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स्मार्ट सिटी की रैंकिंग में 46वें स्थान पर पहुंचा शहर
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फरीदाबाद। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय द्वारा जारी की गई स्मार्ट सिटी रैंकिंग में फरीदाबाद ने 31 अंकों के सुधार के साथ देश में 46वां स्थान प्राप्त किया है। पिछले वर्ष शहर की रैंकिंग 77 थी। अधिकारियों के मुताबिक, चार साल में 368 करोड़ रुपये के विकास कार्य हुए हैं। वहीं 600 करोड़ का विकास कार्य बाकी है। एफएमडीए द्वारा सिटी बस सर्विस भी शुरू की जानी है। इससे भविष्य में रैंकिंग में और सुधार देखने को मिलेगा।
केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की ओर से स्मार्ट सिटी के तहत होने वाले नियमित कार्यों को आधार बनाकर शहरों की रैंकिंग जारी की जाती है। इस बार जारी की गई रैंकिंग से स्मार्ट सिटी के अधिकारियों में खुशी जरूर है, लेकिन निराशा भी है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जिले में एफएमडीए की ओर से समय पर स्मार्ट सिटी बस सर्विस शुरू हो जाती, तो शहर की रैंकिंग ओर बेहतर होती। फिलहाल गुरुग्राम से सिटी बसें मंगाकर शहर में चलाई जा रही हैं।
चुनिंदा क्षेत्रों को स्मार्ट बनाने का किया जा रहा काम
फरीदाबाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अधीन शहर के चुनिंदा क्षेत्र ही शामिल किए गए हैं। इसे पांच साल में स्मार्ट बनाना है। अधिकारियों के अनुसार स्मार्ट सिटी के तहत जिले में कुल 1267 एकड़ जमीन को चिह्नित किया गया है। इसमें गांव, स्लम, सेक्टर, रेलवे स्टेशन, इंडस्ट्रियल सेक्टर आदि शामिल हैं। रेट्रोफिटिंग के तहत बड़खल झील, सेक्टर-21डी, 21बी, फतेहपुर चंदीला, संत नगर, सेक्टर 19, फरीदाबाद रेलवे स्टेशन, सेक्टर-20, 20ए व अजरौंदा गांव शामिल हैं।
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योजनाओं के क्रियान्वयन को बनाया आधार
मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. गरिमा मित्तल ने बताया कि पहले स्मार्ट सिटी मिशन हर सप्ताह, 15 दिन और महीने की रैंकिंग जारी करता था, लेकिन अब ऑनलाइन अपडेट की जाती है। रैंकिंग के लिए स्मार्ट सिटी मिशन द्वारा संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रगति को आधार बनाया जाता है। विभिन्न कार्यों के लिए अंक निर्धारित कर रैंकिंग तय की जाती है। इनमें स्मार्ट सिटी की चयनित परियोजनाओं की टेंडर प्रक्रिया का निष्पादन, कार्यादेश जारी करना, परियोजना पूरी करना, फंड का आवंटन, एसपीवी ट्रांसफर करना, फंड खर्च करना, उपयोगिता प्रमाण पत्र देना, जीपीएस टैगिंग करना, सिटी लेवल एडवाइजरी फोरम की बैठक करना आदि शामिल हैं।
तेज गति से चल रहे हैं कई कार्य
डॉ. गरिमा मित्तल ने बताया कि स्मार्ट सिटी के तहत शहर में 368 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को पूरा कर लिया है। इसमें सड़क बनाना, पार्कों को स्मार्ट बनाना, स्मार्ट रोड, संत नगर स्लम को स्मार्ट बनाना, स्मार्ट टॉयलेट, शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना करना और 1400 कैमरे लगाकर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने तक का काम तेजी से किया गया है। अभी करीब 600 करोड़ के विकास कार्यों के टेंडर जारी हो चुके हैं। हाल ही में पानी की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए स्काडा सिस्टम लागू कर दिया गया है। इसके अलावा मेट्रो कॉरिडोर में पिलर का सौंदर्यीकरण कराने का काम शुरू होने वाला है।
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केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की ओर से स्मार्ट सिटी के तहत होने वाले नियमित कार्यों को आधार बनाकर शहरों की रैंकिंग जारी की जाती है। इस बार जारी की गई रैंकिंग से स्मार्ट सिटी के अधिकारियों में खुशी जरूर है, लेकिन निराशा भी है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जिले में एफएमडीए की ओर से समय पर स्मार्ट सिटी बस सर्विस शुरू हो जाती, तो शहर की रैंकिंग ओर बेहतर होती। फिलहाल गुरुग्राम से सिटी बसें मंगाकर शहर में चलाई जा रही हैं।
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चुनिंदा क्षेत्रों को स्मार्ट बनाने का किया जा रहा काम
फरीदाबाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अधीन शहर के चुनिंदा क्षेत्र ही शामिल किए गए हैं। इसे पांच साल में स्मार्ट बनाना है। अधिकारियों के अनुसार स्मार्ट सिटी के तहत जिले में कुल 1267 एकड़ जमीन को चिह्नित किया गया है। इसमें गांव, स्लम, सेक्टर, रेलवे स्टेशन, इंडस्ट्रियल सेक्टर आदि शामिल हैं। रेट्रोफिटिंग के तहत बड़खल झील, सेक्टर-21डी, 21बी, फतेहपुर चंदीला, संत नगर, सेक्टर 19, फरीदाबाद रेलवे स्टेशन, सेक्टर-20, 20ए व अजरौंदा गांव शामिल हैं।
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योजनाओं के क्रियान्वयन को बनाया आधार
मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. गरिमा मित्तल ने बताया कि पहले स्मार्ट सिटी मिशन हर सप्ताह, 15 दिन और महीने की रैंकिंग जारी करता था, लेकिन अब ऑनलाइन अपडेट की जाती है। रैंकिंग के लिए स्मार्ट सिटी मिशन द्वारा संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रगति को आधार बनाया जाता है। विभिन्न कार्यों के लिए अंक निर्धारित कर रैंकिंग तय की जाती है। इनमें स्मार्ट सिटी की चयनित परियोजनाओं की टेंडर प्रक्रिया का निष्पादन, कार्यादेश जारी करना, परियोजना पूरी करना, फंड का आवंटन, एसपीवी ट्रांसफर करना, फंड खर्च करना, उपयोगिता प्रमाण पत्र देना, जीपीएस टैगिंग करना, सिटी लेवल एडवाइजरी फोरम की बैठक करना आदि शामिल हैं।
तेज गति से चल रहे हैं कई कार्य
डॉ. गरिमा मित्तल ने बताया कि स्मार्ट सिटी के तहत शहर में 368 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को पूरा कर लिया है। इसमें सड़क बनाना, पार्कों को स्मार्ट बनाना, स्मार्ट रोड, संत नगर स्लम को स्मार्ट बनाना, स्मार्ट टॉयलेट, शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना करना और 1400 कैमरे लगाकर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने तक का काम तेजी से किया गया है। अभी करीब 600 करोड़ के विकास कार्यों के टेंडर जारी हो चुके हैं। हाल ही में पानी की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए स्काडा सिस्टम लागू कर दिया गया है। इसके अलावा मेट्रो कॉरिडोर में पिलर का सौंदर्यीकरण कराने का काम शुरू होने वाला है।