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Faridabad News: पंजाबी समाज साधने को भाजपा ने धनेश को बनाया प्रत्याशी
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को बड़खल सीट पर अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। पार्टी ने हरियाणा राज्य कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अध्यक्ष रहे धनेश अदलखा को प्रत्याशी के रूप में उतारा है। खास बात यह है कि इस सीट पर पिछली दो बार से मौजूदा शिक्षा मंत्री और विधायक सीमा त्रिखा के बजाए धनेश को प्रत्याशी बनाया है। दूसरी तरफ, आप ने ओल्ड फरीदाबाद सीट से प्रवेश मेहता और तिगांव सीट से आभास चंदेला को उतारकर चुनाव रोचक बना दिया है।
भाजपा से धनेश अदलखा
भारतीय जनता पार्टी ने पूर्व पार्षद और पूर्व हरियाणा राज्य कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अध्यक्ष धनेश अदलखा पर बड़खल विधानसभा के लिए पार्टी ने विश्वास जताया है। वह हरियाणा राज्य फार्मेसी काउंसिल के अध्यक्ष भी रहे हैं। वह फरीदाबाद नगर निगम वार्ड नंबर 9 से 11 से 2005 में मात्र कुछ वोटों से चुनाव हारे थे। इसके बाद धनेश 2007 से भाजपा से जुड़े और दोबारा चुनाव होने पर पार्टी से चुनाव लड़ते हुए जीत दर्ज की। इसके बाद 2012 में इनकी इनकी मां द्रौपदी अदलखा पार्षद बनीं। वर्ष 2017 में धनेश ने फिर भाजपा से चुनाव लड़कर जीत दर्ज की।
खास बात यह है कि बड़खल विधानसभा क्षेत्र में पंजाबी समुदाय के अधिक मतदाता है। पहले भी यहां से पंजाबी समाज की सीमा त्रिखा दो बार विधायक बनी हैं। ऐसे में पार्टी यहां से सीमा त्रिखा की जगह किसी पंजाबी को ही टिकट देना चाहती थी। पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर से नजदीकी के चलते उनको पक्ष मजबूत रहा और टिकट उनको मिली।
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विजिलेंस जांच में भी आया था नाम सामने
काउंसिल के चेयरमैन धनेश पर रिश्वत लेकर फार्मेसी के लाइसेंस जारी करने के आरोप लग चुके हैं। पूर्व मुख्यमंत्री के करीबी अदलखा पर बाद में जांच में इनके नाम हटा दिए गए थे।
भाजपा कांग्रेस के बाद अब आप पार्टी से प्रवेश मेहता की उम्मीदवारी
ओल्ड फरीदाबाद विधानसभा क्षेत्र में एक समय भाजपा के पुराने दिग्गज रहे प्रवेश मेहता ने आप का दामन थामकर यहां चुनावी समर में उतरे हैं। वह करीब 20 वर्षों से राजनीति में सक्रिय हैं और चार बार मंडल अध्यक्ष के अलावा जिला भाजपा में सचिव, महासचिव, उपाध्यक्ष सहित प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य रहे हैं। वर्ष 2000 में उनकी पत्नी प्रवीण कुमारी भाजपा की टिकट पर पार्षद का चुनाव जीतीं तो 2005 में वह स्वयं भाजपा की टिकट पर पार्षद बने। 2009 में भाजपा से विधानसभा चुनाव लड़कर वह दूसरे स्थान पर रहे। हालांकि 2014 में जब पार्टी ने उनकी टिकट काटकर विपुल गोयल को दी तो मेहता ने बगावत कर भाजपा छोड़कर इनेलो का दामन थामा। यहां भी मेहता तीसरे नंबर पर रहे। हालांकि 11 माह के बाद ही विपुल गोयल के माध्यम से ही भाजपा में वापसी कराई। निगम चुनाव में उनके पुत्र राजेंद्र मेहता को टिकट नहीं मिला तो एक बार फिर वह खफा होकर कांग्रेस में चले गए। यहां भी उपेक्षा का शिकार होकर वह आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए। अब आप ने उनको उम्मीदवार बनाया है।
तिगांव से आप पार्टी की ओर से चुनावी मैदान में आए आभास राज चंदेला
विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने एमटेक पास 43 वर्षीय युवा आभास राज चंदेला पर दांव खेला है। वह करीब 12 वर्षों से राजनीति में सक्रिय है। यह आप में नेशनल जाइंट सेक्रेटरी के साथ गोवा और दिल्ली के प्रभारी भी रह चुके हैं। फरीदाबाद में आम आदमी पार्टी के पहले अध्यक्ष भी रह चुके हैं। पार्टी के साथ लंबे समय से जुड़े हैं। वह तिगांव विधानसभा में काफी सक्रिय रहे हैं। आप के पास चंदेला के रूप में ही एक बड़ा चेहरा है। जिले में समाजसेवी के तौर पर काम करते आ रहे है और विश्वसनीय नेता है। इसके चलते उन्हें टिकट सौंपा गया है।
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फरीदाबाद। भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को बड़खल सीट पर अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। पार्टी ने हरियाणा राज्य कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अध्यक्ष रहे धनेश अदलखा को प्रत्याशी के रूप में उतारा है। खास बात यह है कि इस सीट पर पिछली दो बार से मौजूदा शिक्षा मंत्री और विधायक सीमा त्रिखा के बजाए धनेश को प्रत्याशी बनाया है। दूसरी तरफ, आप ने ओल्ड फरीदाबाद सीट से प्रवेश मेहता और तिगांव सीट से आभास चंदेला को उतारकर चुनाव रोचक बना दिया है।
भाजपा से धनेश अदलखा
भारतीय जनता पार्टी ने पूर्व पार्षद और पूर्व हरियाणा राज्य कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अध्यक्ष धनेश अदलखा पर बड़खल विधानसभा के लिए पार्टी ने विश्वास जताया है। वह हरियाणा राज्य फार्मेसी काउंसिल के अध्यक्ष भी रहे हैं। वह फरीदाबाद नगर निगम वार्ड नंबर 9 से 11 से 2005 में मात्र कुछ वोटों से चुनाव हारे थे। इसके बाद धनेश 2007 से भाजपा से जुड़े और दोबारा चुनाव होने पर पार्टी से चुनाव लड़ते हुए जीत दर्ज की। इसके बाद 2012 में इनकी इनकी मां द्रौपदी अदलखा पार्षद बनीं। वर्ष 2017 में धनेश ने फिर भाजपा से चुनाव लड़कर जीत दर्ज की।
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खास बात यह है कि बड़खल विधानसभा क्षेत्र में पंजाबी समुदाय के अधिक मतदाता है। पहले भी यहां से पंजाबी समाज की सीमा त्रिखा दो बार विधायक बनी हैं। ऐसे में पार्टी यहां से सीमा त्रिखा की जगह किसी पंजाबी को ही टिकट देना चाहती थी। पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर से नजदीकी के चलते उनको पक्ष मजबूत रहा और टिकट उनको मिली।
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विजिलेंस जांच में भी आया था नाम सामने
काउंसिल के चेयरमैन धनेश पर रिश्वत लेकर फार्मेसी के लाइसेंस जारी करने के आरोप लग चुके हैं। पूर्व मुख्यमंत्री के करीबी अदलखा पर बाद में जांच में इनके नाम हटा दिए गए थे।
भाजपा कांग्रेस के बाद अब आप पार्टी से प्रवेश मेहता की उम्मीदवारी
ओल्ड फरीदाबाद विधानसभा क्षेत्र में एक समय भाजपा के पुराने दिग्गज रहे प्रवेश मेहता ने आप का दामन थामकर यहां चुनावी समर में उतरे हैं। वह करीब 20 वर्षों से राजनीति में सक्रिय हैं और चार बार मंडल अध्यक्ष के अलावा जिला भाजपा में सचिव, महासचिव, उपाध्यक्ष सहित प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य रहे हैं। वर्ष 2000 में उनकी पत्नी प्रवीण कुमारी भाजपा की टिकट पर पार्षद का चुनाव जीतीं तो 2005 में वह स्वयं भाजपा की टिकट पर पार्षद बने। 2009 में भाजपा से विधानसभा चुनाव लड़कर वह दूसरे स्थान पर रहे। हालांकि 2014 में जब पार्टी ने उनकी टिकट काटकर विपुल गोयल को दी तो मेहता ने बगावत कर भाजपा छोड़कर इनेलो का दामन थामा। यहां भी मेहता तीसरे नंबर पर रहे। हालांकि 11 माह के बाद ही विपुल गोयल के माध्यम से ही भाजपा में वापसी कराई। निगम चुनाव में उनके पुत्र राजेंद्र मेहता को टिकट नहीं मिला तो एक बार फिर वह खफा होकर कांग्रेस में चले गए। यहां भी उपेक्षा का शिकार होकर वह आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए। अब आप ने उनको उम्मीदवार बनाया है।
तिगांव से आप पार्टी की ओर से चुनावी मैदान में आए आभास राज चंदेला
विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने एमटेक पास 43 वर्षीय युवा आभास राज चंदेला पर दांव खेला है। वह करीब 12 वर्षों से राजनीति में सक्रिय है। यह आप में नेशनल जाइंट सेक्रेटरी के साथ गोवा और दिल्ली के प्रभारी भी रह चुके हैं। फरीदाबाद में आम आदमी पार्टी के पहले अध्यक्ष भी रह चुके हैं। पार्टी के साथ लंबे समय से जुड़े हैं। वह तिगांव विधानसभा में काफी सक्रिय रहे हैं। आप के पास चंदेला के रूप में ही एक बड़ा चेहरा है। जिले में समाजसेवी के तौर पर काम करते आ रहे है और विश्वसनीय नेता है। इसके चलते उन्हें टिकट सौंपा गया है।