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आयुष्मान योजना फर्जीवाड़े में प्रदेश स्तर से जुड़े हैं तार

Wed, 14 Aug 2019 11:42 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 14 Aug 2019 11:42 PM IST
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Ayushman scheme fraud : wires connected at state level
आयुष्मान योजना फर्जीवाड़े में प्रदेश स्तर से जुड़े हैं तार
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फरीदाबाद। आयुष्मान योजना में फर्जी कार्ड बनाकर पलवल की एक महिला सहित कई अन्य अयोग्य लोगों को निशुल्क इलाज दिए जाने के मामले में प्रदेशस्तरीय कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। इस संबंध में तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने संबंधित लोगों से कई घंटे पूछताछ कर मामले की पड़ताल शुरू कर दी। फरीदाबाद में हुए फर्जीवाडे़ की जांच शुरू हुई तो प्रदेश स्तर से फर्जी या अवैध कार्ड को मंजूरी मिलने पर भी सवाल उठने लगे हैं। ऐसे में कौन से कार्ड फर्जी हैं, उन पर लाभार्थी क्लेम कैसे हुआ और प्रदेश स्तर पर मंजूरी कैसे मिली, इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
आयुष्मान सहायता केंद्र पर बेसिक इनर्फोमेशन सिस्टम (बीआईएस) के जरिये लाभार्थी (गोल्डन) कार्ड बनाए जाते हैं। जिला स्तर पर लाभार्थी का रिकॉर्ड अपडेट कराया जाता है। इसके बाद प्रदेश स्तर से लाभार्थी डेटा क्रॉस चेक (पुन: जांच) कर मंजूरी दी जाती है। ऐसे में यदि फरीदाबाद से अयोग्य लोगों को लाभ दिया गया है तो उसके लिए प्रदेश स्तरीय मंजूरी किस तरह मिली, इसकी भी पड़ताल की जा रही है। इसके अलावा लाभार्थी सूची के साथ छेड़छाड़ के बाद इन अयोग्य कार्ड धारकों को केंद्रीय योजना के एवज में मोटी रकम का निशुल्क लाभ भी दिलवाया गया है। इसके लिए ट्रांजेक्शन मैैनेजमेंट सिस्टम (टीएमएस) से लाभार्थी क्लेम जनरेट कर दिया गया। इसमें भी जिला स्तरीय टीएमएस संस्तुति और राज्य स्तरीय मंजूरी की भी जांच की जा रही है।
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आयुष्मान योजना के जिला नोडल अधिकारी डॉ. रमेश ने बताया कि दो आयुष्मान मित्रों के खिलाफ शिकायत मिली थी। जांच के लिए उन्हें आयुष्मान सहायता केंद्र पर काम करने से रोका गया है। उनकी आईडी भी ब्लॉक कर दी गई है। उन्होंने बताया कि तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने योजना से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति से घंटों पूछताछ की। बहुस्तरीय कार्यप्रणाली में अपने काम में किस-किस ने कोताही बरती है इसकी जांच की जा रही है। जांच के बाद ही किसी को दोषी ठहराया जा सकता है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गुलशन अरोड़ा, जिला नोडल अधिकारी डॉ. रमेश और प्रदेश स्तर से कैलाश कुमार की तीन सदस्यीय टीम जांच में जुटी है।
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