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अस्पतालों में एंटी रेबीज वैक्सीन खत्म, बाजार से खरीदने पर मजबूर मरी

Sat, 12 Mar 2022 10:47 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 12 Mar 2022 10:47 PM IST
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Anti rabies vaccine finished in hospitals, forced to buy from market
बीके नागरिक अस्पताल में निजी खरीद के बाद एआरवी लगवाता मरीज। - फोटो : Faridabad
फरीदाबाद। स्वास्थ्य विभाग के पास बेसहारा कुत्ते के काटने पर लगने वाली एंटी रेबीज वैक्सीन तक उपलब्ध नहीं है। इन दिनों बीके नागरिक अस्पताल सहित बल्लभगढ़ स्थित सरकारी अस्पताल तक में एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) नदारद है। मरीजों को निजी मेडिकल स्टोर से स्वयं वैक्सीन खरीदकर लानी पड़ रही है। इससे मरीजों की जेब पर तो बोझ बढ़ा ही है, साथ ही स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठ रहे हैं।
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शनिवार को बीके नागरिक अस्पताल में टीकाकरण के लिए पहुंचे 12 वर्षीय मोहम्मद उमर अपनी मां के साथ दोपहर करीब 12 बजे टीकाकरण के लिए पहुंचे। यहां उन्हें पता चला कि अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। टीकाकरण कक्ष में बैठे कर्मचारियों ने बताया कि अस्पताल में सात मार्च से एआरवी टीका उपलब्ध नहीं है। ऐसे में एआरवी की डोज के लिए आने वाले लोगों को वापस लौटाया जा रहा है। टीकाकरण के लिए जिले में हर दिन औतसन 60 से 80 लोग पहुंच रहे हैं। इन दिनों टीका खत्म होने के कारण यह बिना टीके लगवाए या तो वापस लौटाये जा रहे हैं या मरीजों को स्वयं खरीदकर वैक्सीन लगवाने की सलाह दी जा रही है। सुमेर 33 वर्षीय भतीजे रामसिंह के साथ अस्पताल पहुंचा। मौके पर टीका खत्म होने की बात सुनकर सुमेर घबरा गया। उनका कहना था कि शुक्रवार को भतीजे को कुत्ते ने काटा था। उसी शाम वह भतीजे को लेकर बीके नागरिक अस्पताल पहुंचा। मौके पर टीका खत्म होने की बात कहकर लौटा दिया गया। सुमेर ने निजी खरीद पर टीकाकरण करने के लिए अस्पताल कर्मियों से बात की। तो जवाब मिला कि एआरवी टीका केवल दोपहर दो बजे तक ही लगता है। अगले दिन आकर टीकाकरण कराना। शनिवार को वह 350 रुपये का टीका खरीदकर लाए। इसके बाद उनके भतीजे रामसिंह का टीकाकरण हो सका। बताते चलें कि एआरवी टीके का सरकारी शुल्क 100 रुपये है।
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अस्पताल में आने वाले मरीजों को सभी सेवाएं दी जा रही हैं। एआरवी का स्टॉक वेयर हाउस में ही खत्म है। आर्थिक रुप से कमजोर लोगों को अस्पताल प्रबंधन मदद दे रहा है। एआरवी की मांग भेजी गई है। टीका मिलते ही सभी मरीजों को टीका मिलने लगेगा।
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- डॉ. सविता यादव, प्रधान चिकित्सा अधिकारी
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