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Faridabad News: वारदात से पहले तीन दिन की थी सतीश के घर की रेकी
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। बैंक प्रबंधक सतीश के अपहरण मामले में अपहर्ताओं ने तीन दिनों तक गाड़ी में बैठकर उनके घर की रेकी की थी। रेकी में सतीश के घर आने का समय और परिवार में कितने लोग मौजूद हैं, इसका पता लगा लिया था। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी सतीश की पत्नी और दोस्त अमित का मोबाइल भी साथ ले गए थे। ताकी वह पुलिस को फोन कर सूचना न दे सकें। आरोपियों के जाने के बाद पत्नी ने पड़ोसियों के मोबाइल से पुलिस को सूचना दी थी, तब भी पुलिस की कार्रवाई खानापूर्ति तक सीमित रही। परिजनों का कहना है कि पुलिस यदि चेकिंग अभियान छेड़ देती या फिर सीसीटीवी की मदद लेती तो आरोपियों को बॉर्डर पार करने से पहले ही पकड़ा जा सकता था।
शहर में आपराधिक घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए स्मार्ट सिटी लिमिटेड की ओर से हाईवे समेत मुख्य सड़कों पर करीब 1500 से अधिक कैमरे लगाए गए हैं। इनकी मॉनिटरिंग सेक्टर-20 में बने कमांड एंड कंट्रोल रूम से की जाती है। पुलिस और स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अधिकारी 24 घंटे कैमरों पर नजर रखते हैं। इसके अलावा मुख्य चौक चौराहों पर पुलिस के नाके लगे हैं। पुलिस अधिकारियों का दावा रहता है आरोपी वारदात करके शहर से निकल नहीं सकता। कैमरों के माध्यम से सड़कों पर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के चालान तो खूब काटे जा रहे हैं, लेकिन बैंक प्रबंधक के अपहरण के वारदात की रात ये कैमरे काम नहीं आए, जिस कारण आरोपी बॉर्डर पार कर सतीश को हिमाचल ले गए। वहां से गुरुग्राम, मथुरा और आगरा घुमाते रहें। इसके बावजूद वह पकड़ में नहीं आए।
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हथीन के उटावड़ से खरीदा था तमंचा
आरोपियों ने वारदात में इस्तेमाल कट्टा हथीन के उटावड़ से खरीदा था, जिसे पुलिस ने आरोपियों से बरामद कर लिया है। इसके साथ ही जिन से आरोपियों ने तमंचा खरीदा उनकी भी तलाश की जा रही है।
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गुरुग्राम में रची थी अपहरण की साजिश
एसीपी क्राइम ब्रांच अमन यादव ने बताया कि आरोपी भूपेंद्र करीब 10 महीने पहले गुरुग्राम के बादशाहपुर स्थित पेट्रोल पंप पर काम करता था। वहां उसकी दोस्ती रविन्द्र से हुई थी। वहीं पर उन्होंने अपहरण की साजिश रची थी। दोनों आरोपियों ने दो-तीन दिन कार में ही शाम करीब साढ़े सात बजे सतीश के घर की रेकी की थी। आरोपी भूपेंद्र बैग में एक तमंचा, हथौड़ा लेकर 21 अप्रैल की रात को मुंह पर नकाब बांधकर प्रबंधक को उन्हीं की गाड़ी में डालकर ले गए थे। आरोपियों ने सतीश की पत्नी को फोन कर 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी और पैसे नहीं देने पर सतीश को जान से मारने की धमकी दी थी। आखिर में सतीश को छोड़ने के बदले पांच लाख में बात बन गई थी। हिमाचल पहुंचकर आरोपियों ने परिजनों से एक लाख रुपये सतीश के खाते में डलवाए और सतीश के एटीएम का इस्तेमाल करके अलग-अलग स्थान से पैसे निकलवा लिए। शेष चार लाख रुपये बल्लभगढ़ के केली बाईपास पर लेकर आने के लिए कहा गया।
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क्राइम ब्रांच और पुलिस ने केली गांव बाईपास की सुबह की घेराबंदी
क्राइम ब्रांच सेक्टर-30 प्रभारी नवीन और पुलिस ने आसपास के इलाके की घेराबंदी की। सतीश की पत्नी जब पैसे लेकर पहुंची तो आरोपी भूपेंद्र किराये पर टैक्सी करके वहां पर पहुंचा और आरोपी रविंद्र मथुरा में सतीश के साथ था। भूपेंद्र जब पैसे लेने पहुंचा तो पुलिस ने उसे मौके से काबू कर लिया। आरोपी के कब्जे से एक पिस्टल, कारतूस, एक रस्सी, वारदात में प्रयोग एक गाड़ी और 4 लाख रुपये बरामद किए गए जो सतीश की पत्नी ने आरोपी को दिए थे। एसीपी ने बताया कि भूपेंद्र के साथी रविंद्र को जब पता चला कि भूपेंद्र को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है तो वह मथुरा से फरार हो गया। इसके बाद क्राइम ब्रांच की टीम उसकी तलाश कर रही है।
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फरीदाबाद। बैंक प्रबंधक सतीश के अपहरण मामले में अपहर्ताओं ने तीन दिनों तक गाड़ी में बैठकर उनके घर की रेकी की थी। रेकी में सतीश के घर आने का समय और परिवार में कितने लोग मौजूद हैं, इसका पता लगा लिया था। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी सतीश की पत्नी और दोस्त अमित का मोबाइल भी साथ ले गए थे। ताकी वह पुलिस को फोन कर सूचना न दे सकें। आरोपियों के जाने के बाद पत्नी ने पड़ोसियों के मोबाइल से पुलिस को सूचना दी थी, तब भी पुलिस की कार्रवाई खानापूर्ति तक सीमित रही। परिजनों का कहना है कि पुलिस यदि चेकिंग अभियान छेड़ देती या फिर सीसीटीवी की मदद लेती तो आरोपियों को बॉर्डर पार करने से पहले ही पकड़ा जा सकता था।
शहर में आपराधिक घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए स्मार्ट सिटी लिमिटेड की ओर से हाईवे समेत मुख्य सड़कों पर करीब 1500 से अधिक कैमरे लगाए गए हैं। इनकी मॉनिटरिंग सेक्टर-20 में बने कमांड एंड कंट्रोल रूम से की जाती है। पुलिस और स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अधिकारी 24 घंटे कैमरों पर नजर रखते हैं। इसके अलावा मुख्य चौक चौराहों पर पुलिस के नाके लगे हैं। पुलिस अधिकारियों का दावा रहता है आरोपी वारदात करके शहर से निकल नहीं सकता। कैमरों के माध्यम से सड़कों पर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के चालान तो खूब काटे जा रहे हैं, लेकिन बैंक प्रबंधक के अपहरण के वारदात की रात ये कैमरे काम नहीं आए, जिस कारण आरोपी बॉर्डर पार कर सतीश को हिमाचल ले गए। वहां से गुरुग्राम, मथुरा और आगरा घुमाते रहें। इसके बावजूद वह पकड़ में नहीं आए।
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हथीन के उटावड़ से खरीदा था तमंचा
आरोपियों ने वारदात में इस्तेमाल कट्टा हथीन के उटावड़ से खरीदा था, जिसे पुलिस ने आरोपियों से बरामद कर लिया है। इसके साथ ही जिन से आरोपियों ने तमंचा खरीदा उनकी भी तलाश की जा रही है।
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गुरुग्राम में रची थी अपहरण की साजिश
एसीपी क्राइम ब्रांच अमन यादव ने बताया कि आरोपी भूपेंद्र करीब 10 महीने पहले गुरुग्राम के बादशाहपुर स्थित पेट्रोल पंप पर काम करता था। वहां उसकी दोस्ती रविन्द्र से हुई थी। वहीं पर उन्होंने अपहरण की साजिश रची थी। दोनों आरोपियों ने दो-तीन दिन कार में ही शाम करीब साढ़े सात बजे सतीश के घर की रेकी की थी। आरोपी भूपेंद्र बैग में एक तमंचा, हथौड़ा लेकर 21 अप्रैल की रात को मुंह पर नकाब बांधकर प्रबंधक को उन्हीं की गाड़ी में डालकर ले गए थे। आरोपियों ने सतीश की पत्नी को फोन कर 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी और पैसे नहीं देने पर सतीश को जान से मारने की धमकी दी थी। आखिर में सतीश को छोड़ने के बदले पांच लाख में बात बन गई थी। हिमाचल पहुंचकर आरोपियों ने परिजनों से एक लाख रुपये सतीश के खाते में डलवाए और सतीश के एटीएम का इस्तेमाल करके अलग-अलग स्थान से पैसे निकलवा लिए। शेष चार लाख रुपये बल्लभगढ़ के केली बाईपास पर लेकर आने के लिए कहा गया।
क्राइम ब्रांच और पुलिस ने केली गांव बाईपास की सुबह की घेराबंदी
क्राइम ब्रांच सेक्टर-30 प्रभारी नवीन और पुलिस ने आसपास के इलाके की घेराबंदी की। सतीश की पत्नी जब पैसे लेकर पहुंची तो आरोपी भूपेंद्र किराये पर टैक्सी करके वहां पर पहुंचा और आरोपी रविंद्र मथुरा में सतीश के साथ था। भूपेंद्र जब पैसे लेने पहुंचा तो पुलिस ने उसे मौके से काबू कर लिया। आरोपी के कब्जे से एक पिस्टल, कारतूस, एक रस्सी, वारदात में प्रयोग एक गाड़ी और 4 लाख रुपये बरामद किए गए जो सतीश की पत्नी ने आरोपी को दिए थे। एसीपी ने बताया कि भूपेंद्र के साथी रविंद्र को जब पता चला कि भूपेंद्र को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है तो वह मथुरा से फरार हो गया। इसके बाद क्राइम ब्रांच की टीम उसकी तलाश कर रही है।