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Faridabad News: रामलीला मंचन की तैयारियों में जुटे कलाकार
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सीता स्वयंवर, राम वनवास और सीता हरण के प्रसंगों का अभ्यास तेज
हेमलता
बल्लभगढ़। शहर में रामलीला मंचन की तैयारियां तेज हो गई हैं। कलाकार संवाद, अभिनय और मंचन का अभ्यास कर रहे हैं। खास बात यह है कि श्री श्रद्धा रामलीला कमेटी की रामलीला में गोस्वामी तुलसीदास की चौपाइयों के साथ उर्दू शब्दों से सजे संवाद सुनने को मिलेंगे।
राम, लक्ष्मण, सीता, रावण, हनुमान और अंगद के पात्रों के संवादों में हिंदी और उर्दू का ऐसा मेल दिखाई देता है, जो गंगा-जमुना तहजीब की मिसाल पेश करता है। कमेटी के मुख्य निर्देशक अनिल चावला के अनुसार, करीब सात दशक पहले शुरू हुई इस रामलीला की पटकथा की परंपरा आज भी आगे बढ़ रही है। देश के विभाजन के दौरान उत्तर-पश्चिमी सीमांत प्रांत के बन्नू, डेरा इस्माइल खान, कोहाट और पेशावर से आए परिवारों ने अपनी रामलीला की परंपरा और पटकथा को भी साथ रखा। बाद में इसमें राधेश्याम और जसवंत सिंह टोहानवी की लिखी रामायण के अंश भी जोड़े गए। 12 नवंबर 1976 को रामलीला का रजिस्टर तैयार किया गया था, जिसे जरूरत के अनुसार मामूली बदलाव के साथ अब तक इस्तेमाल किया जा रहा है।
राम वनवास के प्रसंग में लक्ष्मण के संवाद में ‘मुकम्मल’, ‘तख्त’, ‘हवस’, ‘यकीं’ और ‘कजा’ जैसे शब्द सुनाई देते हैं। वहीं सीता हरण के दौरान रावण के संवादों में ‘तकदीर’, ‘तदबीर’ और ‘सत्कार’ जैसे शब्दों का प्रयोग होता है। परशुराम-लक्ष्मण संवाद में ‘सितमगर’, ‘फौलाद’, ‘नाहर’, ‘शरर’, ‘आतिशे कहर’ और ‘तूफान’ जैसे शब्द संवाद को प्रभावशाली बनाते हैं। कलाकारों को इन शब्दों के अर्थ और सही उच्चारण का भी अभ्यास कराया जाता है।
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एलएलबी फाइनल ईयर की छात्रा दिपांशी निभाएंगी सीता का किरदार
फरीदाबाद की सबसे पुरानी विजय रामलीला कमेटी के कलाकारों ने रामलीला मंचन की तैयारियां शुरू कर दी हैं। कलाकार इन दिनों सीता स्वयंवर सहित रामायण के विभिन्न प्रसंगों के मंचन का अभ्यास कर रहे हैं। कमेटी के पदाधिकारियों के अनुसार इस बार रामलीला का मंचन पूर्व चेयरमैन एवं निर्देशक विश्वबंधु शर्मा को समर्पित रहेगा। कमेटी के चेयरमैन टेकचंद नागपाल और महासचिव नवीन अरोड़ा ने बताया कि रामलीला मंचन से पहले छह अक्टूबर को सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया जाएगा। इसका पाठ रसराज़ महाराज करेंगे। इसके बाद सात से 21 अक्टूबर तक रामलीला के विभिन्न प्रसंगों का मंचन होगा। रामलीला में सीता का किरदार एलएलबी फाइनल ईयर की छात्रा दिपांशी अरोड़ा निभाएंगी।
जागृति रामलीला की ओर से अभ्यास शुरू
जागृति रामलीला कमेटी के कार्यकारी सदस्य योगेश भाटिया ने बताया कि कलाकार पिछले एक सप्ताह से नियमित रिहर्सल कर रहे हैं। भगवान राम की भूमिका अनिल गाढ़ी और रावण की भूमिका संजय भाटिया निभाएंगे। लक्ष्मण का राकेश भाटिया, हनुमान का सिमरन भाटिया, दशरथ का प्रीतम सिंह और सीता का किरदार सलोनी निभाएंगीं। इसके अलावा मेघनाद की भूमिका नितिन, विभीषण और नारद की कमल कपूर, सुग्रीव की शिवम, बाली की प्रीतम और ताड़का की भूमिका सनी सिंह निभाएंगे।
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हेमलता
बल्लभगढ़। शहर में रामलीला मंचन की तैयारियां तेज हो गई हैं। कलाकार संवाद, अभिनय और मंचन का अभ्यास कर रहे हैं। खास बात यह है कि श्री श्रद्धा रामलीला कमेटी की रामलीला में गोस्वामी तुलसीदास की चौपाइयों के साथ उर्दू शब्दों से सजे संवाद सुनने को मिलेंगे।
राम, लक्ष्मण, सीता, रावण, हनुमान और अंगद के पात्रों के संवादों में हिंदी और उर्दू का ऐसा मेल दिखाई देता है, जो गंगा-जमुना तहजीब की मिसाल पेश करता है। कमेटी के मुख्य निर्देशक अनिल चावला के अनुसार, करीब सात दशक पहले शुरू हुई इस रामलीला की पटकथा की परंपरा आज भी आगे बढ़ रही है। देश के विभाजन के दौरान उत्तर-पश्चिमी सीमांत प्रांत के बन्नू, डेरा इस्माइल खान, कोहाट और पेशावर से आए परिवारों ने अपनी रामलीला की परंपरा और पटकथा को भी साथ रखा। बाद में इसमें राधेश्याम और जसवंत सिंह टोहानवी की लिखी रामायण के अंश भी जोड़े गए। 12 नवंबर 1976 को रामलीला का रजिस्टर तैयार किया गया था, जिसे जरूरत के अनुसार मामूली बदलाव के साथ अब तक इस्तेमाल किया जा रहा है।
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राम वनवास के प्रसंग में लक्ष्मण के संवाद में ‘मुकम्मल’, ‘तख्त’, ‘हवस’, ‘यकीं’ और ‘कजा’ जैसे शब्द सुनाई देते हैं। वहीं सीता हरण के दौरान रावण के संवादों में ‘तकदीर’, ‘तदबीर’ और ‘सत्कार’ जैसे शब्दों का प्रयोग होता है। परशुराम-लक्ष्मण संवाद में ‘सितमगर’, ‘फौलाद’, ‘नाहर’, ‘शरर’, ‘आतिशे कहर’ और ‘तूफान’ जैसे शब्द संवाद को प्रभावशाली बनाते हैं। कलाकारों को इन शब्दों के अर्थ और सही उच्चारण का भी अभ्यास कराया जाता है।
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एलएलबी फाइनल ईयर की छात्रा दिपांशी निभाएंगी सीता का किरदार
फरीदाबाद की सबसे पुरानी विजय रामलीला कमेटी के कलाकारों ने रामलीला मंचन की तैयारियां शुरू कर दी हैं। कलाकार इन दिनों सीता स्वयंवर सहित रामायण के विभिन्न प्रसंगों के मंचन का अभ्यास कर रहे हैं। कमेटी के पदाधिकारियों के अनुसार इस बार रामलीला का मंचन पूर्व चेयरमैन एवं निर्देशक विश्वबंधु शर्मा को समर्पित रहेगा। कमेटी के चेयरमैन टेकचंद नागपाल और महासचिव नवीन अरोड़ा ने बताया कि रामलीला मंचन से पहले छह अक्टूबर को सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया जाएगा। इसका पाठ रसराज़ महाराज करेंगे। इसके बाद सात से 21 अक्टूबर तक रामलीला के विभिन्न प्रसंगों का मंचन होगा। रामलीला में सीता का किरदार एलएलबी फाइनल ईयर की छात्रा दिपांशी अरोड़ा निभाएंगी।
जागृति रामलीला की ओर से अभ्यास शुरू
जागृति रामलीला कमेटी के कार्यकारी सदस्य योगेश भाटिया ने बताया कि कलाकार पिछले एक सप्ताह से नियमित रिहर्सल कर रहे हैं। भगवान राम की भूमिका अनिल गाढ़ी और रावण की भूमिका संजय भाटिया निभाएंगे। लक्ष्मण का राकेश भाटिया, हनुमान का सिमरन भाटिया, दशरथ का प्रीतम सिंह और सीता का किरदार सलोनी निभाएंगीं। इसके अलावा मेघनाद की भूमिका नितिन, विभीषण और नारद की कमल कपूर, सुग्रीव की शिवम, बाली की प्रीतम और ताड़का की भूमिका सनी सिंह निभाएंगे।