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Faridabad News: हार्ट सेंटर मामले में जांच के लिए बनाई गई कमेटी
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जांच टीम शिकायतकर्ता से संपर्क करेगी, दस्तावेज की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बीके अस्पताल के हार्ट सेंटर में फर्जी कार्डिक सर्जन बनकर इलाज करने के मामले में आरोपी के खिलाफ शिकायत की गई थी। मुख्यमंत्री को भेजी गई शिकायत पर अब आरोपी डॉक्टर पंकज मोहन शर्मा के खिलाफ जांच कमेटी बना दी गई है।
अब बीके अस्पताल के पीएमओ डॉ. सतेंद्र वशिष्ठ की निगरानी में जांच कमेटी कार्य करेगी। इस मामले में अब जांच टीम शिकायतकर्ता से संपर्क करेगी। इलाज से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि जांच टीम एक से दो दिन में संपर्क करेगी।
शिकायतकर्ता पलवल निवासी राजाराम का कहना है कि उनके पिता रामकिशन का 10 जनवरी को आरोपी ने इलाज किया था। उन्हें केवल घबराहट की शिकायत थी लेकिन स्टंट डाल दिया गया। जिसके बाद उनकी तबीयत और बिगड़ गई और कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई थी। आरोप है कि इलाज के लिए 52 हजार रुपये तक लिए गए लेकिन उसकी रसीद तक नहीं दी गई। इसके बाद उसने मुख्यमंत्री ऑफिस में शिकायत कर केस से जुड़े सभी दस्तावेज भेजकर जांच की मांग की थी, जिस पर अब जांच शुरू कर दी गई है। इस मामले में आरोपी डॉक्टर को जमानत नहीं मिली है, उसकी जमानत पर 23 जुलाई को सुनवाई होगी।
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फरीदाबाद। बीके अस्पताल के हार्ट सेंटर में फर्जी कार्डिक सर्जन बनकर इलाज करने के मामले में आरोपी के खिलाफ शिकायत की गई थी। मुख्यमंत्री को भेजी गई शिकायत पर अब आरोपी डॉक्टर पंकज मोहन शर्मा के खिलाफ जांच कमेटी बना दी गई है।
अब बीके अस्पताल के पीएमओ डॉ. सतेंद्र वशिष्ठ की निगरानी में जांच कमेटी कार्य करेगी। इस मामले में अब जांच टीम शिकायतकर्ता से संपर्क करेगी। इलाज से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि जांच टीम एक से दो दिन में संपर्क करेगी।
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शिकायतकर्ता पलवल निवासी राजाराम का कहना है कि उनके पिता रामकिशन का 10 जनवरी को आरोपी ने इलाज किया था। उन्हें केवल घबराहट की शिकायत थी लेकिन स्टंट डाल दिया गया। जिसके बाद उनकी तबीयत और बिगड़ गई और कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई थी। आरोप है कि इलाज के लिए 52 हजार रुपये तक लिए गए लेकिन उसकी रसीद तक नहीं दी गई। इसके बाद उसने मुख्यमंत्री ऑफिस में शिकायत कर केस से जुड़े सभी दस्तावेज भेजकर जांच की मांग की थी, जिस पर अब जांच शुरू कर दी गई है। इस मामले में आरोपी डॉक्टर को जमानत नहीं मिली है, उसकी जमानत पर 23 जुलाई को सुनवाई होगी।
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