बयान से मुकरी महिला: पीर जसीर पर दुष्कर्म की कोशिश का लगाया आरोप...कोर्ट में कहा- कुछ नहीं हुआ; सास भी थी गवाह
धौज थाने में 18 अप्रैल 2023 को एफआईआर दर्ज हुई थी। वारदात की चश्मदीद पीड़िता की सास को गवाह ही नहीं बनाया गया। मोहम्मद जमीर को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दुष्कर्म के प्रयास मामले में शिकायतकर्ता महिला अदालत में ट्रायल के दौरान बयान से मुकर गई। उसने कहा कि उसके साथ कुछ गलत नहीं हुआ। मामले में वारदात की चश्मदीद पीड़िता की सास भी थी, लेकिन पुलिस ने उसे गवाह ही नहीं बनाया। ऐसे में सबूतों व गवाहों के अभाव में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ज्योति लांबा की अदालत ने मोहम्मद जमीर को बरी कर दिया।
धौज थाने में ये एफआईआर 18 अप्रैल 2023 को दर्ज हुई थी। एक विवाहित महिला ने आरोप लगाया था कि वह अपनी सास के साथ झाड़-फूंक कराने एक पीर के पास गई थी। महिला के मुताबिक, पीर मोहम्मद जमीर ने उसे कमरे में अकेला बुलाया और बातों-बातों में उससे छेड़छाड़ शुरू कर दी।
आरोपी ने महिला के साथ दुष्कर्म करने का प्रयास किया तो महिला ने शोर मचा दिया। शोर सुनकर महिला की सास अंदर कमरे में गई और उसे वहां से निकालकर बचाया। महिला ने यह भी कहा था कि जाते समय पीर ने उन्हें धमकाया कि अगर बात बाहर बताई तो वह काला जादू कर नुकसान पहुंचा देगा।
धौज थाना पुलिस ने दुष्कर्म के प्रयास व धमकी देने की धाराओं में एफआईआर दर्ज की। महिला के मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराए गए। आरोपी मोहम्मद जमीन को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेजा। बाद में उसके खिलाफ चालान तैयार कर अदालत में पेश किया, जिसमें 10 गवाह बनाए गए।
मामले की सुनवाई के दौरान खुद पीड़िता ही अदालत में अपने आरोपों से पलट गई। महिला ने अदालत में कहा कि पुलिस ने उससे खाली कागजों पर अंगूठा लगवाया था और उसके साथ कोई गलत हरकत नहीं हुई। अदालत ने आरोपी मोहम्मद जमीर को सभी आरोपों से बरी कर दिया।