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Faridabad News: लीड<bha>--</bha><bha>--</bha>-चार दिनों में दो बार उखड़ा बघौला फ्लाईओवर, गड्ढों से राहगीर परेशान
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चार दिनों में दो बार उखड़ा बघौला फ्लाईओवर, गड्ढों से राहगीर परेशान
करीब 50 करोड़ की लागत से बना था डेढ़ किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर स्थित बघौला फ्लाईओवर की सड़क बृहस्पतिवार और शुक्रवार बारिश के बाद एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। फ्लाईओवर पर दोबारा जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं, जिससे यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कुछ दिन पहले ही गड्ढों को भरने का काम विभाग द्वारा कराया गया था, लेकिन बारिश होते ही सड़क की स्थिति दोबारा खराब हो गई। गड्ढों में पानी भरने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिसके कारण वाहन चालकों को धीमी गति से गुजरना पड़ता है। वहीं, तेज रफ्तार से आने वाले वाहनों के लिए यहां हादसे का खतरा बना रहता है।
लोगों का कहना है कि संबंधित विभाग को बार-बार अस्थायी मरम्मत कराने के बजाय फ्लाईओवर की सड़क की गुणवत्ता की जांच कराकर इसका स्थायी समाधान करना चाहिए। फ्लाईओवर दिल्ली-आगरा मार्ग पर होने के कारण यहां से रोजाना बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं।
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दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी
फ्लाईओवर पर बने गड्ढों में बारिश का पानी भरने से दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। गड्ढे दिखाई नहीं देने के कारण बाइक और स्कूटी चालक अचानक उनमें गिरने से संतुलन खो सकते हैं।
निर्माण के कुछ महीनों बाद ही सवालों के घेरे में आया फ्लाईओवर
बघौला फ्लाईओवर करीब तीन साल के निर्माण कार्य के बाद अक्टूबर 2025 में बनकर तैयार हुआ था। करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से इसका निर्माण चौधरी कंस्ट्रक्शन एजेंसी ने किया था। दीपावली के आसपास इसे आम जनता के लिए खोल दिया गया था, ताकि त्योहारों के दौरान यातायात सुचारू रहे और लोगों को जाम से राहत मिल सके। हालांकि, निर्माण के कुछ महीनों बाद ही सड़क की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे। अब बारिश के बाद दोबारा गड्ढे बनने से फ्लाईओवर की निर्माण गुणवत्ता एक बार फिर चर्चा में है।
बुधवार को कई वाहनों के टायर और रिम टूटने की आई थी शिकायत
बघौला फ्लाईओवर पर बुधवार रात भी कई वाहन गड्ढों की चपेट में आ गए थे। वृंदावन से दर्शन कर घर लौट रहे कई यात्रियों ने शिकायत की थी कि फ्लाईओवर पर बने गड्ढों में वाहन के पहिए जाने से किसी की कार का टायर फट गया तो किसी की रिम मुड़ गई। वाहनों के क्षतिग्रस्त होने के बाद यात्रियों ने मदद के लिए पुलिस को सूचना दी। पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर कुछ वाहनों की स्टेपनी बदलवाने में मदद की। इसके बाद एनएचएआई की ओर से फ्लाईओवर पर बने गड्ढों को भरवा दिया गया था। हालांकि, पिछले दो दिनों में हुई बारिश के बाद फ्लाईओवर पर कई स्थानों पर गड्ढे दोबारा बन गए हैं। लोगों का कहना है कि बार-बार गड्ढे बनने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है।
वर्जन
टूटी सड़क की मरम्मत कराई जा रही है। अगर सड़क कहीं से भी टूटती है तो इसकी मरम्मत का कार्य निर्माण कार्य करने वाले एजेंसी करेगी। जल्द ही मरम्मत कर सड़क दुरुस्त कर दी जाएगी। किसी को भी परेशानी नहीं आने दी जाएगी। -धीरज कुमार, अधिकारी, एनएचएआई
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करीब 50 करोड़ की लागत से बना था डेढ़ किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर स्थित बघौला फ्लाईओवर की सड़क बृहस्पतिवार और शुक्रवार बारिश के बाद एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। फ्लाईओवर पर दोबारा जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं, जिससे यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कुछ दिन पहले ही गड्ढों को भरने का काम विभाग द्वारा कराया गया था, लेकिन बारिश होते ही सड़क की स्थिति दोबारा खराब हो गई। गड्ढों में पानी भरने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिसके कारण वाहन चालकों को धीमी गति से गुजरना पड़ता है। वहीं, तेज रफ्तार से आने वाले वाहनों के लिए यहां हादसे का खतरा बना रहता है।
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लोगों का कहना है कि संबंधित विभाग को बार-बार अस्थायी मरम्मत कराने के बजाय फ्लाईओवर की सड़क की गुणवत्ता की जांच कराकर इसका स्थायी समाधान करना चाहिए। फ्लाईओवर दिल्ली-आगरा मार्ग पर होने के कारण यहां से रोजाना बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं।
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दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी
फ्लाईओवर पर बने गड्ढों में बारिश का पानी भरने से दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। गड्ढे दिखाई नहीं देने के कारण बाइक और स्कूटी चालक अचानक उनमें गिरने से संतुलन खो सकते हैं।
निर्माण के कुछ महीनों बाद ही सवालों के घेरे में आया फ्लाईओवर
बघौला फ्लाईओवर करीब तीन साल के निर्माण कार्य के बाद अक्टूबर 2025 में बनकर तैयार हुआ था। करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से इसका निर्माण चौधरी कंस्ट्रक्शन एजेंसी ने किया था। दीपावली के आसपास इसे आम जनता के लिए खोल दिया गया था, ताकि त्योहारों के दौरान यातायात सुचारू रहे और लोगों को जाम से राहत मिल सके। हालांकि, निर्माण के कुछ महीनों बाद ही सड़क की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे। अब बारिश के बाद दोबारा गड्ढे बनने से फ्लाईओवर की निर्माण गुणवत्ता एक बार फिर चर्चा में है।
बुधवार को कई वाहनों के टायर और रिम टूटने की आई थी शिकायत
बघौला फ्लाईओवर पर बुधवार रात भी कई वाहन गड्ढों की चपेट में आ गए थे। वृंदावन से दर्शन कर घर लौट रहे कई यात्रियों ने शिकायत की थी कि फ्लाईओवर पर बने गड्ढों में वाहन के पहिए जाने से किसी की कार का टायर फट गया तो किसी की रिम मुड़ गई। वाहनों के क्षतिग्रस्त होने के बाद यात्रियों ने मदद के लिए पुलिस को सूचना दी। पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर कुछ वाहनों की स्टेपनी बदलवाने में मदद की। इसके बाद एनएचएआई की ओर से फ्लाईओवर पर बने गड्ढों को भरवा दिया गया था। हालांकि, पिछले दो दिनों में हुई बारिश के बाद फ्लाईओवर पर कई स्थानों पर गड्ढे दोबारा बन गए हैं। लोगों का कहना है कि बार-बार गड्ढे बनने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है।
वर्जन
टूटी सड़क की मरम्मत कराई जा रही है। अगर सड़क कहीं से भी टूटती है तो इसकी मरम्मत का कार्य निर्माण कार्य करने वाले एजेंसी करेगी। जल्द ही मरम्मत कर सड़क दुरुस्त कर दी जाएगी। किसी को भी परेशानी नहीं आने दी जाएगी। -धीरज कुमार, अधिकारी, एनएचएआई