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Faridabad News: सतर्क रहे... पालतू कुत्तों के काटने से भी हो सकता है रैबीज
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बीके अस्पताल में हर दिन पहुंच रहे 100 से ज्यादा मरीज, इस साल अब तक लग चुके हैं 21 हजार रैबीज इंजेक्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर में कुत्तों के काटने के मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है। हैरानी की बात यह है कि इनमें सबसे ज्यादा मामले पालतू कुत्तों के काटने के सामने आ रहे हैं। कई घटनाओं में तो कुत्ते अपने ही मालिकों को शिकार बना रहे हैं। रेबीज का इंजेक्शन लगवाने आए मरीजों में करीब 60 प्रतिशत मरीज पालतू कुत्ते के काटने के कारण पहुंच रहे हैं।
बीके अस्पताल के एंटी रैबीज विभाग के मुताबिक, प्रतिदिन 100 से अधिक मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या बच्चों की है। अस्पताल में 2025 की शुरुआत से अब तक करीब 21 हजार रेबीज के इंजेक्शन लगाए जा चुके हैं। अस्पताल के डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि वे पालतू जानवरों के साथ सावधानी बरतें, खासतौर पर छोटे बच्चों को अकेले पालतू कुत्तों के पास न छोड़ें।
बीके अस्पताल के चिकित्सकों का कहना है कि अधिकतर मामलों में पालतू कुत्ते ही काट रहे हैं, जो यह दर्शाता है कि या तो उनका व्यवहार सही से नियंत्रित नहीं हो रहा या फिर मालिकों की ओर से उनकी देखभाल में लापरवाही बरती जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि पालतू जानवरों को समय पर वैक्सीनेट कराना जरूरी है और किसी भी काटने की घटना के बाद तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
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प्रशासन और पशुपालन विभाग से लोगों ने की अपील
मरीजों ने प्रशासन और पशुपालन विभाग से मांग की है कि पालतू जानवरों को लेकर नियमों को सख्ती से लागू किया जाए और पालतू कुत्तों के रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
वर्जन
कुत्ते के काटने के मामलों में इजाफा हो रहा है। हर माह दो हजार से अधिक इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं। यह आंकड़ा केवल नागरिक अस्पताल का है, निजी अस्पतालों में भी कई मरीज इंजेक्शन लगवाने के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में लोगों को सावधान रहने की आवश्यकता है।-- इंचार्ज शैलेंद्र हुड्डा, इंजेक्शन रूम
इस साल लगाए गए रेबीज के इंजेक्शन
माह इंजेक्शन
जनवरी - 2739
फरवरी - 2847
मार्च - 2556
अप्रैल - 2325
मई - 2504
जून - 2147
जुलाई - 2200
अगस्त - 2365
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर में कुत्तों के काटने के मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है। हैरानी की बात यह है कि इनमें सबसे ज्यादा मामले पालतू कुत्तों के काटने के सामने आ रहे हैं। कई घटनाओं में तो कुत्ते अपने ही मालिकों को शिकार बना रहे हैं। रेबीज का इंजेक्शन लगवाने आए मरीजों में करीब 60 प्रतिशत मरीज पालतू कुत्ते के काटने के कारण पहुंच रहे हैं।
बीके अस्पताल के एंटी रैबीज विभाग के मुताबिक, प्रतिदिन 100 से अधिक मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या बच्चों की है। अस्पताल में 2025 की शुरुआत से अब तक करीब 21 हजार रेबीज के इंजेक्शन लगाए जा चुके हैं। अस्पताल के डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि वे पालतू जानवरों के साथ सावधानी बरतें, खासतौर पर छोटे बच्चों को अकेले पालतू कुत्तों के पास न छोड़ें।
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बीके अस्पताल के चिकित्सकों का कहना है कि अधिकतर मामलों में पालतू कुत्ते ही काट रहे हैं, जो यह दर्शाता है कि या तो उनका व्यवहार सही से नियंत्रित नहीं हो रहा या फिर मालिकों की ओर से उनकी देखभाल में लापरवाही बरती जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि पालतू जानवरों को समय पर वैक्सीनेट कराना जरूरी है और किसी भी काटने की घटना के बाद तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
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प्रशासन और पशुपालन विभाग से लोगों ने की अपील
मरीजों ने प्रशासन और पशुपालन विभाग से मांग की है कि पालतू जानवरों को लेकर नियमों को सख्ती से लागू किया जाए और पालतू कुत्तों के रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
वर्जन
कुत्ते के काटने के मामलों में इजाफा हो रहा है। हर माह दो हजार से अधिक इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं। यह आंकड़ा केवल नागरिक अस्पताल का है, निजी अस्पतालों में भी कई मरीज इंजेक्शन लगवाने के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में लोगों को सावधान रहने की आवश्यकता है।
इस साल लगाए गए रेबीज के इंजेक्शन
माह इंजेक्शन
जनवरी - 2739
फरवरी - 2847
मार्च - 2556
अप्रैल - 2325
मई - 2504
जून - 2147
जुलाई - 2200
अगस्त - 2365