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Faridabad News: प्रदूषण नियंत्रण को लेकर विधानसभा समिति सख्त, गुरुग्राम नहर से लिया सैंपल
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अधिकारियों से पूछा- दिल्ली से फरीदाबाद तक कैसे बदल गई पानी की गुणवत्ता
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। पर्यावरण एवं प्रदूषण मामलों की विधानसभा समिति ने बृहस्पतिवार को फरीदाबाद में कई जगहों का दौरा किया। गुरुग्राम नहर में काला और दूषित पानी देखकर समिति ने अधिकारियों से सवाल-जवाब किए। समिति के सदस्यों ने अधिकारियों से पूछा कि दिल्ली से फरीदाबाद में प्रवेश करने के समय नहर के पानी की गुणवत्ता कैसी रहती है और फरीदाबाद पहुंचने तक इसमें इतना बदलाव कैसे हो जाता है।
समिति ने अधिकारियों से यह भी जानकारी मांगी कि दिल्ली से निकलने और फरीदाबाद पहुंचने के बीच पानी के नमूने लिए गए हैं या नहीं। समिति ने साफ पानी के लिए किए जा रहे उपायों और प्रस्तावित संयंत्रों की जानकारी भी मांगी। इस दौरान समिति ने गुरुग्राम नहर के पानी का सैंपल भी लिया। समिति के सामने अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली से सेक्टर-55 तक पहुंचने के दौरान कई स्थानों का सीवर नहर में पहुंचता है, जिससे पानी की गुणवत्ता प्रभावित होती है। अधिकारियों ने बताया कि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए एसटीपी और सीईटीपी स्थापित करने का काम चल रहा है। इनके संचालन के बाद स्थिति में सुधार आने की उम्मीद है।
समिति के चेयरमैन एवं विधायक राम कुमार कश्यप की अध्यक्षता में हुई बैठक में वायु और जल प्रदूषण समेत पर्यावरण से जुड़े विभिन्न मुद्दों की समीक्षा की गई। समिति के सदस्यों ने अधिकारियों से औद्योगिक इकाइयों में प्रदूषण नियंत्रण, ईटीपी की कार्यप्रणाली, उपचारित पानी की मात्रा और उसके पुन: उपयोग की स्थिति की जानकारी ली। समिति ने निर्देश दिए कि औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले प्रदूषित पानी की नियमित निगरानी की जाए और उपचारित पानी का अधिक से अधिक पुन: उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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चेयरमैन राम कुमार कश्यप ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। सभी विभागों, प्रशासन और आमजन को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए समयबद्ध कार्रवाई करने और औद्योगिक क्षेत्रों में पर्यावरणीय मानकों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्रों में खाली जगहों पर बड़े पैमाने पर पौधरोपण कराने पर भी जोर दिया।
कचरा जलाने और तार जलाने जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए। समिति ने कहा कि कचरे का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन, पृथक्करण और निस्तारण किया जाए, ताकि खुले में कचरा जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण को रोका जा सके। धूल प्रदूषण, सड़क रखरखाव और निर्माण कार्यों के दौरान धूल नियंत्रण के उपायों को भी प्रभावी ढंग से लागू करने को कहा गया।
भूजल खराब, कैंसर रोगियों की पहचान के लिए लगेंगे शिविर
नूंह के फिरोजपुर झिरका से विधायक मामन खान ने धौज, फतेहपुर तगा, सिकरौना सहित आसपास के गांवों में खराब भूजल का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में भूजल की गुणवत्ता खराब होने से लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने अल-फलाह मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों को इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर कैंसर रोगियों की पहचान करने की दिशा में काम करने की हिदायत दी।
समिति ने किया विभिन्न स्थलों का निरीक्षण
बैठक के बाद समिति ने सेक्टर-56 गुरुग्राम नहर, सीईटीपी साइट, सेक्टर-58 के इलेक्ट्रोप्लेटिंग जोन, प्रतापगढ़ एसटीपी, जेसीबी, सेक्टर-62-63 और अल-फलाह यूनिवर्सिटी का फील्ड निरीक्षण किया। इस दौरान कचरा प्रबंधन, डंपिंग व्यवस्था, औद्योगिक इकाइयों में प्रदूषण नियंत्रण, एचएसवीपी की ग्रीन बेल्ट और पौधारोपण कार्यों की मौके पर स्थिति देखी गई। सेक्टर-62-63 और अल-फलाह यूनिवर्सिटी में पौधरोपण भी किया गया।
बैठक में विधायक घनश्याम दास, मूलचंद शर्मा, सतीश फागना, मामन खान, समिति सदस्य सुनील कुमार, उपायुक्त आयुष सिन्हा, नगर निगम आयुक्त यशेंद्र सिंह समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। समिति ने कहा कि केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है, उनका धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन और नियमित निगरानी भी जरूरी है।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। पर्यावरण एवं प्रदूषण मामलों की विधानसभा समिति ने बृहस्पतिवार को फरीदाबाद में कई जगहों का दौरा किया। गुरुग्राम नहर में काला और दूषित पानी देखकर समिति ने अधिकारियों से सवाल-जवाब किए। समिति के सदस्यों ने अधिकारियों से पूछा कि दिल्ली से फरीदाबाद में प्रवेश करने के समय नहर के पानी की गुणवत्ता कैसी रहती है और फरीदाबाद पहुंचने तक इसमें इतना बदलाव कैसे हो जाता है।
समिति ने अधिकारियों से यह भी जानकारी मांगी कि दिल्ली से निकलने और फरीदाबाद पहुंचने के बीच पानी के नमूने लिए गए हैं या नहीं। समिति ने साफ पानी के लिए किए जा रहे उपायों और प्रस्तावित संयंत्रों की जानकारी भी मांगी। इस दौरान समिति ने गुरुग्राम नहर के पानी का सैंपल भी लिया। समिति के सामने अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली से सेक्टर-55 तक पहुंचने के दौरान कई स्थानों का सीवर नहर में पहुंचता है, जिससे पानी की गुणवत्ता प्रभावित होती है। अधिकारियों ने बताया कि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए एसटीपी और सीईटीपी स्थापित करने का काम चल रहा है। इनके संचालन के बाद स्थिति में सुधार आने की उम्मीद है।
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समिति के चेयरमैन एवं विधायक राम कुमार कश्यप की अध्यक्षता में हुई बैठक में वायु और जल प्रदूषण समेत पर्यावरण से जुड़े विभिन्न मुद्दों की समीक्षा की गई। समिति के सदस्यों ने अधिकारियों से औद्योगिक इकाइयों में प्रदूषण नियंत्रण, ईटीपी की कार्यप्रणाली, उपचारित पानी की मात्रा और उसके पुन: उपयोग की स्थिति की जानकारी ली। समिति ने निर्देश दिए कि औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले प्रदूषित पानी की नियमित निगरानी की जाए और उपचारित पानी का अधिक से अधिक पुन: उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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चेयरमैन राम कुमार कश्यप ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। सभी विभागों, प्रशासन और आमजन को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए समयबद्ध कार्रवाई करने और औद्योगिक क्षेत्रों में पर्यावरणीय मानकों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्रों में खाली जगहों पर बड़े पैमाने पर पौधरोपण कराने पर भी जोर दिया।
कचरा जलाने और तार जलाने जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए। समिति ने कहा कि कचरे का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन, पृथक्करण और निस्तारण किया जाए, ताकि खुले में कचरा जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण को रोका जा सके। धूल प्रदूषण, सड़क रखरखाव और निर्माण कार्यों के दौरान धूल नियंत्रण के उपायों को भी प्रभावी ढंग से लागू करने को कहा गया।
भूजल खराब, कैंसर रोगियों की पहचान के लिए लगेंगे शिविर
नूंह के फिरोजपुर झिरका से विधायक मामन खान ने धौज, फतेहपुर तगा, सिकरौना सहित आसपास के गांवों में खराब भूजल का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में भूजल की गुणवत्ता खराब होने से लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने अल-फलाह मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों को इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर कैंसर रोगियों की पहचान करने की दिशा में काम करने की हिदायत दी।
समिति ने किया विभिन्न स्थलों का निरीक्षण
बैठक के बाद समिति ने सेक्टर-56 गुरुग्राम नहर, सीईटीपी साइट, सेक्टर-58 के इलेक्ट्रोप्लेटिंग जोन, प्रतापगढ़ एसटीपी, जेसीबी, सेक्टर-62-63 और अल-फलाह यूनिवर्सिटी का फील्ड निरीक्षण किया। इस दौरान कचरा प्रबंधन, डंपिंग व्यवस्था, औद्योगिक इकाइयों में प्रदूषण नियंत्रण, एचएसवीपी की ग्रीन बेल्ट और पौधारोपण कार्यों की मौके पर स्थिति देखी गई। सेक्टर-62-63 और अल-फलाह यूनिवर्सिटी में पौधरोपण भी किया गया।
बैठक में विधायक घनश्याम दास, मूलचंद शर्मा, सतीश फागना, मामन खान, समिति सदस्य सुनील कुमार, उपायुक्त आयुष सिन्हा, नगर निगम आयुक्त यशेंद्र सिंह समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। समिति ने कहा कि केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है, उनका धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन और नियमित निगरानी भी जरूरी है।