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देश में दूसरा सबसे प्रदूषित रहा बल्लभगढ़, फरीदाबाद की भी श्रेणी रही खराब
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फरीदाबाद। जिले में वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है लेकिन बचाव के लिए महज कागजों पर ही रोकथाम की जा रही है। आलम यह है कि सोमवार को शाम चार बजे तक बल्लभगढ़ देश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर बन गया। आगरा में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 486 के बाद बल्लभगढ़ में सबसे अधिक एक्यूआई 431 दर्ज किया गया। इससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों की आंखों में जलन, आंखों से आंसू आने के सांस संबंधित बीमारी बढ़ रही हैै। चिकित्सक इस मौसम लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी डेली बुलेटिन के अनुसार शाम चार बजे फरीदाबाद का एक्यूआई 360 दर्ज किया गया। हालांकि यह भी खराब श्रेणी में आता है। लेकिन यह बल्लभगढ़ की अपेक्षा काफी कम है। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अनुसार शहर में एनआईटी, सेक्टर-11, सेक्टर-30, सेक्टर-16ए समेत बल्लभगढ़ स्थित नाथू कॉलोनी से हवा की गुणवत्ता मापी जा रही है। यहां स्थापित एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन के एंबिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम से रोजाना हवा की गुणवत्ता जांची जाती है। इसके तहत मंगलवार शाम चार बजे तक बल्लभगढ़ का एक्यूआई 431 दर्ज किया गया, जो आगरा के एक्यूआई 486 के बाद देश में सबसे अधिक है। इसके अलावा फरीदाबाद में एक्यूआई 360 दर्ज किया गया। यह भी खराब श्रेणी में आता है। इस मौसम लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
सर्दी बढ़ने के साथ हवा की रफ्तार कम हो रही है। इसके चलते धुएं और धूल के कण वातावरण में ही घूम रहे हैं। इससे धुंध बन रही है। इसके चलते नमी, धूल और धुआं मिलकर स्मॉग बना रहा है। मौसम वैज्ञानिक महेश पहलावत ने बताया कि यह बारिश होने पर खत्म होगा। लेकिन अभी बारिश होने की संभावना नहीं है। इससे लोगों को फौरी राहत मिलने की उम्मीद कम है। स्वास्थ्य विभाग के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनय गुप्ता ने बताया कि इस तरह के प्रदूषण स्तर से लोगों के आंखों पर खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में लोग सावधानी बरतें। क्योंकि प्रदूषण के कारण आंखों में पानी आना, जलन, एलर्जी होने की संभावना बढ़ जाती है। समय पर जांच व उपचार न कराने पर आंख खराब होने का भी खतरा बढ़ जाता है। इसलिए घर से बाहर निकलने के दौरान समय-समय पर आंखों को साफ पानी से धोते रहें। इससे कुछ बचाव हो सकेगा। मास्क जरूर पहनें।
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी डेली बुलेटिन के अनुसार शाम चार बजे फरीदाबाद का एक्यूआई 360 दर्ज किया गया। हालांकि यह भी खराब श्रेणी में आता है। लेकिन यह बल्लभगढ़ की अपेक्षा काफी कम है। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अनुसार शहर में एनआईटी, सेक्टर-11, सेक्टर-30, सेक्टर-16ए समेत बल्लभगढ़ स्थित नाथू कॉलोनी से हवा की गुणवत्ता मापी जा रही है। यहां स्थापित एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन के एंबिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम से रोजाना हवा की गुणवत्ता जांची जाती है। इसके तहत मंगलवार शाम चार बजे तक बल्लभगढ़ का एक्यूआई 431 दर्ज किया गया, जो आगरा के एक्यूआई 486 के बाद देश में सबसे अधिक है। इसके अलावा फरीदाबाद में एक्यूआई 360 दर्ज किया गया। यह भी खराब श्रेणी में आता है। इस मौसम लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
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सर्दी बढ़ने के साथ हवा की रफ्तार कम हो रही है। इसके चलते धुएं और धूल के कण वातावरण में ही घूम रहे हैं। इससे धुंध बन रही है। इसके चलते नमी, धूल और धुआं मिलकर स्मॉग बना रहा है। मौसम वैज्ञानिक महेश पहलावत ने बताया कि यह बारिश होने पर खत्म होगा। लेकिन अभी बारिश होने की संभावना नहीं है। इससे लोगों को फौरी राहत मिलने की उम्मीद कम है। स्वास्थ्य विभाग के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनय गुप्ता ने बताया कि इस तरह के प्रदूषण स्तर से लोगों के आंखों पर खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में लोग सावधानी बरतें। क्योंकि प्रदूषण के कारण आंखों में पानी आना, जलन, एलर्जी होने की संभावना बढ़ जाती है। समय पर जांच व उपचार न कराने पर आंख खराब होने का भी खतरा बढ़ जाता है। इसलिए घर से बाहर निकलने के दौरान समय-समय पर आंखों को साफ पानी से धोते रहें। इससे कुछ बचाव हो सकेगा। मास्क जरूर पहनें।
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