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Faridabad News: बाटा आरओबी के नीचे चला बुलडोजर, 70 से ज्यादा दुकानें हटाईं
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फरीदाबाद बाटा पुल के नीचे अतिक्रमण हटाते नगर निगम की टीम। संवाद
- फोटो : 1
सुरक्षा कारणों से तेज हुई कार्रवाई, कुछ दुकानदारों को सोमवार तक का समय दिया
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। बाटा रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के नीचे बृहस्पतिवार को नगर निगम ने पुलिस बल के साथ बड़ी कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटा दिया। निगम की टीम ने जेसीबी मशीनों की मदद से पुल के नीचे बनी करीब 70-80 छोटी-बड़ी दुकानों, खोखों और कंटेनरों को हटाया। आग की घटना और पुल के पिलरों को संभावित नुकसान की आशंका के बाद प्रशासन ने इस क्षेत्र को खाली कराने की कार्रवाई तेज कर दी थी।
कार्रवाई के दौरान कुछ दुकानदारों ने निगम अधिकारियों से सामान निकालने के लिए समय मांगा। इस पर टीम ने उन्हें सोमवार तक का समय दे दिया ताकि वे बचा हुआ सामान सुरक्षित हटा सकें। हालांकि तोड़फोड़ के दौरान कई लकड़ी और लोहे के खोखे क्षतिग्रस्त हो गए। दुकानदारों का कहना है कि वर्षों से चल रहा उनका रोजगार एक ही दिन में खत्म हो गया और अब नई जगह तलाशना मुश्किल होगा।
निरीक्षण के बाद शुरू हुई कार्रवाई
पिछले सप्ताह नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने वार्ड-14 क्षेत्र का दौरा किया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नेशनल हाईवे से यामाहा कंपनी, बाटा फ्लाईओवर, रामनगर और मिल्हाड़ कॉलोनी तक का जायजा लिया था। इस दौरान पुल के नीचे और सड़क किनारे बड़े पैमाने पर अतिक्रमण मिलने पर अधिकारियों को तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए थे।
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इसके बाद निगम की ओर से दुकानों और खोखों पर नोटिस चस्पा किए गए थे। इसी बीच मंगलवार तड़के पुल के नीचे बनी मंडी में आग लगने से कई दुकानें जल गई थीं और पिलरों को नुकसान होने की आशंका सामने आई थी। इस घटना के बाद प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को प्राथमिकता दे दी।
पहले विरोध के कारण टली थी कार्रवाई
10 मार्च को निगम की टीम तोड़फोड़ के लिए पहुंची थी लेकिन उस समय दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने विरोध कर दिया था। राजनीतिक दलों के कुछ नेताओं के मौके पर पहुंचने के बाद कार्रवाई रोकनी पड़ी थी। इसके बाद दोबारा नोटिस देकर 24 घंटे का समय दिया गया था जिसकी अवधि पूरी होने पर बृहस्पतिवार को निगम की टीम पुलिस फोर्स और पांच जेसीबी के साथ मौके पर पहुंची।
अब बनेगी ग्रीन बेल्ट और पार्किंग
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार पुल के नीचे खाली कराई गई जगह पर दोबारा अतिक्रमण न हो इसके लिए तारबंदी की जाएगी। इसके बाद यहां ग्रीन बेल्ट विकसित करने की योजना है। अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र को व्यवस्थित बनाने के लिए पौधारोपण, पार्किंग और खुले स्थान का विकास किया जाएगा ताकि सड़क मार्ग सुरक्षित और सुचारू रह सके।
प्रशासन का कहना है कि पुल के नीचे किसी भी प्रकार का अतिक्रमण सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक है इसलिए आगे भी ऐसे स्थानों पर अभियान जारी रहेगा। वहीं प्रभावित दुकानदार प्रशासन से पुनर्वास या वैकल्पिक स्थान देने की मांग कर रहे हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। बाटा रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के नीचे बृहस्पतिवार को नगर निगम ने पुलिस बल के साथ बड़ी कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटा दिया। निगम की टीम ने जेसीबी मशीनों की मदद से पुल के नीचे बनी करीब 70-80 छोटी-बड़ी दुकानों, खोखों और कंटेनरों को हटाया। आग की घटना और पुल के पिलरों को संभावित नुकसान की आशंका के बाद प्रशासन ने इस क्षेत्र को खाली कराने की कार्रवाई तेज कर दी थी।
कार्रवाई के दौरान कुछ दुकानदारों ने निगम अधिकारियों से सामान निकालने के लिए समय मांगा। इस पर टीम ने उन्हें सोमवार तक का समय दे दिया ताकि वे बचा हुआ सामान सुरक्षित हटा सकें। हालांकि तोड़फोड़ के दौरान कई लकड़ी और लोहे के खोखे क्षतिग्रस्त हो गए। दुकानदारों का कहना है कि वर्षों से चल रहा उनका रोजगार एक ही दिन में खत्म हो गया और अब नई जगह तलाशना मुश्किल होगा।
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निरीक्षण के बाद शुरू हुई कार्रवाई
पिछले सप्ताह नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने वार्ड-14 क्षेत्र का दौरा किया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नेशनल हाईवे से यामाहा कंपनी, बाटा फ्लाईओवर, रामनगर और मिल्हाड़ कॉलोनी तक का जायजा लिया था। इस दौरान पुल के नीचे और सड़क किनारे बड़े पैमाने पर अतिक्रमण मिलने पर अधिकारियों को तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए थे।
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इसके बाद निगम की ओर से दुकानों और खोखों पर नोटिस चस्पा किए गए थे। इसी बीच मंगलवार तड़के पुल के नीचे बनी मंडी में आग लगने से कई दुकानें जल गई थीं और पिलरों को नुकसान होने की आशंका सामने आई थी। इस घटना के बाद प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को प्राथमिकता दे दी।
पहले विरोध के कारण टली थी कार्रवाई
10 मार्च को निगम की टीम तोड़फोड़ के लिए पहुंची थी लेकिन उस समय दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने विरोध कर दिया था। राजनीतिक दलों के कुछ नेताओं के मौके पर पहुंचने के बाद कार्रवाई रोकनी पड़ी थी। इसके बाद दोबारा नोटिस देकर 24 घंटे का समय दिया गया था जिसकी अवधि पूरी होने पर बृहस्पतिवार को निगम की टीम पुलिस फोर्स और पांच जेसीबी के साथ मौके पर पहुंची।
अब बनेगी ग्रीन बेल्ट और पार्किंग
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार पुल के नीचे खाली कराई गई जगह पर दोबारा अतिक्रमण न हो इसके लिए तारबंदी की जाएगी। इसके बाद यहां ग्रीन बेल्ट विकसित करने की योजना है। अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र को व्यवस्थित बनाने के लिए पौधारोपण, पार्किंग और खुले स्थान का विकास किया जाएगा ताकि सड़क मार्ग सुरक्षित और सुचारू रह सके।
प्रशासन का कहना है कि पुल के नीचे किसी भी प्रकार का अतिक्रमण सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक है इसलिए आगे भी ऐसे स्थानों पर अभियान जारी रहेगा। वहीं प्रभावित दुकानदार प्रशासन से पुनर्वास या वैकल्पिक स्थान देने की मांग कर रहे हैं।