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Faridabad News: गर्मी बढ़ते ही होने लगी पेयजल की किल्लत, बदबूदार पानी से लोग परेशान
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शहर में 450 एमएलडी पेयजल की मांग, 330 की हो रही आपूर्ति
अमर उजाला ब्यूूरो
फरीदाबाद। अप्रैल में ही शहर में पानी की किल्लत होने लगी है। सेक्टर-31 में लंबे समय से बदबूदार पेयजल की शिकायत कर लोग थक चुके हैं लेकिन समाधान नहीं हुआ। सेक्टर-37 में भी बेहद कम समय पानी पहुंच रहा है। वहीं, अपंजीकृत काॅलोनियों का हाल तो सबसे बेहाल है।
सेक्टर-37 निवासियों ने बताया कि लगभग एक सप्ताह से पेयजल आपूर्ति में व्यवधान पड़ रहा है। सुबह यदि आपूर्ति होती है तो शाम को पेयजल आपूर्ति बंद रहती है। दिन में लगभग 30 प्रतिशत ही पेयजल आपूर्ति हो पा रही है। सबसे अधिक इंद्रप्रस्थ काॅलोनीवासियों को जल आपूर्ति न पहुंचने की समस्या है।
सेक्टर-31 इंद्रप्रस्थ काॅलोनी के निवासियों का कहना है कि पिछले छह माह से सेक्टर में अक्सर बदबूदार पानी आने की समस्या का लोग सामना कर रहे हैं। यहां लोहे की पेयजल लाइन पड़ी हुई है। सीवर का पानी जब भी ओवरफ्लो होता है तो पेयजल लाइन में सीवर का पानी मिल जाता है। इसके लिए नगर निगम के समाधान शिविर में भी शिकायत की है लेकिन काम नहीं हुआ। संबंधित विभाग के कर्मी पहुंंचकर सीवरेज की लाइन साफ कर देते हैं, कुछ दिन समस्या कम हो जाती है। कुछ दिन बाद दोबारा समस्या शुरू हो जाती है। समस्या का निराकरण पूरी तरह अभी तक नहीं हुआ। इससे काॅलोनीवासियों को बीमारी का भी खतरा है।
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120 एमएलडी पेयजल की कमी
फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण की ओर से शहर में पेयजल आपूर्ति की जिम्मेदारी हैं। प्राधिकरण के अनुसार शहर में 450 एमएलडी पेयजल आपूर्ति की मांग है। वहीं, 22 रेनीवेल हैं। निगम, एचएसवीपी और एफएमडीए के 1830 बोरवेल हैं। इनकी सहायता से 330 एमएलडी पेयजल मिल पाता है। अभी 120 एमएलडी पेयजल आपूर्ति की शहर में कमी है।
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निजी टैंकरों से लोग पानी खरीदकर गुजारा कर रहे
शहर में करीब 310 अपंजीकृत काॅलोनियां हैं। इनमें से अधिकतर एनआईटी विधानसभा और नहर पार तिगांव क्षेत्र में हैं। सरकार की ओर से हालांकि 81 काॅलोनियों को सभी सुविधाएं देने के लिए पंजीकृत किया गया था। हालांकि, सभी काॅलोनियों के हालातों में अधिक अंतर नहीं आया है। दोनों विधानसभा क्षेत्रों की करीब 50 काॅलोनियों में गर्मी बढ़ते ही जल संकट शुरू हो गया है। यहां निजी टैंकरों से लोग पानी खरीदकर गुजारा कर रहे हैं।
छह माह से बदबूदार पेयजल की समस्या से लोग ग्रसित हैं। पेयजल लाइन फटी होने और सीवरेज ओवरफ्लो होने के दौरान पेयजल में सीवरेज का पानी आ जाता है। - मुकेश कंबोज, इंद्रप्रस्थ कालोनी सेक्टर-31
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जीवन नगर में एक अवैध पंप के जरिए भूगर्भ जल दोहन कर डीएलएफ इंडस्ट्रियल क्षेत्र में कंपनियों को टैंकरों से पानी आपूर्ति किया जाता है। वहीं, इस पानी से ट्रकों के धोने में भी काम किया जाता है। एक तरफ पेयजल आपूर्ति की कमी है। वहीं, टैंकर माफिया भूजल का दोहन कर रहे हैं। - केतन सूरी, आरटीआई एक्टिविस्ट
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शहर में अधिकतर स्थानों पर पेयजल आपूर्ति ठीक है। कुछ स्थानों पर व्यवधानों के चलते आपूर्ति बाधित है तो उसे भी ठीक करा दिया जाएगा। - विशाल बंसल, मुख्य अभियंता एफएमडीए
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अमर उजाला ब्यूूरो
फरीदाबाद। अप्रैल में ही शहर में पानी की किल्लत होने लगी है। सेक्टर-31 में लंबे समय से बदबूदार पेयजल की शिकायत कर लोग थक चुके हैं लेकिन समाधान नहीं हुआ। सेक्टर-37 में भी बेहद कम समय पानी पहुंच रहा है। वहीं, अपंजीकृत काॅलोनियों का हाल तो सबसे बेहाल है।
सेक्टर-37 निवासियों ने बताया कि लगभग एक सप्ताह से पेयजल आपूर्ति में व्यवधान पड़ रहा है। सुबह यदि आपूर्ति होती है तो शाम को पेयजल आपूर्ति बंद रहती है। दिन में लगभग 30 प्रतिशत ही पेयजल आपूर्ति हो पा रही है। सबसे अधिक इंद्रप्रस्थ काॅलोनीवासियों को जल आपूर्ति न पहुंचने की समस्या है।
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सेक्टर-31 इंद्रप्रस्थ काॅलोनी के निवासियों का कहना है कि पिछले छह माह से सेक्टर में अक्सर बदबूदार पानी आने की समस्या का लोग सामना कर रहे हैं। यहां लोहे की पेयजल लाइन पड़ी हुई है। सीवर का पानी जब भी ओवरफ्लो होता है तो पेयजल लाइन में सीवर का पानी मिल जाता है। इसके लिए नगर निगम के समाधान शिविर में भी शिकायत की है लेकिन काम नहीं हुआ। संबंधित विभाग के कर्मी पहुंंचकर सीवरेज की लाइन साफ कर देते हैं, कुछ दिन समस्या कम हो जाती है। कुछ दिन बाद दोबारा समस्या शुरू हो जाती है। समस्या का निराकरण पूरी तरह अभी तक नहीं हुआ। इससे काॅलोनीवासियों को बीमारी का भी खतरा है।
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120 एमएलडी पेयजल की कमी
फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण की ओर से शहर में पेयजल आपूर्ति की जिम्मेदारी हैं। प्राधिकरण के अनुसार शहर में 450 एमएलडी पेयजल आपूर्ति की मांग है। वहीं, 22 रेनीवेल हैं। निगम, एचएसवीपी और एफएमडीए के 1830 बोरवेल हैं। इनकी सहायता से 330 एमएलडी पेयजल मिल पाता है। अभी 120 एमएलडी पेयजल आपूर्ति की शहर में कमी है।
निजी टैंकरों से लोग पानी खरीदकर गुजारा कर रहे
शहर में करीब 310 अपंजीकृत काॅलोनियां हैं। इनमें से अधिकतर एनआईटी विधानसभा और नहर पार तिगांव क्षेत्र में हैं। सरकार की ओर से हालांकि 81 काॅलोनियों को सभी सुविधाएं देने के लिए पंजीकृत किया गया था। हालांकि, सभी काॅलोनियों के हालातों में अधिक अंतर नहीं आया है। दोनों विधानसभा क्षेत्रों की करीब 50 काॅलोनियों में गर्मी बढ़ते ही जल संकट शुरू हो गया है। यहां निजी टैंकरों से लोग पानी खरीदकर गुजारा कर रहे हैं।
छह माह से बदबूदार पेयजल की समस्या से लोग ग्रसित हैं। पेयजल लाइन फटी होने और सीवरेज ओवरफ्लो होने के दौरान पेयजल में सीवरेज का पानी आ जाता है। - मुकेश कंबोज, इंद्रप्रस्थ कालोनी सेक्टर-31
जीवन नगर में एक अवैध पंप के जरिए भूगर्भ जल दोहन कर डीएलएफ इंडस्ट्रियल क्षेत्र में कंपनियों को टैंकरों से पानी आपूर्ति किया जाता है। वहीं, इस पानी से ट्रकों के धोने में भी काम किया जाता है। एक तरफ पेयजल आपूर्ति की कमी है। वहीं, टैंकर माफिया भूजल का दोहन कर रहे हैं। - केतन सूरी, आरटीआई एक्टिविस्ट
शहर में अधिकतर स्थानों पर पेयजल आपूर्ति ठीक है। कुछ स्थानों पर व्यवधानों के चलते आपूर्ति बाधित है तो उसे भी ठीक करा दिया जाएगा। - विशाल बंसल, मुख्य अभियंता एफएमडीए