फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   By doing Kharna, the fasting women started fasting for 36 hours.

खरना कर व्रतियों ने शुरू किया 36 घंटे का निर्जला उपवास

Tue, 09 Nov 2021 05:27 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 09 Nov 2021 05:27 PM IST
विज्ञापन
By doing Kharna, the fasting women started fasting for 36 hours.
डबुआ मंडी में छठ पूजा का सामान खरीदती महिलाएं । - फोटो : Faridabad
फरीदाबाद। छठ महापर्व के दूसरे दिन मंगलवार को खरना किया गया। इस दिन व्रतियों ने निर्जला व्रत रखते हुए दिनभर सूर्य देवता और छठी मईया का गायन किया और कथा सुनी। शाम को स्नान करने के बाद नए वस्त्र धारण कर नए चूल्हे पर गन्ने की रस और गुड़-चावल से खीर बनाई। फिर गेहूं की रोटी संग ठेकुआ और मीठी-पूड़ी बनाकर भगवान को भोग लगाया। सबसे पहले व्रतियों ने प्रसाद ग्रहण किया और 36 घंटे का निर्जल व्रत शुरू किया। पूजा-अर्चना करने के बाद प्रसाद बांटे गए। प्रसाद ग्रहण करने के लिए आस पड़ोस के लोगों को भी घर बुलाया गया। पूजा विधि के दौरान व्रती और उनके परिवार के सदस्यों ने स्वच्छता का पूरा ख्याल रखा। उनके द्वारा पूरे घर की साफ सफाई संग प्रसाद बनाने के लिए सभी बर्तन पहले ही बाजार से खरीदे गए थे।
विज्ञापन

शहर में एक सौ से ज्यादा जगहों पर यह महापर्व मनाए जा रहे हैं। इसको लेकर मंगलवार को जगह-जगह घाट तैयार किए गए। साथ ही अधिकांश जगहों पर दिनभर सांस्कृतिक कार्यक्रम की तैयारी गई। बुधवार रात शहर के कई जगहों पर नाट्य मंचन के साथ विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम मनाए जाएंगे। इसमें राजनीतिक पार्टियों के अधिकांश वरिष्ठ पदाधिकारियों के पहुंचने की उम्मीद है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनकड़ समेत कई पदाधिकारी छठ पर्व पर आयोजित कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। इसको लेकर लोगों में उत्साह है। नहर पार, मुल्ला होटल, एनएचपीसी, एनआईटी-5,2,1, जवाहर कॉलोनी, डबुआ कॉलोनी, बल्लभगढ़, भारत कॉलोनी आदि जगहों पर जोरशोर से तैयारी चल रही है। मंगलवार को छठ महापर्व की खरीदारी के लिए दिनभर बाजारों में चहल-पहल रही। काफी संख्या में लोग छठ पर्व की खरीदारी करते नजर आए। लोग सूप, कोनिया, डगरा, बांस के पत्ते, गन्ना, नारियल, केला, अनानास, संतरा, सेब, सरीफा, सूथनी, पत्तीदार हल्दी, पत्तीदार अदरक, सिंधारा, सकरकंद, सूत आदि की खरीदारी की। खरीदारों ने बताया कि छठ पर्व पर प्रसाद के रूप में विभिन्न प्रकार के फल चढ़ाए जाते हैं। फल के अलावा ठकुआ, मिठाई आदि सभी प्रसाद को घर में ही बनाया जाता है। भीड़ से दुकानदारों में उत्साह भर दिया।
विज्ञापन

बुधवार को महापर्व के तीसरे दिन छठ का पहला अर्घ्य, डूबते सूर्य भगवान को दिया जाएगा। छठ पर्व पर पहला अर्घ्य षष्ठी तिथि को दिया जाता है। इसे अस्ताचलगामी सूर्य अर्घ्य भी कहा जाता है। व्रतियों द्वारा इस दिन जल में दूध डालकर सूर्य की अंतिम किरण को अर्घ्य दिया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह अर्घ्य भगवान सूर्य की पत्नी प्रत्यूषा को दिया जाता है। छठ पूजा के दौरान सूर्य की उपासना करते हुए उन्हें अर्घ्य देने का विधान बताया गया है। चौथे दिन यानी सप्तमी तिथि की सुबह बृहस्पतिवार को सूर्योदय के समय सूर्य भगवान को अर्घ्य दिया जाएगा। इस अर्घ्य के साथ व्रतियों का 36 घंटे का व्रत पूरा होगा। व्रती उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद घाट पर से अपने घर जाएंगे और घर में देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना करने के बाद पारण करेंगी। इस दौरान निष्ठा से और नियमों का पूरा पालन किया जाएगा। ज्योतिषाचार्य सर्वेश पांडे ने बताया कि सूर्य देव को अर्घ्य देने के लिए तांबे के पात्र का प्रयोग करें। इसमें दूध और गंगा जल मिश्रित करके पूजा के पश्चात सूर्य देव को अर्घ्य दें। सूर्य को अर्घ्य देते समय ओम सूर्याय नम: या फिर ओम घृणिं सूर्याय नम:, ओम घृणिं सूर्य: आदित्य:, ओम ह्रीं ह्रीं सूर्याय, सहस्त्रकिरणाय मनोवांछित फलं देहि देहि स्वाहा मंत्र का जाप करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed