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जिले में बढ़ रहे ब्लैक फंगस के मामले
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फरीदाबाद। कोरोना के साथ अब ब्लैक फंगस बीमारी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी हैं। कोरोना महामारी के बीच ब्लैक फंगस के करीब 10 मामले सामने आ चुके है। सभी का निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इसके साथ ही ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज ने बीमारी से निपटने के लिए सभी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। डॉक्टरों ने कोरोना संक्रमित मरीजों को उपचार के बाद सजगता बरतने की सलाह दी है।
कोरोना के बाद ब्लैक फंगस बीमारी के रूप में नई समस्या लोगों के सामने आने लगी है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अभी ऐसे किसी मरीज की पुष्टि नहीं की है, लेकिन इस बीमारी से निपटने को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी शुरू कर दी हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को आदेश दिए हैं कि यदि संबंधित बीमारी के लक्षण किसी मरीज में मिलते हैं तो उसकी जानकारी तुरंत स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों को दी जाए। कोरोना के मरीजों लिए जिले में तैयार किए गए सबसे बडे कोविड अस्पताल ईसएसआई मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में ब्लैक फंगस को लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है। अस्पताल के रजिस्ट्रार डॉ. अनिल पांडे ने बताया कि अभी ब्लैक फंगस का मामला नहीं आया है, लेकिन तैयारी शुरू कर दी हैं। डॉक्टरों को सतर्क कर दिया है, जिससे अगर कोई मामला सामने आता है तो उसका तुरंत इलाज किया जा सके। इसके साथ ईएसआईसी मुख्यालय को ब्लैक फंगस की दवाइयां भेजने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।
सेक्टर-16 स्थित एक निजी अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ ने बताया कि अब तक करीब 10 मरीज ब्लैक फंगस के सामने आ चुके हैं। इनमें से एक की मौत हो गई है जबकि एक मरीज की जान बचाने के लिए आंखों को निकालना पड़ा। अन्य का इलाज जारी है। उन्होंने कहा कि लोगों को बीमारी से डरने की जरूरत नहीं है लेकिन सावधानी जरूर बरतें। खासकर शुगर के रोगी जो होम आइसोलेशन में है। उन्हें एस्टेरॉयड का सेवन डॉक्टरी सलाह पर करना चाहिए, क्योंकि यह शरीर में शुगर की मात्रा को बढ़ाता है जो ब्लैक फंगस का कारण बन रहा है।
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कोरोना के बाद ब्लैक फंगस बीमारी के रूप में नई समस्या लोगों के सामने आने लगी है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अभी ऐसे किसी मरीज की पुष्टि नहीं की है, लेकिन इस बीमारी से निपटने को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी शुरू कर दी हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को आदेश दिए हैं कि यदि संबंधित बीमारी के लक्षण किसी मरीज में मिलते हैं तो उसकी जानकारी तुरंत स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों को दी जाए। कोरोना के मरीजों लिए जिले में तैयार किए गए सबसे बडे कोविड अस्पताल ईसएसआई मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में ब्लैक फंगस को लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है। अस्पताल के रजिस्ट्रार डॉ. अनिल पांडे ने बताया कि अभी ब्लैक फंगस का मामला नहीं आया है, लेकिन तैयारी शुरू कर दी हैं। डॉक्टरों को सतर्क कर दिया है, जिससे अगर कोई मामला सामने आता है तो उसका तुरंत इलाज किया जा सके। इसके साथ ईएसआईसी मुख्यालय को ब्लैक फंगस की दवाइयां भेजने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।
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सेक्टर-16 स्थित एक निजी अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ ने बताया कि अब तक करीब 10 मरीज ब्लैक फंगस के सामने आ चुके हैं। इनमें से एक की मौत हो गई है जबकि एक मरीज की जान बचाने के लिए आंखों को निकालना पड़ा। अन्य का इलाज जारी है। उन्होंने कहा कि लोगों को बीमारी से डरने की जरूरत नहीं है लेकिन सावधानी जरूर बरतें। खासकर शुगर के रोगी जो होम आइसोलेशन में है। उन्हें एस्टेरॉयड का सेवन डॉक्टरी सलाह पर करना चाहिए, क्योंकि यह शरीर में शुगर की मात्रा को बढ़ाता है जो ब्लैक फंगस का कारण बन रहा है।
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