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Faridabad News: 98.27 लाख रुपये की ठगी के मामले में आरोपी की जमानत याचिका खारिज
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साइबर क्राइम थाना एनआईटी में 18 नवंबर 2024 को दर्ज हुई थी एफआईआर
पुलिस ने यूपी बस्ती निवासी जिशान अंसारी को किया था गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शेयर बाजार में निवेश पर मुनाफे का झांसा देकर 98.27 लाख रुपये की ठगी के मामले में आरोपी जिशान अंसारी की जमानत याचिका जिला अदालत ने खारिज कर दी है। आरोपी के वकील ने याचिका दायर कर दलील दी कि उसे केस में गलत फंसाया गया है। 20 अप्रैल 2025 से वह हिरासत में है।
वहीं अभियोजन पक्ष ने याचिका का विरोध करते हुए दलील दी कि आरोपी ने पूरी तरह से ठगी में भूमिका निभाई है। केस में कई अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी करना बाकी है। आरोपी का मोबाइल नंबर बैंक खाते से जुड़ा था। आईसीआईसीआई बैंक के इस खाते के खिलाफ ठगी की 14 अन्य शिकायतें अलग-अलग राज्यों में दर्ज हैं। दोनों पक्षों को सुनकर जिला अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी है।
साइबर क्राइम थाना एनआईटी में ये एफआईआर 18 नवंबर 2024 को दर्ज हुई थी। मामले में सूरजकुंड रोड की रहने वाली महिला ने पुलिस को शिकायत दी थी। इसमें कहा गया कि उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर शेयर बाजार में निवेश करने को लेकर टिप्स दी जाती थी। ग्रुप में बताया जाता था कि किस तरह शेयर बाजार में बेहतर मुनाफा कमाया जा सकता है। फिर इन्हें एक अन्य ग्रुप में जोड़ा गया। फिर एप पर इनका डीमेट खाता खोलकर निवेश कराना शुरू किया। कुल 98.27 लाख रुपये निवेश कराने के बाद इन्हें न तो मुनाफा मिला और न ही रुपये वापस मिले। तब मामला पुलिस तक पहुंचा। साइबर क्राइम थाना एनआईटी की टीम ने जांच करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया। अब जिशान अंसारी की जमानत याचिका अदालत ने खारिज की है।
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पुलिस ने यूपी बस्ती निवासी जिशान अंसारी को किया था गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शेयर बाजार में निवेश पर मुनाफे का झांसा देकर 98.27 लाख रुपये की ठगी के मामले में आरोपी जिशान अंसारी की जमानत याचिका जिला अदालत ने खारिज कर दी है। आरोपी के वकील ने याचिका दायर कर दलील दी कि उसे केस में गलत फंसाया गया है। 20 अप्रैल 2025 से वह हिरासत में है।
वहीं अभियोजन पक्ष ने याचिका का विरोध करते हुए दलील दी कि आरोपी ने पूरी तरह से ठगी में भूमिका निभाई है। केस में कई अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी करना बाकी है। आरोपी का मोबाइल नंबर बैंक खाते से जुड़ा था। आईसीआईसीआई बैंक के इस खाते के खिलाफ ठगी की 14 अन्य शिकायतें अलग-अलग राज्यों में दर्ज हैं। दोनों पक्षों को सुनकर जिला अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी है।
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साइबर क्राइम थाना एनआईटी में ये एफआईआर 18 नवंबर 2024 को दर्ज हुई थी। मामले में सूरजकुंड रोड की रहने वाली महिला ने पुलिस को शिकायत दी थी। इसमें कहा गया कि उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर शेयर बाजार में निवेश करने को लेकर टिप्स दी जाती थी। ग्रुप में बताया जाता था कि किस तरह शेयर बाजार में बेहतर मुनाफा कमाया जा सकता है। फिर इन्हें एक अन्य ग्रुप में जोड़ा गया। फिर एप पर इनका डीमेट खाता खोलकर निवेश कराना शुरू किया। कुल 98.27 लाख रुपये निवेश कराने के बाद इन्हें न तो मुनाफा मिला और न ही रुपये वापस मिले। तब मामला पुलिस तक पहुंचा। साइबर क्राइम थाना एनआईटी की टीम ने जांच करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया। अब जिशान अंसारी की जमानत याचिका अदालत ने खारिज की है।
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