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Faridabad News: कॉलोनियों व सेक्टरों में अंदर तक नहीं जाते ऑटो चालक, लोग परेशान
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मनमाना किराया नहीं देने पर बाहर ही उतार देते हैं
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर की कई कॉलोनियों और सेक्टरों में ऑटो रिक्शा की सुविधा नहीं होने से आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मुख्य सड़कों तक ही ऑटो चलने के कारण लोगों को घरों तक पहुंचने के लिए काफी दूर पैदल चलना मजबूरी बन गया है। खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए यह स्थिति और भी कठिन साबित हो रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कॉलोनियों और सेक्टरों के अंदर तक ऑटो नहीं जाने के कारण रोजमर्रा के कामों में दिक्कतें बढ़ गई हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों, अस्पताल जाने वाले मरीजों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। कई बार बुजुर्ग जब ऑटो चालकों से सेक्टर के अंदर तक छोड़ने का आग्रह करते हैं तो चालक मनमाने रुपये मांगने लगते हैं। अतिरिक्त किराया न देने पर वे अंदर जाने से साफ इनकार कर देते हैं।
महिलाओं का कहना है कि भारी सामान या छोटे बच्चों के साथ पैदल चलना बेहद मुश्किल हो जाता है। बरसात और तेज धूप में हालात और भी खराब हो जाते हैं। लोगों का कहना है कि ऑटो चालकों पर किसी तरह का नियंत्रण न होने के कारण वे अपनी मनमर्जी से किराया वसूल रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि कॉलोनियों और सेक्टरों के अंदर तक ऑटो या अन्य सार्वजनिक वाहनों की व्यवस्था की जाए। साथ ही ऑटो चालकों के लिए निश्चित किराया और नियम तय किए जाएं, ताकि आमजन को राहत मिल सके।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर की कई कॉलोनियों और सेक्टरों में ऑटो रिक्शा की सुविधा नहीं होने से आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मुख्य सड़कों तक ही ऑटो चलने के कारण लोगों को घरों तक पहुंचने के लिए काफी दूर पैदल चलना मजबूरी बन गया है। खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए यह स्थिति और भी कठिन साबित हो रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कॉलोनियों और सेक्टरों के अंदर तक ऑटो नहीं जाने के कारण रोजमर्रा के कामों में दिक्कतें बढ़ गई हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों, अस्पताल जाने वाले मरीजों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। कई बार बुजुर्ग जब ऑटो चालकों से सेक्टर के अंदर तक छोड़ने का आग्रह करते हैं तो चालक मनमाने रुपये मांगने लगते हैं। अतिरिक्त किराया न देने पर वे अंदर जाने से साफ इनकार कर देते हैं।
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महिलाओं का कहना है कि भारी सामान या छोटे बच्चों के साथ पैदल चलना बेहद मुश्किल हो जाता है। बरसात और तेज धूप में हालात और भी खराब हो जाते हैं। लोगों का कहना है कि ऑटो चालकों पर किसी तरह का नियंत्रण न होने के कारण वे अपनी मनमर्जी से किराया वसूल रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि कॉलोनियों और सेक्टरों के अंदर तक ऑटो या अन्य सार्वजनिक वाहनों की व्यवस्था की जाए। साथ ही ऑटो चालकों के लिए निश्चित किराया और नियम तय किए जाएं, ताकि आमजन को राहत मिल सके।
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