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वर्षो से कब्जा लेकिन बीते एक सप्ताह में बेचैन हो गई खोरी

Tue, 15 Jun 2021 10:55 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 15 Jun 2021 10:55 PM IST
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Captured for years but Khori became restless in the last one week
फरीदाबाद। गांव खोरी में वर्षों से कब्जा है लेकिन एक सप्ताह से खोरीवासी बेचैन हैं। लोगों की रात की नींद उड़ी हुई है। घर टूटने का डर सता रहा है। दिन में घूमती पुलिस प्रशासन की गाड़ियों ने उनकी बेचैनी को और बढ़ा दिया है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट का आदेश आए एक सप्ताह हो गया है लेकिन पहले दिन के मुकाबले अब स्थिति एकदम अलग है। लोगों का कहना है कि परिणाम कुछ भी हो लेकिन वह किसी भी कीमत पर अपने घरों को छोड़कर नहीं जाएंगे। साथ ही लोगों ने प्रशासन से पहले भूमाफिया पर कार्रवाई की मांग की है।
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एक सप्ताह पहले सुप्रीम कोर्ट ने आदेश जारी कर गांव खोरी की जमीन पर बने मकानों को हटाने के आदेश दिए हैं। आदेश के अनुसार, 10 हजार मकान को तोड़ा जाना है। दिल्ली और हरियाणा के फरीदाबाद बॉर्डर पर वन क्षेत्र और नगर निगम की जमीन पर बसी खोरी कॉलोनी में मंगलवार को भारी तोड़फोड़ की तैयारी थी लेकिन किन्हीं कारणों से कार्रवाई को स्थगित कर दिया गया। इसके लिए 2000 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई है। जिनमें 500 महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।
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नगर निगम की रिपोर्ट के अनुसार, खोरी कॉलोनी में करीब 125 एकड़ जमीन है जिसमें से 80 एकड़ जमीन पर कब्जा किया हुआ है। इस कब्जे को खाली कराया जाएगा। एक सप्ताह पहले जब सुप्रीम कोर्ट के तोड़फोड़ के आदेश आए। तब अधिकांश लोगों को इसकी जानकारी नहीं थी लेकिन प्रशासन की सक्रियता के बाद तोड़फोड़ से पहले खोरी के लोगों में खौफ का माहौल बन गया है। लोग जगह-जगह इकट्ठे होकर बैठक कर रहे हैं।
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घरों के बड़े-बड़े सामानों को रिश्तेदारों के घरों में शिफ्ट किया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई लोग घरों को खाली करके चले गए। लेकिन अधिकांश अपने घरों को छोड़कर जाने के लिए तैयार नहीं हैं। मंगलवार को दिनभर खोरी में अफरातफरी का माहौल रहा है। जैसे ही पुलिस की गाड़ियां पहुंचती, लोगों की भीड़ वहीं जुटने लगती। जिससे कि तोड़फोड़ की कार्रवाई को रोका जा सके।
हालांकि, इससे पहले भी हाईकोर्ट के आदेश पर कॉलोनी में तोड़फोड़ की गई थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने जंगल की जमीन को पूरी तरह से मुक्त कराने का आदेश दिया। इसके लिए सभी विभागों को आदेश दिया गया। पुलिस की भी जिम्मेदारी तय की गई ताकि निगम कर्मियों की सुरक्षा को कोई खतरा न हो।
नोटिस और मुनादी का काम जारी
सुप्रीम कोर्ट की ओर से करीब एक सप्ताह पहले अरावली क्षेत्र में बसे गांव खोरी को खाली करवाने के आदेश जारी किए थे। कोर्ट का आदेश है कि तोड़फोड़ के बाद इसे दोबारा जंगल बनाया जाए। इसके लिए नगर निगम को छह सप्ताह का समय दिया गया है। कोर्ट के आदेश से स्थानीय लोगों के होश उड़े हुए है। नगर निगम और जिला प्रशासन ने तोड़फोड़ की कार्रवाई के लिए कमेटी का गठन किया है जो आपस में समन्वय स्थापित कर तोड़फोड़ की कार्रवाई को अंजाम देगी।
लोगों के बिजली कनेक्शन काटे
जिला प्रशासन के आदेश पर गांव खोरी में लोगों के घरों के बिजली कनेक्शन काट दिए गए। इसके साथ पेयजल आपूर्ति बंद कर दी गई है। इससे लोग बेहद परेशान है। सोमवार को लोग बिजली न होने से दिनभर गर्मी में परेशान रहे। लोगों ने कहा कि सरकार ने कोरोनाकाल में उन्हें बिजली पानी की सप्लाई बंद करके मरने के लिए छोड़ दिया है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की पालना की जाएगी। इसके लिए नगर निगम, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन तैयार है। लोगों से अपील है कि घरों को खाली कर दें। क्षेत्र में कभी भी तोड़फोड़ शुरू की जा सकती है।
- डॉ. गरिमा मित्तल, नगर निगम आयुक्त
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