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Faridabad News: नए साल पर बढ़ी ठंड, कोल्ड डे का येलो अलर्ट जारी
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हरियाणा के 13 सबसे कम तापमान वाले जिलों में मेवात भी शामिल
बुधवार का न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस किया गया दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। साल के पहले दिन मेवात का दिन काफी ठंडा रहा। सुबह से लोगों को बढ़ी हुई ठंड और ठिठुरन का अहसास हुआ। हरियाणा के 13 सबसे कम तापमान वाले जिलों में मेवात भी शामिल रहा। जानकारी के अनुसार बुधवार का न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि अभी तीन तारीख तक शीतलहर की संभावना रहेगी। इसलिए लोगों को सुबह व शाम को घर से निकलने से पहले जरूरी तैयारियां कर लेनी चाहिए।
सुबह बढ़ी ठंड के कारण सड़कों पर भी भीड़ कम दिखाई दी। नूंह के लोगों का कहना है कि यहां पर अरावली के पहाड़ हैं जो ठंड में अधिक ठंडे व गर्मी में अधिक गर्म हो जाते हैं इसलिए गर्मी और सर्दी दोनों अधिक पड़ती है। प्रशासन की तरफ से भी लोगों को ठंड में सावधानी बरतने की एडवाइजरी जारी की गई है। प्रशासन की तरफ से लोगों से कहा गया है कि सभी जरूरी एहतियात बरतें, हर समय गर्म कपड़े पहनें तथा बाहर न सोएं। ऐसे मौसम में लोगों के साथ पशुओं का भी ध्यान रखने के लिए काम किया जा रहा है। ठंड को देखते हुए उपायुक्त ने नूंह के सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि संबंधित विभाग ठंड से बचाव के लिए अपने-अपने विभाग के संबंधित कार्यों व जिम्मेदारियों को पूरा करते रहें तथा अपने अधीनस्थ क्षेत्र में जीव-जंतुओं, पशुओं व लोगों के लिए ठंड से बचने संबंधी व्यवस्था पूर्ण करें। इस मौसम में हर वर्ष रैन बसेरे आदि चालू किए जाए।
ठंड से लोगों के साथ पशु भी होंगे प्रभावित
शीत लहर के दौरान जिला में फसलों, बागवानी, जंगल, पशुधन, मत्स्य पालन, जल आपूर्ति, बिजली आपूर्ति, परिवहन, पर्यटन, अर्थव्यवस्था और आजीविका भी प्रभावित हो सकती है। शीत लहर के कारण घरेलू और जंगली जानवरों, पक्षियों, मुर्गियों आदि की मृत्यु होने की संभावना बढ़ जाती है तथा बाहरी श्रमिकों, किसानों और पशुओं के लिए उचित योजना और पर्याप्त आश्रयों से ऐसी स्थितियों से बचा जा सकता है।
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फसलों पर अच्छा तो सब्जियों पर पड़ेगा बुरा असर
शीतलहर से फसलों पर भी असर पड़ेगा। कृषि विभाग के अनुसार गेहूं व सरसों की फसल पर अधिक ठंड का सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा वहीं अधिक ठंड पड़ने से सब्जियों का साइज छोटा रह सकता है। गेहूं और सरसों को ठंड बढ़ने से फायदा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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बढ़ती ठंड से गेहूं व सरसों की फसल को फायदा होगा। जितनी ठंड बढ़ेगी फसल के लिए उतना अच्छा है। वहीं, अधिक ठंड सब्जियों को प्रभावित कर सकती है। - विरेंद्र आर्य, कृषि उपनिदेशक नूंह
फोटो- नूंह में ठंड के कारण दिन में छाया अंधेरा, ठंड बढ़ने के कारण अलाव का सहारा लेते लोग
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बुधवार का न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस किया गया दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। साल के पहले दिन मेवात का दिन काफी ठंडा रहा। सुबह से लोगों को बढ़ी हुई ठंड और ठिठुरन का अहसास हुआ। हरियाणा के 13 सबसे कम तापमान वाले जिलों में मेवात भी शामिल रहा। जानकारी के अनुसार बुधवार का न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि अभी तीन तारीख तक शीतलहर की संभावना रहेगी। इसलिए लोगों को सुबह व शाम को घर से निकलने से पहले जरूरी तैयारियां कर लेनी चाहिए।
सुबह बढ़ी ठंड के कारण सड़कों पर भी भीड़ कम दिखाई दी। नूंह के लोगों का कहना है कि यहां पर अरावली के पहाड़ हैं जो ठंड में अधिक ठंडे व गर्मी में अधिक गर्म हो जाते हैं इसलिए गर्मी और सर्दी दोनों अधिक पड़ती है। प्रशासन की तरफ से भी लोगों को ठंड में सावधानी बरतने की एडवाइजरी जारी की गई है। प्रशासन की तरफ से लोगों से कहा गया है कि सभी जरूरी एहतियात बरतें, हर समय गर्म कपड़े पहनें तथा बाहर न सोएं। ऐसे मौसम में लोगों के साथ पशुओं का भी ध्यान रखने के लिए काम किया जा रहा है। ठंड को देखते हुए उपायुक्त ने नूंह के सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि संबंधित विभाग ठंड से बचाव के लिए अपने-अपने विभाग के संबंधित कार्यों व जिम्मेदारियों को पूरा करते रहें तथा अपने अधीनस्थ क्षेत्र में जीव-जंतुओं, पशुओं व लोगों के लिए ठंड से बचने संबंधी व्यवस्था पूर्ण करें। इस मौसम में हर वर्ष रैन बसेरे आदि चालू किए जाए।
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ठंड से लोगों के साथ पशु भी होंगे प्रभावित
शीत लहर के दौरान जिला में फसलों, बागवानी, जंगल, पशुधन, मत्स्य पालन, जल आपूर्ति, बिजली आपूर्ति, परिवहन, पर्यटन, अर्थव्यवस्था और आजीविका भी प्रभावित हो सकती है। शीत लहर के कारण घरेलू और जंगली जानवरों, पक्षियों, मुर्गियों आदि की मृत्यु होने की संभावना बढ़ जाती है तथा बाहरी श्रमिकों, किसानों और पशुओं के लिए उचित योजना और पर्याप्त आश्रयों से ऐसी स्थितियों से बचा जा सकता है।
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फसलों पर अच्छा तो सब्जियों पर पड़ेगा बुरा असर
शीतलहर से फसलों पर भी असर पड़ेगा। कृषि विभाग के अनुसार गेहूं व सरसों की फसल पर अधिक ठंड का सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा वहीं अधिक ठंड पड़ने से सब्जियों का साइज छोटा रह सकता है। गेहूं और सरसों को ठंड बढ़ने से फायदा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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बढ़ती ठंड से गेहूं व सरसों की फसल को फायदा होगा। जितनी ठंड बढ़ेगी फसल के लिए उतना अच्छा है। वहीं, अधिक ठंड सब्जियों को प्रभावित कर सकती है। - विरेंद्र आर्य, कृषि उपनिदेशक नूंह
फोटो- नूंह में ठंड के कारण दिन में छाया अंधेरा, ठंड बढ़ने के कारण अलाव का सहारा लेते लोग