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Faridabad News: विद्यार्थियों के नवाचार को पेटेंट कराने पर मिलेगी मदद
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सरकार देगी 50 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता, उच्च शिक्षण संस्थानों में बनेंगे आईपीआर सेल
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। महाविद्यालय और विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के नवाचार अब पेटेंट तक पहुंच सकेंगे। सरकार ने विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं की बौद्धिक संपदा की सुरक्षा और पेटेंट कराने में मदद करने के लिए हरियाणा पेटेंट सहायता, व्यावसायीकरण एवं नवाचार सुविधा नीति 2026-27 लागू की है।
इसके तहत पेटेंट करने वाले को अधिकतम 50 हजार रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जा सकेगी। इस योजना से जेसी बोस विश्वविद्यालय जैसे उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों को भी फायदा पहुंचेगा। इससे विद्यार्थियों को अपने नवाचार को पेटेंट कराने में आर्थिक मदद मिल सकेगी। योजना के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों और विश्वविद्यालयों में बौद्धिक संपदा अधिकार सेल स्थापित करने का प्रावधान किया गया है। यह सेल विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को पेटेंट दाखिल करने, बौद्धिक संपदा के प्रबंधन और नवाचार को बढ़ावा देने में संस्थान स्तर पर सहायता करेगा। जेसी बोस विश्वविद्यालय में मैकेनिकल डिपार्टमेंट के प्रोफेसर राजीव शाह का कहना है कि इस योजना से छात्रों का मनोबल बढ़ेगा। साथ ही वे अधिक लगन के साथ काम करेंगे।
एक वित्तीय वर्ष में एक पेटेंट के लिए कर सकेंगे आवेदन
नीति के अनुसार एक आवेदक को एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम एक पेटेंट आवेदन के लिए सहायता दी जाएगी। कुछ विशेष मामलों में ही एक से अधिक पेटेंट पर विचार किया जाएगा। इसके साथ ही पेटेंट से जुड़े दस्तावेज और दावों का सत्यापन किया जाएगा। सरकार की इस नीति में विद्यार्थियों के अलावा शोधकर्ता, स्टार्टअप, एमएसएमई, आविष्कारक, ग्रामीण एवं जमीनी स्तर के नवप्रवर्तक (इनोवेटर) भी शामिल हैं। योजना के तहत एआई, डीप-टेक, स्वास्थ्य, कृषि और हरित तकनीक जैसे क्षेत्रों के नवाचारों को प्राथमिकता दी जा सकती है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। महाविद्यालय और विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के नवाचार अब पेटेंट तक पहुंच सकेंगे। सरकार ने विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं की बौद्धिक संपदा की सुरक्षा और पेटेंट कराने में मदद करने के लिए हरियाणा पेटेंट सहायता, व्यावसायीकरण एवं नवाचार सुविधा नीति 2026-27 लागू की है।
इसके तहत पेटेंट करने वाले को अधिकतम 50 हजार रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जा सकेगी। इस योजना से जेसी बोस विश्वविद्यालय जैसे उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों को भी फायदा पहुंचेगा। इससे विद्यार्थियों को अपने नवाचार को पेटेंट कराने में आर्थिक मदद मिल सकेगी। योजना के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों और विश्वविद्यालयों में बौद्धिक संपदा अधिकार सेल स्थापित करने का प्रावधान किया गया है। यह सेल विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को पेटेंट दाखिल करने, बौद्धिक संपदा के प्रबंधन और नवाचार को बढ़ावा देने में संस्थान स्तर पर सहायता करेगा। जेसी बोस विश्वविद्यालय में मैकेनिकल डिपार्टमेंट के प्रोफेसर राजीव शाह का कहना है कि इस योजना से छात्रों का मनोबल बढ़ेगा। साथ ही वे अधिक लगन के साथ काम करेंगे।
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एक वित्तीय वर्ष में एक पेटेंट के लिए कर सकेंगे आवेदन
नीति के अनुसार एक आवेदक को एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम एक पेटेंट आवेदन के लिए सहायता दी जाएगी। कुछ विशेष मामलों में ही एक से अधिक पेटेंट पर विचार किया जाएगा। इसके साथ ही पेटेंट से जुड़े दस्तावेज और दावों का सत्यापन किया जाएगा। सरकार की इस नीति में विद्यार्थियों के अलावा शोधकर्ता, स्टार्टअप, एमएसएमई, आविष्कारक, ग्रामीण एवं जमीनी स्तर के नवप्रवर्तक (इनोवेटर) भी शामिल हैं। योजना के तहत एआई, डीप-टेक, स्वास्थ्य, कृषि और हरित तकनीक जैसे क्षेत्रों के नवाचारों को प्राथमिकता दी जा सकती है।
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