह गई थीं, जिससे किसानों और ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। यह अंडरपास यमुना किनारे खेती करने वाले किसानों के लिए एकमात्र रास्ता था, जिसके जरिए वे नदी के एक किनारे से दूसरे किनारे आते-जाते थे।
स्थानीय किसानों का कहना है कि इस रास्ते का प्रयोग न सिर्फ खेतों तक पहुंचने के लिए किया जाता था, बल्कि मवेशियों, खासकर गायों को भी इसी रास्ते से सुरक्षित निकाला जाता था। बाढ़ का पानी अंडरपास में भर जाने से और दीवारें गिरने के कारण यह मार्ग पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया था। इसके चलते किसानों को खेतों तक पहुंचने के लिए कई किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा था।
वर्जन
बाढ़ के कारण अंडरपास की दीवारें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थीं। पहले चरण में अंडरपास को मिट्टी डालकर सुरक्षित किया जा रहा है। इसके बाद खुदाई कर क्षतिग्रस्त दीवारों को पूरी तरह हटाया जाएगा और फिर नए सिरे से मजबूत दीवारों का निर्माण कराया जाएगा। निर्माण कार्य तय मानकों के अनुसार किया जाएगा और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। - प्रकाश लाल कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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तिगांव। मंझावली यमुना पुल के पास बने अंडरपास की बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुई दीवारों के पुनर्निर्माण का कार्य लोक निर्माण विभाग ने शुरू कर दिया है। बीते समय यमुना में आए उफान के दौरान अंडरपास की बनी सुरक्षा दीवारें ढह गई थीं, जिससे किसानों और ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। यह अंडरपास यमुना किनारे खेती करने वाले किसानों के लिए एकमात्र रास्ता था, जिसके जरिए वे नदी के एक किनारे से दूसरे किनारे आते-जाते थे।
स्थानीय किसानों का कहना है कि इस रास्ते का प्रयोग न सिर्फ खेतों तक पहुंचने के लिए किया जाता था, बल्कि मवेशियों, खासकर गायों को भी इसी रास्ते से सुरक्षित निकाला जाता था। बाढ़ का पानी अंडरपास में भर जाने से और दीवारें गिरने के कारण यह मार्ग पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया था। इसके चलते किसानों को खेतों तक पहुंचने के लिए कई किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा था।
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बाढ़ के कारण अंडरपास की दीवारें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थीं। पहले चरण में अंडरपास को मिट्टी डालकर सुरक्षित किया जा रहा है। इसके बाद खुदाई कर क्षतिग्रस्त दीवारों को पूरी तरह हटाया जाएगा और फिर नए सिरे से मजबूत दीवारों का निर्माण कराया जाएगा। निर्माण कार्य तय मानकों के अनुसार किया जाएगा और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। - प्रकाश लाल कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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