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विश्व कैंसर दिवस : कोरोना ने बढ़ा दिया कैंसर का कहर

Wed, 03 Feb 2021 10:56 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 03 Feb 2021 10:56 PM IST
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cancer patient doesnot take proper treatment due to corona
फरीदाबाद। पिछले पूरे साल कोरोना ने जन-जीवन का काफी समय तक ठप रखा। इस कारण लोग कैंसर जैसी घातक बीमारी के प्रति भी जरूरी जागरूकता नहीं दिखा सके। नतीजतन अब उनका कैंसर खतरनाक स्टेज तक जा पहुंचा है। कोरोना के प्रकोप ने कैंसर के कहर को और घातक बना दिया है। वहीं, विशेषज्ञ मानते हैं कि समय पर जांच और जागरूकता के साथ कैंसर से लड़ा जा सकता है।
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एशियन अस्पताल में आई रानी ने बताया कि उनकी 55 वर्षीय सास को फूड पाइप में कैंसर है। इसके लक्षण बीते वर्ष फरवरी में ही दिखने लगे थे। मार्च में कोरोना का प्रकोप शुरू हो गया। ऐसे में रानी अपनी सास का इलाज नहीं करा सकीं। हालात कुछ सामान्य हुए तो वे उन्हें लेकर अस्पताल पहुंचीं। यहां डॉक्टर ने गले के कैंसर के तीसरी स्टेज पर होेने की पुष्टि की।
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फोर्टिस अस्पताल के डॉ. अमित भार्गव बीते 15 वर्षों से कैंसर पीड़ितों का इलाज कर रहे हैं। उनका कहना है कि लोग बिगड़ी जीवन शैली यानी खानपान, शारीरिक व्यायाम की कमी, तनाव के कारण इसके शिकार हो रहे हैं। ग्रामीण आंचल में लोगों में जानकारी और जागरूकता का अभाव होता है। ऐसे में लक्षणों जैसे मुंह में छाले, खाना निगलने में परेशानी, हड्डी में असाधारण दर्द, खून का असाधारण रिसाव जैसे लक्षणों पर ध्यान देने की जरूरत है।
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एशियन अस्पताल के डॉ. प्रवीन कहते हैं कि शहरी क्षेत्र में ब्रेस्ट कैंसर, मुंह का कैंसर ज्यादा होता है। इसका कारण शहरी क्षेत्रों में जीवन शैली और धूम्रपान का चलन है। क्यूआरजी अस्पताल की डॉ. निशा और डॉ. युवराज का कहना है कि जीवन शैली रोग को बढ़ावा देने का सबसे बड़ा कारण है। अक्सर शहरी क्षेत्र के ज्यादातर लोग पहली स्टेज पर ही जांच के लिए पहुंच जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्र के पांच फीसदी मामले भी समय पर जांच के लिए नहीं पहुंचते।

करीब एक साल पहले जिले में 18 वर्षीय ईशान का इलाज एक्यूट लिंफोकायटिक लियुकेमिया (एएलएल) नामक ब्लड कैंसर से जूझ रहे थे। बोर्ड परीक्षा के कारण परिजन उनके बुखार को सामान्य मानते रहे। बाद में कैंसर का पता चला। ईशान ने समय से इलाज का निर्णय लिया। ऐसे में पहली बार जिले में बोन मेरो सेल को किसी अन्य जगह से लाकर प्रत्यारोपित किया गया। इसके लिए अहमदाबाद स्थित अपोलो अस्पताल से फरीदाबाद स्थित सर्वोदय अस्पताल तक विशेष कॉरिडोर बनाया गया था। ईशान समय पर इलाज मिलने के बाद अब स्वस्थ जीवन जी रहे हैं। वे कॉलेज में पढ़ रहे हैं और अपने डॉ. सुमंत गुप्ता के संपर्क में हैं।
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