{"_id":"5cf16602bdec2207362d28c4","slug":"benefit-of-treating-157-diseases-in-private-hospitals-faridabad-news-noi4409815100","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब निजी अस्पतालों से ले सकते हैं 157 बीमारियों में इलाज का लाभ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब निजी अस्पतालों से ले सकते हैं 157 बीमारियों में इलाज का लाभ
विज्ञापन
फरीदाबाद। हर्निया, अपेंडिक्स, पॉइजनिंग सहित गंभीर हैजा जैसी 157 बीमारियों के इलाज का लाभ भी अब आयुष्मान भारत योजना के तहत निजी अस्पतालों में लिया जा सकता है। प्रदेश सरकार की ओर से संशोधित इलाज विवरण अधिसूचना जारी की जा चुकी है।
इससे आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के करीब 80 फीसदी पंजीकृत लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है। अति गंभीर प्रसव केस, समय पूर्व प्रसव, हाथ पैर का फ्रैक्चर, घुटना-डिस्क व कुल्हा प्रत्यारोपण, सर की गंभीर चोट, उच्च रक्तचाप, कंजेसटिव हार्ट फेलियर, हैपेटाइटिस, वायरल, स्नेक बाइट, मधुमेह, डेंगू, रक्त प्रत्यारोपण, चिकनगुनिया जैसी आम बीमारियों का इलाज अब आयुष्मान लाभार्थी को निशुल्क दिया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग के आयुष्मान सहायक नोडल अधिकारी डा. विशाल ने बताया कि पहले इन बीमारियों के इलाज के लिए सिविल अस्पतालों को ही सूचीबद्ध रखा गया था। लेकिन बड़ी तादाद में मरीज केवल इन्ही 276 बीमारियों से पीड़ित पाए जा रहे थे। ऐसे में आयुष्मान भारत योजना के तहत भी सरकारी अस्पतालों का बोझ कम नहीं हो पा रहा था। ऐसे में मरीजों की शिकायतें और परेशानी लगातार निदेशालय को भेजी जा रही थी। अब नोटिफिकेशन जारी कर सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में इलाज के लिए अब केवल 119 प्रकार की बीमारियों को आरक्षित रखा गया है।
विज्ञापन
यह हुआ परिवर्तन
आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज के लिए कुल 1350 बीमारियों का इलाज पैकेज तैयार किया गया था। इसमें से 276 प्रकार की बीमारियों के लिए केवल सिविल अस्पताल में ही कैशलेस इलाज कराया जा सकता था। लेकिन अब नए नोटिफिकेशन के बाद 91 फीसदी बीमारियों का निशुल्क इलाज सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कराया जा सकेगा।
आयुष्मान योजना को नए नोटिफिकेशन के साथ काफी व्यापक कर दिया गया है। इससे करीब 80 फीसदी पंजीकृत लाभार्थियों को फायदा होगा। अब लोगों की समस्याएं भी कम होंगी और ज्यादातर को निजी अस्पतालों में निशुल्क इलाज मिल सकेगा।
- डॉ. रमेश, आयुष्मान नोडल अधिकारी
विज्ञापन
इससे आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के करीब 80 फीसदी पंजीकृत लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है। अति गंभीर प्रसव केस, समय पूर्व प्रसव, हाथ पैर का फ्रैक्चर, घुटना-डिस्क व कुल्हा प्रत्यारोपण, सर की गंभीर चोट, उच्च रक्तचाप, कंजेसटिव हार्ट फेलियर, हैपेटाइटिस, वायरल, स्नेक बाइट, मधुमेह, डेंगू, रक्त प्रत्यारोपण, चिकनगुनिया जैसी आम बीमारियों का इलाज अब आयुष्मान लाभार्थी को निशुल्क दिया जाएगा।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग के आयुष्मान सहायक नोडल अधिकारी डा. विशाल ने बताया कि पहले इन बीमारियों के इलाज के लिए सिविल अस्पतालों को ही सूचीबद्ध रखा गया था। लेकिन बड़ी तादाद में मरीज केवल इन्ही 276 बीमारियों से पीड़ित पाए जा रहे थे। ऐसे में आयुष्मान भारत योजना के तहत भी सरकारी अस्पतालों का बोझ कम नहीं हो पा रहा था। ऐसे में मरीजों की शिकायतें और परेशानी लगातार निदेशालय को भेजी जा रही थी। अब नोटिफिकेशन जारी कर सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में इलाज के लिए अब केवल 119 प्रकार की बीमारियों को आरक्षित रखा गया है।
विज्ञापन
यह हुआ परिवर्तन
आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज के लिए कुल 1350 बीमारियों का इलाज पैकेज तैयार किया गया था। इसमें से 276 प्रकार की बीमारियों के लिए केवल सिविल अस्पताल में ही कैशलेस इलाज कराया जा सकता था। लेकिन अब नए नोटिफिकेशन के बाद 91 फीसदी बीमारियों का निशुल्क इलाज सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कराया जा सकेगा।
आयुष्मान योजना को नए नोटिफिकेशन के साथ काफी व्यापक कर दिया गया है। इससे करीब 80 फीसदी पंजीकृत लाभार्थियों को फायदा होगा। अब लोगों की समस्याएं भी कम होंगी और ज्यादातर को निजी अस्पतालों में निशुल्क इलाज मिल सकेगा।
- डॉ. रमेश, आयुष्मान नोडल अधिकारी