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वायु प्रदूषण: निर्माण स्थलों पर रहेगी ऑनलाइन नजर, बन रहा है पोर्टल, सीएक्यूएम के आदेश पर एचएसपीसीबी बनवा रहा है, इकाइयों को कराना होगा पंजीकरण
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Air pollution: Online monitoring will be done on construction sites
फरीदाबाद (दुर्गेश झा )। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के आदेश पर हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) अपनी ऑनलाइन तंत्र को मजबूत कर रहा है। इसके तहत एक वेब पोर्टल बना रहा है। बताया जा रहा है कि वेब पोर्टल पर 500 वर्ग मीटर या उससे अधिक क्षेत्र में फैले निर्माण इकाइयों को रजिस्टर्ड कराना अनिवार्य होगा। साथ ही निर्माणाधीन स्थलों पर वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए अपनाई गई व्यवस्थाओं की जानकारी भी अपलोड करना होगा।
एचएसपीसीबी से मिली जानकारी के अनुसार वेब पोर्टल को बनाने पर कार्य तेज कर दिया गया है। इसको बनाने की जिम्मेदारी आईटी टीम आदि को दी गई है। 20 जनवरी से पहले ही इसे तैयार कर लिए जाएंगे। इसके बाद से वायु प्रदूषण पर आसानी से नजर रखी जाएगी। फरीदाबाद में वायु प्रदूषण लगातार खराब श्रेणी में बना हुआ है। ऐसे में निर्माण कार्यों व तोड़फोड़ से होने वाले वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए वेब पोर्टल बनाया जा रहा है। यह पोर्टल वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के आदेेश पर बनाया जा रहा है। इसके माध्यम से धूल नियंत्रण संबंधी उपायों की जानकारी जुटाना आसान होगा। अधिकारियों के अनुसार वेब पोर्टल के बनने के बाद, इस पर 500 या उससे अधिक दायरे में चल रहे निर्माणाधीन स्थलों को रजिर्स्ड कराना अनिवार्य होगा। फरीदाबाद में इस तरह के 36 से अधिक निर्माण इकाई हैं।
उन्हें पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के बाद, वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए एंटी स्मॉग गन, पानी से बौछार, वाटर कैनन, पाइप से पानी छिड़काव, फायर हाईड्रेंट, स्प्रिंकलर आदि की व्यवस्था की जानकारी देनी होगी। प्रदूषण रोकथाम के उपयोगों की वीडियो-फोटो भी अपलोड करनी होगी। वेब पोर्टल से निर्माणाधीन स्थलों के साथ संबंधित विभागों पर भी 24 घंटे नजर रखी जाएगी। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व एचएसपीसीबी के उच्चाधिकारियों को जिले में प्रदूषण फैलने के मूल कारणों की आसानी से जानकारी मिलेगी। क्योंकि पोर्टल में रिमोट कनेक्टिविटी तकनीक से लैस लाइव वीडियो कांफ्रेंसिंग की व्यवस्था रहेगी।
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एचएसपीसीबी से मिली जानकारी के अनुसार वेब पोर्टल को बनाने पर कार्य तेज कर दिया गया है। इसको बनाने की जिम्मेदारी आईटी टीम आदि को दी गई है। 20 जनवरी से पहले ही इसे तैयार कर लिए जाएंगे। इसके बाद से वायु प्रदूषण पर आसानी से नजर रखी जाएगी। फरीदाबाद में वायु प्रदूषण लगातार खराब श्रेणी में बना हुआ है। ऐसे में निर्माण कार्यों व तोड़फोड़ से होने वाले वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए वेब पोर्टल बनाया जा रहा है। यह पोर्टल वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के आदेेश पर बनाया जा रहा है। इसके माध्यम से धूल नियंत्रण संबंधी उपायों की जानकारी जुटाना आसान होगा। अधिकारियों के अनुसार वेब पोर्टल के बनने के बाद, इस पर 500 या उससे अधिक दायरे में चल रहे निर्माणाधीन स्थलों को रजिर्स्ड कराना अनिवार्य होगा। फरीदाबाद में इस तरह के 36 से अधिक निर्माण इकाई हैं।
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उन्हें पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के बाद, वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए एंटी स्मॉग गन, पानी से बौछार, वाटर कैनन, पाइप से पानी छिड़काव, फायर हाईड्रेंट, स्प्रिंकलर आदि की व्यवस्था की जानकारी देनी होगी। प्रदूषण रोकथाम के उपयोगों की वीडियो-फोटो भी अपलोड करनी होगी। वेब पोर्टल से निर्माणाधीन स्थलों के साथ संबंधित विभागों पर भी 24 घंटे नजर रखी जाएगी। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व एचएसपीसीबी के उच्चाधिकारियों को जिले में प्रदूषण फैलने के मूल कारणों की आसानी से जानकारी मिलेगी। क्योंकि पोर्टल में रिमोट कनेक्टिविटी तकनीक से लैस लाइव वीडियो कांफ्रेंसिंग की व्यवस्था रहेगी।
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