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Faridabad News: सर्वोच्च न्यायालय में लंबित मामलों का विशेष लोक अदालत में हो सकेगा निपटारा
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- बैठक 29 जुलाई से तीन अगस्त तक होगी
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सीजेएम कम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव ऋतु यादव ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय में लंबित मामलों की सुनवाई के लिए विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। यह विशेष लोक अदालत 29 जुलाई से तीन अगस्त तक लगाई जाएगी। मामलों की बैठक ऑनलाइन और हाइब्रिड मोड के माध्यम से की जाएगी।
ऋतु यादव ने बताया कि न्यायालय में जो मामले लंबे समय से चल रहे हैं। इन मामलों में दोनों पक्ष यदि अपनी सहमति लोक अदालत में रखना चाहते हैं तो वह जिला स्थानीय विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि न्यायालय में जमीनी विवाद, मोटर व्हीकल से जुड़े मामले, घरेलू हिंसा, नौकरी से संबंधित मामले के सहित कई अन्य प्रकार के मामलों में सुलह के लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण के कार्यालय में ऑनलाइन और हाइब्रिड मोड के माध्यम से पहले मिलाप करने वाली बैठकें आयोजित की जाएंगी। सर्वोच्च न्यायालय में केसों से संबंधित पार्टियों के बीच सुलह कराने के लिए मामलों पर कार्रवाई की जाएगी। मामलों में पार्टी, सरकार होने पर लोक अदालत से मामलों को निपटाए जाने की संभावना है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सीजेएम कम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव ऋतु यादव ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय में लंबित मामलों की सुनवाई के लिए विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। यह विशेष लोक अदालत 29 जुलाई से तीन अगस्त तक लगाई जाएगी। मामलों की बैठक ऑनलाइन और हाइब्रिड मोड के माध्यम से की जाएगी।
ऋतु यादव ने बताया कि न्यायालय में जो मामले लंबे समय से चल रहे हैं। इन मामलों में दोनों पक्ष यदि अपनी सहमति लोक अदालत में रखना चाहते हैं तो वह जिला स्थानीय विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि न्यायालय में जमीनी विवाद, मोटर व्हीकल से जुड़े मामले, घरेलू हिंसा, नौकरी से संबंधित मामले के सहित कई अन्य प्रकार के मामलों में सुलह के लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण के कार्यालय में ऑनलाइन और हाइब्रिड मोड के माध्यम से पहले मिलाप करने वाली बैठकें आयोजित की जाएंगी। सर्वोच्च न्यायालय में केसों से संबंधित पार्टियों के बीच सुलह कराने के लिए मामलों पर कार्रवाई की जाएगी। मामलों में पार्टी, सरकार होने पर लोक अदालत से मामलों को निपटाए जाने की संभावना है।
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