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Faridabad News: रिश्वत लेने के दोषी एएसआई को 4 साल की कैद

Fri, 23 Jan 2026 01:10 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 23 Jan 2026 01:10 AM IST
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ASI convicted of taking bribe gets 4 years imprisonment
बरामद हुए 30 हजार शिकायतकर्ता को नहीं मिलेंगे
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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार की अदालत ने दो दिन पहले दोषी करार दिया था

एसीबी थाने में 7 जुलाई 2023 को दर्ज हुई थी एफआईआर

अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। रिश्वत लेने के दोषी एएसआई जसपाल को जिला अदालत ने 4 साल कैद की सजा दी है। पुख्ता सबूतों व गवाहों के आधार पर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार की अदालत ने 20 जनवरी को एएसआई को दोषी करार दिया था। बृहस्पतिवार को अदालत ने सजा पर फैसला सुनाया। अदालत ने एएसआई को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत 4 साल और 13 (1)(b) के तहत 4 साल कैद की सजा दी है। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। अदालत ने दोषी पर 40 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
वहीं मामले में शिकायतकर्ता रहे श्रीनिवास को दोषी से बरामद हुई 30 हजार की रकम वापस नहीं मिलेगी। सजा के आदेश में ही अदालत ने स्पष्ट किया कि शिकायतकर्ता ने अभियोजन पक्ष का समर्थन नहीं किया, इसलिए उसे इस रकम को वापस न किया जाए। श्रीनिवास ने ही ये 30 हजार रुपये रेड मारने वाली टीम को मुहैया कराए थे जिन पर केमिकल लगाकर रेड की गई थी।
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एसीबी फरीदाबाद थाना में ये एफआईआर 7 जुलाई 2023 को दर्ज हुई थी। नंगला एन्क्लेव पार्ट एक के रहने वाले श्रीनिवास ने एंटी करप्शन ब्यूरो को शिकायत देकर बताया कि वह निजी कंपनियों में लेबर मुहैया कराते हैं। उनका एक कंपनी के साथ पीएफ जमा कराने को लेकर विवाद हो गया था। इस विवाद को लेकर कंपनी की तरफ से मुजेसर थाना में श्रीनिवास के खिलाफ शिकायत दी गई थी। मुजेसर थाना में तैनात एएसआई जसपाल ने इस केस की जांच के लिए श्रीनिवास को बुलाया और समझौता कराने की एवज में 1 लाख रुपये मांगे। एएसआई ने थाने में लिखित में समझौता कराया और श्रीनिवास ने उसे 2 बार में 70 हजार रुपये दे दिए। एएसआई जसपाल 30 हजार रुपये मांगता रहा तो शिकायतकर्ता ने एसीबी को ऑडियो रिकॉर्डिंग के साथ शिकायत दी।
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इंस्पेक्टर राकेश ने आला अधिकारियों को शिकायत व सबूत दिखाकर एफआईआर दर्ज की। बिजली निगम के एक्सईएन को रेड के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैयार किया गया। उनकी मौजूदगी में टीम मुजेसर थाना पहुंची तो टीम को देखकर एएसआई जसपाल भागने लगा और केमिकल लगे 500 रुपये के नोट भी गिरा दिए। एसीबी टीम ने उसे काबू किया और नोट बरामद कर उसके हाथ धुलवाए तो नोटों पर लगा रंग उसके हाथों पर मिला।

एसीबी ने आरोपी के खिलाफ चालान अदालत में पेश किया जिसमें 22 गवाह बनाए गए। ट्रायल के दौरान शिकायतकर्ता श्रीनिवास अपने बयान से पलट गया। वहीं फोरेंसिक लैब रिपोर्ट में आरोपी व शिकायतकर्ता के बीच बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग और बाद में लिए गए इनके वायस सैंपल समेत अन्य पुख्ता गवाहों व सबूतों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा पर फैसला सुनाया है।
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