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सुबह से छाया स्मॉग, एक्यूआई 446 पार
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प्रदूषण के कारण दिनभर शहर में स्मॉग छाया रहा।
- फोटो : Faridabad
सुबह से छाया स्मॉग, एक्यूआई 446 पार
फरीदाबाद। शहर में एक बार फिर प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा है। बुधवार को जिले में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में प्रदूषक तत्व पार्टिकुलेट मैटर (पीएम)-2.5 का स्तर 446 माक्रोग्राम प्रतिघन मीटर दर्ज किया गया। सुबह से ही आसमान में स्मॉग की चादर चढ़ी रही। इस दौरान सूर्य देव के दर्शन भी ठीक से नहीं हो सके। इस कारण लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में भी परेशानी रही। पिछले कुछ दिनों से प्रदूषण के कारण पार्कों में सैर करने वालों की संख्या भी कम है।
जिले का प्रदूषण स्तर दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। पिछले चार दिनों में एक्यूआई का स्तर 400 के पार पहुंच गया है। मंगलवार को एक्यूआई जहां 404 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर था, वहीं बुधवार को और बढ़कर 440 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर तक पहुंच गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार अगले दो दिन 14 व 15 नवंबर को एक्यूआई का स्तर और बढ़ने की संभावना है। इससे लोगों को सांस लेने में भी ज्यादा परेशानी होने लगेगी। पिछले सप्ताह भी एक्यूआई 496 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर तक पहुंच गया था, लेकिन हवा चलने के कारण दो दिन में घटकर 300 से नीचे आ गया था। बुधवार सुबह से ही आसमान में स्मॉग छाया रहा। इससे काफी देर तक सूर्य देव के दर्शन नहीं हो सके।
निगम और पीसीबी के दावे फेल
प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) की टीमें लगातार प्रयास करने की दावा कर रही हैं। नगर निगम रोजाना फायर ब्रिगेड के माध्यम से पेड़ों पर पानी की बौछार करवाने की बात कह रहा है। इसके अलावा खुले में निर्माण सामग्री, निर्माण कार्य, कूड़ा जलाने वालों के चालान किए जा रहे हैं। लेकिन प्रदूषण का स्तर इतना बढ़ने के बाद भी पूरे शहर में निर्माण कार्य धड़ल्ले से चल रहा है। वहीं पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण के आदेश पर शहर के सैकड़ों उद्योग पिछले 17 दिन से बंद पड़े हैं। इसके बावजूद प्रदूषण के स्तर में कमी नहीं आ रही है।
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डॉक्टरों की सलाह, सैर पर नहीं निकलें
हवा में लगातार बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों को सांस लेने और आंखों में जलन की शिकायत होने लगी है। डॉक्टरों ने लोगों को सुबह की सैर पर नहीं जाने की सलाह दे रहे हैं। सुबह के समय स्मॉग अधिक होने के कारण सैर करना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि अस्थमा के मरीज, बुजुर्ग व बच्चे घर से बाहर निकलें तो मुंह पर मास्क लगाकर निकलें।
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फरीदाबाद। शहर में एक बार फिर प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा है। बुधवार को जिले में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में प्रदूषक तत्व पार्टिकुलेट मैटर (पीएम)-2.5 का स्तर 446 माक्रोग्राम प्रतिघन मीटर दर्ज किया गया। सुबह से ही आसमान में स्मॉग की चादर चढ़ी रही। इस दौरान सूर्य देव के दर्शन भी ठीक से नहीं हो सके। इस कारण लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में भी परेशानी रही। पिछले कुछ दिनों से प्रदूषण के कारण पार्कों में सैर करने वालों की संख्या भी कम है।
जिले का प्रदूषण स्तर दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। पिछले चार दिनों में एक्यूआई का स्तर 400 के पार पहुंच गया है। मंगलवार को एक्यूआई जहां 404 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर था, वहीं बुधवार को और बढ़कर 440 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर तक पहुंच गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार अगले दो दिन 14 व 15 नवंबर को एक्यूआई का स्तर और बढ़ने की संभावना है। इससे लोगों को सांस लेने में भी ज्यादा परेशानी होने लगेगी। पिछले सप्ताह भी एक्यूआई 496 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर तक पहुंच गया था, लेकिन हवा चलने के कारण दो दिन में घटकर 300 से नीचे आ गया था। बुधवार सुबह से ही आसमान में स्मॉग छाया रहा। इससे काफी देर तक सूर्य देव के दर्शन नहीं हो सके।
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निगम और पीसीबी के दावे फेल
प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) की टीमें लगातार प्रयास करने की दावा कर रही हैं। नगर निगम रोजाना फायर ब्रिगेड के माध्यम से पेड़ों पर पानी की बौछार करवाने की बात कह रहा है। इसके अलावा खुले में निर्माण सामग्री, निर्माण कार्य, कूड़ा जलाने वालों के चालान किए जा रहे हैं। लेकिन प्रदूषण का स्तर इतना बढ़ने के बाद भी पूरे शहर में निर्माण कार्य धड़ल्ले से चल रहा है। वहीं पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण के आदेश पर शहर के सैकड़ों उद्योग पिछले 17 दिन से बंद पड़े हैं। इसके बावजूद प्रदूषण के स्तर में कमी नहीं आ रही है।
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डॉक्टरों की सलाह, सैर पर नहीं निकलें
हवा में लगातार बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों को सांस लेने और आंखों में जलन की शिकायत होने लगी है। डॉक्टरों ने लोगों को सुबह की सैर पर नहीं जाने की सलाह दे रहे हैं। सुबह के समय स्मॉग अधिक होने के कारण सैर करना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि अस्थमा के मरीज, बुजुर्ग व बच्चे घर से बाहर निकलें तो मुंह पर मास्क लगाकर निकलें।