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बारिश में भी नहीं डिगा हौसला, आशाओं की हड़ताल सातवें दिन भी जारी
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फरीदाबाद। भारी बारिश में आशा कार्यकर्ताओं की हड़ताल सातवें दिन भी जारी रही। बृहस्पतिवार को सिविल अस्पताल बीके के बाहर उन्होंने अपनी मांगों के लिए सरकार विरोध नारे लगाए और कहा, अगर उनकी मांगों को सरकार ने लागू नहीं किया तो हड़ताल आगे भी बढ़ सकती है।
आशा वर्कर यूनियन अपनी लंबित मांगों की प्राप्ति के लिए सात अगस्त से हड़ताल पर हैं। आशा वर्कर कई बार ज्ञापन के माध्यम से स्वास्थ्य अधिकारियाें को अपनी मांगों से अवगत करवा चुकी हैं। यूनियन की वित्त सचिव सुधा पाल ने कहा कि डायरेक्टर हेल्थ मिशन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी आशाओं की मांगों को लागू करना तो दूर की बात है, उन्हें बातचीत के लिए भी समय नहीं दे रहे हैं। सरकार की इस हठधर्मिता को देखते हुए यूनियन ने हड़ताल को चार दिन और बढ़ा दिया है। हड़ताल में आंदोलन का स्वरूप निर्धारित करने के लिए आगामी 16 अगस्त को राज्य कमेटी की बैठक रोहतक में बुलाई गई है। सभा की अध्यक्षता कर रही जिला प्रधान हेमलता और संचालक नीलम जोशी, जिला उपाध्यक्ष वीरेंद्र डगवाल ने राज्य सरकार पर आशा कार्यकर्ताओं के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी की बीमारी में सबसे अधिक काम करने वाली आशाओं को केंद्र सरकार द्वारा घोषित प्रोत्साहन राशियों का अभी तक भुगतान नहीं किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उनको सर्वे के दौरान स्वयं की रक्षा के लिए पीपीई किट, सैनिटाइजर, दस्ताने और मास्क तक नहीं देते हैं जबकि प्रत्येक कॉलोनी, गली, मोहल्ले और सेक्टरों में बीमारी से ग्रसित आम लोगों की सर्वे रिपोर्ट लाने के लिए इन पर दबाव बनाया जाता है। यूनियन ने सरकार से आशा वर्कर्स को हेल्थ वर्कर का दर्जा देने के 21 जुलाई को जारी किए गए नोटिफिकेशन के सभी बचे हुए निर्णय को लागू करने की मांग की है।
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आशा वर्कर यूनियन अपनी लंबित मांगों की प्राप्ति के लिए सात अगस्त से हड़ताल पर हैं। आशा वर्कर कई बार ज्ञापन के माध्यम से स्वास्थ्य अधिकारियाें को अपनी मांगों से अवगत करवा चुकी हैं। यूनियन की वित्त सचिव सुधा पाल ने कहा कि डायरेक्टर हेल्थ मिशन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी आशाओं की मांगों को लागू करना तो दूर की बात है, उन्हें बातचीत के लिए भी समय नहीं दे रहे हैं। सरकार की इस हठधर्मिता को देखते हुए यूनियन ने हड़ताल को चार दिन और बढ़ा दिया है। हड़ताल में आंदोलन का स्वरूप निर्धारित करने के लिए आगामी 16 अगस्त को राज्य कमेटी की बैठक रोहतक में बुलाई गई है। सभा की अध्यक्षता कर रही जिला प्रधान हेमलता और संचालक नीलम जोशी, जिला उपाध्यक्ष वीरेंद्र डगवाल ने राज्य सरकार पर आशा कार्यकर्ताओं के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी की बीमारी में सबसे अधिक काम करने वाली आशाओं को केंद्र सरकार द्वारा घोषित प्रोत्साहन राशियों का अभी तक भुगतान नहीं किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उनको सर्वे के दौरान स्वयं की रक्षा के लिए पीपीई किट, सैनिटाइजर, दस्ताने और मास्क तक नहीं देते हैं जबकि प्रत्येक कॉलोनी, गली, मोहल्ले और सेक्टरों में बीमारी से ग्रसित आम लोगों की सर्वे रिपोर्ट लाने के लिए इन पर दबाव बनाया जाता है। यूनियन ने सरकार से आशा वर्कर्स को हेल्थ वर्कर का दर्जा देने के 21 जुलाई को जारी किए गए नोटिफिकेशन के सभी बचे हुए निर्णय को लागू करने की मांग की है।
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