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Faridabad News: शहर में बिना नंबर प्लेट के दौड़ रहे ऑटो
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फरीदाबाद में बिना नंबर प्लेट के दौड़ रहे ऑटों। संवाद
नियमों की हो रही अनदेखी, महिलाओं में बढ़ी असुरक्षा की भावना
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर में बिना नंबर प्लेट और रजिस्ट्रेशन प्लेट के ऑटो धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। प्रशासन की ओर से समय-समय पर चालान की कार्रवाई किए जाने के बावजूद बड़ी संख्या में ऑटो चालक नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। इसका असर केवल यातायात व्यवस्था पर ही नहीं, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा पर भी पड़ रहा है।
मुख्य चौराहों, मॉल, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और बाजारों के आसपास ऑटो चालकों का अवैध कब्जा लगातार बढ़ता जा रहा है। चालक मनमाने ढंग से बीच सड़क पर ही ऑटो खड़े कर देते हैं, जिससे रोजाना लंबा जाम लग रहा है। कई स्थानों पर चालक सवारी भरने के लिए ग्रीन लाइट होने पर भी वाहन रोक देते हैं, जिसके कारण अन्य वाहन चालक निकल नहीं पाते और यातायात पूरी तरह बाधित हो जाता है।
सबसे ज्यादा अव्यवस्था अजरौंदा मेट्रो स्टेशन, बीके चौक, बल्लभगढ़ मोड़, बाटा मेट्रो स्टेशन, नीलम चौक, सोहना रोड, हार्डवेयर चौक, बड़खल, ओल्ड फरीदाबाद, सेक्टर-12 स्थित मॉल, एनआईटी स्थित मॉल, एनआईटी-1 बाजार, एनआईटी-5 और ओल्ड फरीदाबाद बाजार के आसपास देखने को मिल रही है। इन इलाकों में दिनभर ऑटो चालकों का जमावड़ा लगा रहता है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि कई चालक ऐसे स्थानों पर वाहन खड़े कर देते हैं, जहां रुकने की बिल्कुल अनुमति नहीं है। शिकायतों के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हो रहा। लोगों का आरोप है कि ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी में भी नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है।
महिलाओं ने भी बिना नंबर प्लेट वाले ऑटो को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि यदि कोई चालक अपराध करता है या किसी महिला के साथ अभद्रता करता है, तो बिना नंबर प्लेट के उसकी पहचान करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में महिलाएं देर शाम और रात के समय ऑटो में सफर करने से डरती हैं।
शहरवासियों का कहना है कि प्रशासन को इस मामले में और सख्ती बरतने की जरूरत है। बिना नंबर प्लेट वाले ऑटो पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए और अवैध रूप से सड़क घेरने वाले चालकों के खिलाफ नियमित अभियान चलाया जाना चाहिए, ताकि यातायात व्यवस्था सुधर सके और महिलाओं को सुरक्षित माहौल मिल सके।
महिलाओं से बातचीत
बिना नंबर प्लेट वाले ऑटो में बैठने से डर लगता है। कई बार जल्दी में मजबूरी में बैठना पड़ता है, लेकिन सुरक्षा को लेकर मन में डर बना रहता है। - सोनिया, पर्वतीय कॉलोनी
--
मेट्रो स्टेशन और बाजारों के बाहर ऑटो चालक सड़क पर कब्जा कर लेते हैं। जाम की वजह से रोज परेशानी होती है और कई चालक अभद्र व्यवहार भी करते हैं। - अलका, खेड़ी पुल
--
यदि किसी महिला के साथ कोई घटना हो जाए तो बिना नंबर प्लेट वाले ऑटो चालक को पकड़ना मुश्किल हो जाता है। प्रशासन को ऐसे ऑटो तुरंत बंद कराने चाहिए।-मीना, सेक्टर- 52
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर में बिना नंबर प्लेट और रजिस्ट्रेशन प्लेट के ऑटो धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। प्रशासन की ओर से समय-समय पर चालान की कार्रवाई किए जाने के बावजूद बड़ी संख्या में ऑटो चालक नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। इसका असर केवल यातायात व्यवस्था पर ही नहीं, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा पर भी पड़ रहा है।
मुख्य चौराहों, मॉल, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और बाजारों के आसपास ऑटो चालकों का अवैध कब्जा लगातार बढ़ता जा रहा है। चालक मनमाने ढंग से बीच सड़क पर ही ऑटो खड़े कर देते हैं, जिससे रोजाना लंबा जाम लग रहा है। कई स्थानों पर चालक सवारी भरने के लिए ग्रीन लाइट होने पर भी वाहन रोक देते हैं, जिसके कारण अन्य वाहन चालक निकल नहीं पाते और यातायात पूरी तरह बाधित हो जाता है।
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सबसे ज्यादा अव्यवस्था अजरौंदा मेट्रो स्टेशन, बीके चौक, बल्लभगढ़ मोड़, बाटा मेट्रो स्टेशन, नीलम चौक, सोहना रोड, हार्डवेयर चौक, बड़खल, ओल्ड फरीदाबाद, सेक्टर-12 स्थित मॉल, एनआईटी स्थित मॉल, एनआईटी-1 बाजार, एनआईटी-5 और ओल्ड फरीदाबाद बाजार के आसपास देखने को मिल रही है। इन इलाकों में दिनभर ऑटो चालकों का जमावड़ा लगा रहता है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि कई चालक ऐसे स्थानों पर वाहन खड़े कर देते हैं, जहां रुकने की बिल्कुल अनुमति नहीं है। शिकायतों के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हो रहा। लोगों का आरोप है कि ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी में भी नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है।
महिलाओं ने भी बिना नंबर प्लेट वाले ऑटो को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि यदि कोई चालक अपराध करता है या किसी महिला के साथ अभद्रता करता है, तो बिना नंबर प्लेट के उसकी पहचान करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में महिलाएं देर शाम और रात के समय ऑटो में सफर करने से डरती हैं।
शहरवासियों का कहना है कि प्रशासन को इस मामले में और सख्ती बरतने की जरूरत है। बिना नंबर प्लेट वाले ऑटो पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए और अवैध रूप से सड़क घेरने वाले चालकों के खिलाफ नियमित अभियान चलाया जाना चाहिए, ताकि यातायात व्यवस्था सुधर सके और महिलाओं को सुरक्षित माहौल मिल सके।
महिलाओं से बातचीत
बिना नंबर प्लेट वाले ऑटो में बैठने से डर लगता है। कई बार जल्दी में मजबूरी में बैठना पड़ता है, लेकिन सुरक्षा को लेकर मन में डर बना रहता है। - सोनिया, पर्वतीय कॉलोनी
मेट्रो स्टेशन और बाजारों के बाहर ऑटो चालक सड़क पर कब्जा कर लेते हैं। जाम की वजह से रोज परेशानी होती है और कई चालक अभद्र व्यवहार भी करते हैं। - अलका, खेड़ी पुल
यदि किसी महिला के साथ कोई घटना हो जाए तो बिना नंबर प्लेट वाले ऑटो चालक को पकड़ना मुश्किल हो जाता है। प्रशासन को ऐसे ऑटो तुरंत बंद कराने चाहिए।-मीना, सेक्टर- 52