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Faridabad News: कनाडा का पीआर वीजा दिलाने के नाम पर ठगी में जमानत याचिका खारिज

Sun, 21 Jun 2026 11:04 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 21 Jun 2026 11:04 PM IST
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Bail plea rejected in Canada PR visa fraud case.
-अदालत ने कहा- केवल चालान दाखिल होने से जमानत का अधिकार नहीं बनता, आरोपी पर गंभीर और विशिष्ट आरोप
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। कनाडा का स्थायी निवास (पीआर) वीजा दिलाने के नाम पर 34.52 लाख रुपये की कथित ठगी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (अवकाशकालीन न्यायाधीश) के.पी. सिंह की अदालत ने आरोपी विक्रांत वर्मा की दूसरी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि केवल चालान दाखिल हो जाने मात्र से आरोपी जमानत का हकदार नहीं हो जाता, जबकि उसके खिलाफ बड़ी रकम की ठगी और जालसाजी के विशिष्ट आरोप मौजूद हैं।

मामला थाना बीपीटीपी में आठ मार्च को दर्ज एफआईआर से संबंधित है। शिकायतकर्ता जयदीप फोगाट ने आरोप लगाया था कि विक्रांत वर्मा ने अटलांटिक इमिग्रेशन प्रोग्राम के तहत 12 माह के भीतर नौकरी सहित कनाडा का पीआर वीजा दिलाने का झांसा दिया। आरोपी के आश्वासनों पर भरोसा कर शिकायतकर्ता ने 34 लाख 52 हजार 798 रुपये का भुगतान किया।
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शिकायत के अनुसार बाद में पता चला कि आरोपी ने वीजा संबंधी रिकॉर्ड, एओआर और जीएसटी नंबर वाले इनवॉइस सहित कई दस्तावेज कथित रूप से फर्जी तैयार किए थे। इसी आधार पर उसके खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेज इस्तेमाल करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
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सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि आरोपी 25 मार्च से न्यायिक हिरासत में है और मामले में चालान भी दाखिल किया जा चुका है, इसलिए उसे जमानत दी जाए। वहीं अभियोजन पक्ष ने इसका विरोध करते हुए कहा कि आरोपी ने शिकायतकर्ता से भारी रकम हासिल की है तथा उसके खिलाफ इसी प्रकार का एक अन्य मामला भी दर्ज है।


अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद आरोप गंभीर हैं और आरोपी द्वारा बड़ी राशि की कथित ठगी किए जाने के आरोप हैं। साथ ही समान प्रकृति का एक और मामला दर्ज होना यह दर्शाता है कि वह ऐसे अपराधों का अभ्यस्त हो सकता है। इन परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने जमानत याचिका खारिज कर दी।
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