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Faridabad News: मनरेगा को बचाने के लिए कांग्रेस का पैदल मार्च
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राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। ग्रामीण मजदूरों की आजीविका से सीधे जुड़े मनरेगा कानून को बचाने के लिए फरीदाबाद जिला कांग्रेस ने सड़कों पर उतरकर पैदल मार्च निकाला। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत यह मार्च सेक्टर-12 पेट्रोल पंप से शुरू होकर जिला उपायुक्त कार्यालय तक पहुंचा। उपायुक्त की अनुपस्थिति में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम अमित कुमार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष बलजीत कौशिक के नेतृत्व में निकाले गए इस मार्च में सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए। ज्ञापन में कहा गया कि मनरेगा ने गांवों में बेरोजगारी के दौरान मजदूरों को काम, किसानों को सहारा और गरीब परिवारों को सम्मान के साथ जीवन जीने का आधार दिया। कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र सरकार नए नियमों के जरिए इस कानून को कमजोर कर रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। खासतौर पर केंद्र-राज्य हिस्सेदारी को 90:10 से बदलकर 60:40 किए जाने से कमजोर राज्यों पर वित्तीय दबाव बढ़ेगा और मजदूरों के लिए काम की गारंटी घटेगी।
बलजीत कौशिक ने कहा कि जब तक केंद्र सरकार विवादित प्रावधान वापस नहीं लेती, कांग्रेस का संघर्ष सड़क से संसद तक जारी रहेगा मार्च में प्रदेश कांग्रेस विचार विभाग अध्यक्ष विनोद कौशिक, प्रवक्ता योगेश ढींगड़ा, पूर्व पार्षद राजेंद्र चपराना सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। ग्रामीण मजदूरों की आजीविका से सीधे जुड़े मनरेगा कानून को बचाने के लिए फरीदाबाद जिला कांग्रेस ने सड़कों पर उतरकर पैदल मार्च निकाला। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत यह मार्च सेक्टर-12 पेट्रोल पंप से शुरू होकर जिला उपायुक्त कार्यालय तक पहुंचा। उपायुक्त की अनुपस्थिति में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम अमित कुमार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष बलजीत कौशिक के नेतृत्व में निकाले गए इस मार्च में सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए। ज्ञापन में कहा गया कि मनरेगा ने गांवों में बेरोजगारी के दौरान मजदूरों को काम, किसानों को सहारा और गरीब परिवारों को सम्मान के साथ जीवन जीने का आधार दिया। कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र सरकार नए नियमों के जरिए इस कानून को कमजोर कर रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। खासतौर पर केंद्र-राज्य हिस्सेदारी को 90:10 से बदलकर 60:40 किए जाने से कमजोर राज्यों पर वित्तीय दबाव बढ़ेगा और मजदूरों के लिए काम की गारंटी घटेगी।
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बलजीत कौशिक ने कहा कि जब तक केंद्र सरकार विवादित प्रावधान वापस नहीं लेती, कांग्रेस का संघर्ष सड़क से संसद तक जारी रहेगा मार्च में प्रदेश कांग्रेस विचार विभाग अध्यक्ष विनोद कौशिक, प्रवक्ता योगेश ढींगड़ा, पूर्व पार्षद राजेंद्र चपराना सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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