10वीं की छात्रा से दुष्कर्म: आरोपी की धमकी, मुंह खोला तो जेल से छूटते ही मिटा दूंगा खानदान, साहिल नाम है मेरा
किशोरी ने आरोपी को कहा वह इस बारे में पुलिस को बता देगी। आरोपी ने किशोरी के व्हाटसएप पर मैसेज किया कि अपने बाप से भी नहीं डरता।
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दिल्ली के शाहबाद डेयरी इलाके में 29 मई को हुई किशोरी की निर्मम हत्या का मामला अभी तक लोगों के दिमाग में ताजा है। ऐसी ही घटना फरीदाबाद में भी हो सकती थी। पुलिस की तत्परता ने समय रहते इसे टाल दिया। बीपीटीपी इलाके में किशोरी (14) के साथ दोस्ती कर 18 साल के युवक ने पहले दुष्कर्म किया, फिर उसे जान से मारने की धमकी देने लगा।
किशोरी को आरोपी ने व्हाट्सएप मैसेज करके कहा है कि अगर वह पुलिस में गई या मुझ पर केस कराया तो जिस दिन वह इस मामले में जेल छूटकर आएगा, उसका पूरा खानदान मिटा देगा, साहिल खान नाम है मेरा। किशोरी ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को हिरासत में ले लिया है।
थाना बीपीटीपी में मंगलवार शाम किशोरी (14 वर्ष) अपनी पिता के साथ पहुंची। किशोरी के पिता ने बताया बेटी दसवीं कक्षा में पढ़ती है। वह कई महीनों से उनकी बेटी को परेशान कर रहा है। आरोपी ने डरा धमकाकर बेटी के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए और बार-बार किशोरी पर मिलने के लिए दबाव बनाने लगा।
किशोरी ने आरोपी को कहा वह इस बारे में पुलिस को बता देगी। आरोपी ने किशोरी के व्हाटसएप पर मैसेज किया कि मैं अपने बाप से भी नहीं डरता। थाने जाना है चली जाओ जिस दिन जेल से छूटा तुम्हारे पूरे खानदान को मिटा दूंगा, साहिल खान नाम है मेरा।
गौरतलब है दिल्ली के शाहबाद डेयरी इलाके में किशोरी की निर्मम हत्या के आरोपी का नाम भी साहिल है। मामले की गंभीरता को देख बीपीटीपी थाना प्रभारी ने शिकायत मिलने के तुरंत बाद आरोपी की धर पकड के लिए दो टीम भेजी और आरोपी को हिरासत में ले लिया। मामला किशोरी से जुडा होने के कारण बीपीटीपी थाना पुलिस व चाइल्ड लाइन की टीम बच्ची और आरोपी को लेकर महिला थाना सेंट्रल में पहुंचे और आगे की कार्रवाई के लिए कहा। महिला थाना पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
आरोपी को लेकर विवाद अधिकारियों के हस्तक्षेप से सुलझा
सूत्रों के मुताबिक बीपीटीपी थाना पुलिस आरोपी साहिल को शिकायत के तुरंत बाद ही हिरासत में लेकर महिला थाना ले गई थी। यहां आरोपी को थाने में रखने के लिए महिला पुलिस तैयार नही थी। केस दर्ज करने की प्रक्रिया में लगने वाले समय के दौरान मामला यहीं फंसा रहा कि आखिर आरोपी को रात में रखा कहां जाएगा। चाइल्ड लाइन की टीम बच्ची को महिला थाना में छोड़कर चली गई। बाद में डीसीपी सेंट्रल के हस्तक्षेप के बाद मामला सुलझा।