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Faridabad News: सीबीआई अधिकारी बनकर ठगी का प्रयास, सूझबूझ से बचे आरडब्ल्यूए के पूर्व प्रधान

Mon, 01 Apr 2024 11:01 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 01 Apr 2024 11:01 PM IST
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Attempt to cheat by posing as a CBI officer, former head of RWA saved with his wisdom
संवाद न्यूज एजेंसी
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फरीदाबाद। सीबीआई का फर्जी अधिकारी बनकर साइबर ठगों ने ग्रेटर फरीदाबाद स्थित एक सोसाइटी के पूर्व प्रधान को डिजिटली अरेस्ट कर अपना शिकार बनाना चाहा। आरोपियों ने उन्हें आरबीआई और सीबीआई के फर्जी आदेश भी भेजे। मामला वास्तविक दिखाने के लिए आरोपी पुलिस की वर्दी में वीडियो काॅल कर रहे थे। लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद भी आरोपी अपनी चाल में कामयाब नहीं हो पाए। ठगों ने जैसे ही खातों में पैसे भेजने की बात कही आरडब्लूए के पूर्व प्रधान ने मामले को पकड़ लिया और फोन बंद कर दिया।
ग्रेटर फरीदाबाद सेक्टर 86 स्थित ओजोन पार्क सोसाइटी के पूर्व प्रधान पवन शर्मा ने बताया वह एक निजी कंपनी में वरिष्ठ उपाध्यक्ष हैं। सोमवार को उनके मोबाइल पर एक अंजान नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद का मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया और कहा आपके नाम से एक पार्सल ताइवान भेजा जा रहा है। इसमें नशीला पदार्थ है। कुछ देर बाद उसने कॉल ट्रांसफर कर दी। दूसरे युवक ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताया और कहा आरबीआई से पता लगा आपके आधार कार्ड से कई खाते खुले हुए हैं। इनमें हवाला और नशीले पदार्थ की तस्करी का पैसा आता है। पवन के मना करने पर आरोपी ने वीडियो कॉल की, जिसमें वह पुलिस की वर्दी में बैठा हुआ था। विश्वास जमाने के लिए ठग ने पवन के मोबाइल पर आरबीआई और सीबीआई की मोहर लगे दस्तावेज भी भेजे।
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ठग ने कहा वह मदद कर सकता है। अपने खाते से 96 प्रतिशत पैसे उनके बताए खाते में भेज दो। जांच में सबकुछ सही मिला तो वह 30 मिनट बाद पैसे वापस भेज देंगे। पैसे भेजने की बात पर पवन शर्मा को ठग पर शक हो गया। उन्होंने तुरंत फोन स्विच ऑफ कर दिया और साइबर थाना सेंट्रल पहुंचे। यहां जांच में पता लगा मामला पूरा फर्जी है। पुलिस ने ठगों के मोबाइल नंबर को बंद करने की प्रकिया शुरू कर दी है।
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साइबर ठगी से जागरूकता ही बचाव
साइबर ठगी के मामलों में जागरूकता ही बचाव है। सूझबूझ से बड़ी ठगी होने से बची है, ये अच्छी बात है। लोगों को विवेक से काम लेना चाहिए। किसी भी तरह की जानकारी लेने के लिए साइबर थाना व लोकल थाना पुलिस हमेशा हाजिर है। जागरूकता अभियान से कई लोग ठगी का शिकार होने से बचे हैं। इस अभियान को लगातार जारी रखा जा रहा है।
- अभिमन्यू गोयत- एसीपी साइबर अपराध
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