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निकिता हत्याकांड: गुस्साए लोगों ने दुकानों में की तोड़फोड़
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फरीदाबाद में निकिता तोमर की गोली मारकर हत्या करने वालों को कड़ी सजा की मांग को लेकर अपना घर सोसाय?
- फोटो : Faridabad
फरीदाबाद। सोहना रोड पर जाम लगाए जाने के दौरान लोग भड़क उठे। इस दौरान गुस्साए लोगों ने कुछ दुकानों में तोड़फोड़ भी की, इनमें मीट की दुकान भी शामिल थी। हालांकि पुलिस बल की मौजूदगी के चलते स्थिति जल्द ही काबू में कर ली गई। हत्याकांड के विरोध में सुबह करीब साढ़े आठ बजे सोहना रोड स्थित अपना घर सोसाइटी के सामने लोग इकट्ठा होने शुरू हो गए। नौ बजे से लोगों ने सड़क के बीच में एकत्रित होकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। सूचना पाकर अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जयवीर राठी, थाना सेक्टर-55 प्रभारी और आसपास की चौकी से पुलिस बल मौके पर पहुंच गया और जाम खुलवाने की कोशिश की। करीब 11 बजे तक मृतका निकिता के अन्य रिश्तेदार व परिजन भी मौके पर आ गए और मामला बढ़ने लगा। गुस्साई भीड़ ने धरनास्थल के पास स्थित मीट की दुकान के बोर्ड व टिनशेड आदि को तोड़ दिया।
डायवर्ट करके निकाला गया ट्रैफिक
शहर में जाम की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस ने बल्लभगढ़ से सोहना रोड पर आ रहे वाहनों को मुजेसर चौक व सेक्टर 55 चौक से सेक्टर 22, 23 को तरफ डायवर्ट कर दिया। उधर, सोहना की तरफ से आने वाले वाहनों को सरूरपुर चौक से पर्वतीया कॉलोनी साठ फीट रोड की तरफ डायवर्ट किया गया। मामला बढ़ता देख मौके पर पुलिस उपायुक्त हेडक्वार्टर, सभी जोन के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त व करीब आधा दर्जन थाना प्रभारी भारी दल-बल के साथ सोहना रोड पहुंचे। इस दौरान लोग लगातार पुलिस व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। हाईवे जाम करने के दौरान लोगों की परेशानी को देखते हुए पुलिस ने सीकरी से वाहनों को बाईपास रोड पर डायवर्ट कर दिया। इधर, गुड ईयर चौक से वाहनों को सेक्टर आठ रोड से बाईपास की तरफ भेजा गया।
कई जनप्रतिनिधि पहुंचे मौके पर, मगर नहीं मानी भीड़
जाम लगा रहे पीड़ित परिजनों और गुस्साए लोगों से मिलने एनआईटी से विधायक नीरज शर्मा के भाई मुकेश शर्मा, इनेलो महिला नेता जगजीत कौर, एनआईटी से पूर्व विधायक नगेंद्र भड़ाना, महेंद्र सरपंच व आसपास के लोग पहुंचे। परिजनों की मांग थी कि उनसे मिलने केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर या जिला उपायुक्त आएं और उन्हें लिखित आश्वासन दें। जिससे उन्हें न्याय मिलने का भरोसा हो सके। इस बीच निकिता के कॉलेज से भी कुछ छात्र भीड़ में शामिल हो गए। इसके अलावा कुछ हिंदू संगठन भी प्रदर्शन में शामिल हो गए। जैसे ही भीड़ बल्लभगढ़ पुल पर पहुंची, यहां उनका पुलिस से टकराव हुआ। शुरुआत में कुछ युवा ही फ्लाईओवर तक पहुंचे थे। यहां पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की लेकिन बात नही बनी। देखते ही देखते भीड़ अड्डा फ्लाईओवर के पास इकट्ठा हो गई। यहां से नारेबाजी करते हुए लोग दिल्ली की तरफ चले और फ्लाईओवर के अंत में गुरुग्राम नहर के ऊपर बने पुल के ऊपर बैठ गए। लोगों के सड़क के बीचों बीच बैठ जाने से बल्लभगढ़ फ्लाईओवर पर जाम लग गया। यहां पुल का निर्माण कार्य चलने के कारण सिंचाई विभाग द्वारा लगाए गए बैरिकेड को लोगों में सड़क के बीच में लगा दरिया और दिल्ली से मथुरा जाने वाली साइड को भी बंद कर दिया। दोनों तरफ का ट्रैफिक बंद हो जाने से शहर में जाम बढ़ गया। जाम खुलवाने के लिए उपमंडल अधिकारी अपराजिता मौके पर पहुंची, लेकिन लोगों ने उनकी अपील नही सुनी।
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मूलचंद गो-बैक
इस दौरान पीड़ित परिवार से मिलने पूर्व विधायक योगेश शर्मा की बेटी पराग शर्मा, भाजपा नेत्री नीरा तोमर, शारदा राठौर भी पहुंची। लोग बार बार सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। शाम करीब चार बजे कैबिनेट मंत्री मूलचंद शर्मा लोगों से मिलने गए। उनसे जाम खोलने की अपील की। मंत्री को देखकर लोग और भड़क गए और ‘मूलचंद गो-बैक’ के नारे लगाने लगे। मंत्री के बार-बार समझाने के बावजूद लोगों ने उनकी एक न सुनी। मंत्री ने लोगों और पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया कि उनकी सभी जायज मांगे मान ली जाएंगी, मगर लोग उनकी बात को सुनने के लिए तैयार ही नहीं हुए। ऐसे में भारी विरोध देखकर मंत्री को वापस जाना पड़ा।
शाम 5 बजे खोला जाम
काफी देर तक सड़क जाम बढ़ता देख अतिरिक्त उपायुक्त सतबीर मान व उपमंडल अधिकारी अपराजिता व अतिरिक्त आयुक्त सुमेर सिंह ने निकिता के परिजनों से बात की। उनकी सभी बातें मान लेने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि परिवार की मांग के अनुसार निकिता तोमर हत्या मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाएगा। मामले की जांच उनके विश्वसनीय पुलिस अधिकारियों द्वारा कराई जाएगी। पूरे परिवार को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी। पुलिस एफआईआर में जो भी अलग बात वो जुड़वाना चाहें, उसे जोड़ा जाएगा। साथ ही दो साल पहले के अपहरण कांड में यदि किसी जांच अधिकारी की कोई मिलीभगत या कमी पाई जाएगी तो उस पर भी कार्रवाई की जाएगी। इन बातों के आश्वासन के बाद लोगों ने करीब सवा पांच बजे जाम को खोल दिया।
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डायवर्ट करके निकाला गया ट्रैफिक
शहर में जाम की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस ने बल्लभगढ़ से सोहना रोड पर आ रहे वाहनों को मुजेसर चौक व सेक्टर 55 चौक से सेक्टर 22, 23 को तरफ डायवर्ट कर दिया। उधर, सोहना की तरफ से आने वाले वाहनों को सरूरपुर चौक से पर्वतीया कॉलोनी साठ फीट रोड की तरफ डायवर्ट किया गया। मामला बढ़ता देख मौके पर पुलिस उपायुक्त हेडक्वार्टर, सभी जोन के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त व करीब आधा दर्जन थाना प्रभारी भारी दल-बल के साथ सोहना रोड पहुंचे। इस दौरान लोग लगातार पुलिस व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। हाईवे जाम करने के दौरान लोगों की परेशानी को देखते हुए पुलिस ने सीकरी से वाहनों को बाईपास रोड पर डायवर्ट कर दिया। इधर, गुड ईयर चौक से वाहनों को सेक्टर आठ रोड से बाईपास की तरफ भेजा गया।
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कई जनप्रतिनिधि पहुंचे मौके पर, मगर नहीं मानी भीड़
जाम लगा रहे पीड़ित परिजनों और गुस्साए लोगों से मिलने एनआईटी से विधायक नीरज शर्मा के भाई मुकेश शर्मा, इनेलो महिला नेता जगजीत कौर, एनआईटी से पूर्व विधायक नगेंद्र भड़ाना, महेंद्र सरपंच व आसपास के लोग पहुंचे। परिजनों की मांग थी कि उनसे मिलने केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर या जिला उपायुक्त आएं और उन्हें लिखित आश्वासन दें। जिससे उन्हें न्याय मिलने का भरोसा हो सके। इस बीच निकिता के कॉलेज से भी कुछ छात्र भीड़ में शामिल हो गए। इसके अलावा कुछ हिंदू संगठन भी प्रदर्शन में शामिल हो गए। जैसे ही भीड़ बल्लभगढ़ पुल पर पहुंची, यहां उनका पुलिस से टकराव हुआ। शुरुआत में कुछ युवा ही फ्लाईओवर तक पहुंचे थे। यहां पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की लेकिन बात नही बनी। देखते ही देखते भीड़ अड्डा फ्लाईओवर के पास इकट्ठा हो गई। यहां से नारेबाजी करते हुए लोग दिल्ली की तरफ चले और फ्लाईओवर के अंत में गुरुग्राम नहर के ऊपर बने पुल के ऊपर बैठ गए। लोगों के सड़क के बीचों बीच बैठ जाने से बल्लभगढ़ फ्लाईओवर पर जाम लग गया। यहां पुल का निर्माण कार्य चलने के कारण सिंचाई विभाग द्वारा लगाए गए बैरिकेड को लोगों में सड़क के बीच में लगा दरिया और दिल्ली से मथुरा जाने वाली साइड को भी बंद कर दिया। दोनों तरफ का ट्रैफिक बंद हो जाने से शहर में जाम बढ़ गया। जाम खुलवाने के लिए उपमंडल अधिकारी अपराजिता मौके पर पहुंची, लेकिन लोगों ने उनकी अपील नही सुनी।
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मूलचंद गो-बैक
इस दौरान पीड़ित परिवार से मिलने पूर्व विधायक योगेश शर्मा की बेटी पराग शर्मा, भाजपा नेत्री नीरा तोमर, शारदा राठौर भी पहुंची। लोग बार बार सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। शाम करीब चार बजे कैबिनेट मंत्री मूलचंद शर्मा लोगों से मिलने गए। उनसे जाम खोलने की अपील की। मंत्री को देखकर लोग और भड़क गए और ‘मूलचंद गो-बैक’ के नारे लगाने लगे। मंत्री के बार-बार समझाने के बावजूद लोगों ने उनकी एक न सुनी। मंत्री ने लोगों और पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया कि उनकी सभी जायज मांगे मान ली जाएंगी, मगर लोग उनकी बात को सुनने के लिए तैयार ही नहीं हुए। ऐसे में भारी विरोध देखकर मंत्री को वापस जाना पड़ा।
शाम 5 बजे खोला जाम
काफी देर तक सड़क जाम बढ़ता देख अतिरिक्त उपायुक्त सतबीर मान व उपमंडल अधिकारी अपराजिता व अतिरिक्त आयुक्त सुमेर सिंह ने निकिता के परिजनों से बात की। उनकी सभी बातें मान लेने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि परिवार की मांग के अनुसार निकिता तोमर हत्या मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाएगा। मामले की जांच उनके विश्वसनीय पुलिस अधिकारियों द्वारा कराई जाएगी। पूरे परिवार को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी। पुलिस एफआईआर में जो भी अलग बात वो जुड़वाना चाहें, उसे जोड़ा जाएगा। साथ ही दो साल पहले के अपहरण कांड में यदि किसी जांच अधिकारी की कोई मिलीभगत या कमी पाई जाएगी तो उस पर भी कार्रवाई की जाएगी। इन बातों के आश्वासन के बाद लोगों ने करीब सवा पांच बजे जाम को खोल दिया।